डेफकॉन में मिला पारदर्शी ओपन सोर्स बाओचिप, सुरक्षा कुंजी की तरह भी करेगा काम वार्षिक डेफकॉन हैकर सम्मेलन के नए इलेक्ट्रॉनिक बैज में एंड्रयू हुवांग द्वारा डिजाइन किया गया बाओचिप-1x शामिल है। यह ओपन सोर्स माइक्रोकंट्रोलर न केवल सिलिकॉन स्तर पर निरीक्षण योग्य है, बल्कि सम्मेलन के बाद एक सुरक्षा टोकन के रूप में भी काम करता है। वार्षिक डेफकॉन हैकर सम्मेलन की यह पुरानी परंपरा रही है कि इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी न केवल सॉफ्टवेयर खामियों और हैकिंग की नई तकनीकों का ज्ञान लेकर लौटते हैं, बल्कि उन्हें एक जटिल इलेक्ट्रॉनिक बैज भी मिलता है। इन बैज में अक्सर उलझी हुई पहेलियां, कठिन क्रिप्टोग्राफिक चुनौतियां, छिपे हुए ईस्टरेग्स और यहां तक कि घड़ियों के यांत्रिक गियर तक शामिल होते हैं। हर साल बैज बनाने वाले डेवलपर्स पिछली डिजाइनों को पीछे छोड़ने और हैकर्स को चकित करने का प्रयास करते हैं। हालांकि, इस साल के बैज एक बिल्कुल अलग राह पर चलते हैं। इस बार बैज की बाहरी डिजाइन से ज्यादा उसके भीतर छिपी हुई हार्डवेयर तकनीक सबसे खास बनकर उभरी है। हैकर सम्मेलन के हार्डवेयर में एक बड़ा बदलाव इस साल डेफकॉन के संस्थापकों ने प्रसिद्ध हार्डवेयर इंजीनियर एंड्रयू "बनी" हुवांग से बैज तैयार करने का अनुरोध किया था। इन बैज में एक अभिनव ओपन सोर्स चिप शामिल की गई है, जिसे हुवांग ने खुद डिजाइन किया है। इस चिप का मुख्य उद्देश्य कंप्यूटिंग में सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के स्तर को आगे बढ़ाना है। यह चिप केवल बैज का हिस्सा बनकर नहीं रह जाती, बल्कि इसके मुख्य मॉड्यूल को सम्मेलन समाप्त होने के बाद निकाला जा सकता है। इसके बाद इसे एक स्वतंत्र हार्डवेयर सुरक्षा टोकन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे बैज को डेफकॉन के बाद भी एक नया जीवन मिलता है। पूर्ण पारदर्शिता का ढांचा: बाओचिप-1x के भीतर क्या है? इस चिप का नाम बाओचिप-1x है, जो एक मुख्य रूप से ओपन सोर्स माइक्रोकंट्रोलर है। इसे तैयार करने में तीन साल का समय लगा है। यह चिप हुवांग के उस बहुप्रतीक्षित सपने को पूरा करती है जिसमें वे एक ऐसी चिप बनाना चाहते थे जिसकी सुरक्षा को भौतिक रूप से सत्यापित किया जा सके। हुवांग ने बाओचिप के ऑपरेटिंग सिस्टम, फर्मवेयर, प्रोसेसर कोर, क्रिप्टोग्राफिक इंजन और इनपुट-आउटपुट सिस्टम के सोर्स कोड को गिटहब पर सार्वजनिक कर दिया है। इससे शोधकर्ता और डेवलपर्स इन घटकों की स्वतंत्र रूप से जांच और उपयोग कर सकते हैं। आमतौर पर कंप्यूटर चिप्स काले रंग के प्लास्टिक पैकेज में बंद होती हैं, जिनकी आंतरिक सर्किटरी बाहर से दिखाई नहीं देती। यहां तक कि जिन ओपन सोर्स चिप्स के स्पेसिफिकेशन और कोड जांच के लिए उपलब्ध थे, वे भी अपारदर्शी प्लास्टिक में बंद होती थीं। इससे आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में यह जोखिम बना रहता था कि क्या विनिर्माण के दौरान चिप में कोई बैकडोर या अवांछित घटक जोड़ तो नहीं दिया गया है। इसके विपरीत, बाओचिप-1x को इस तरह से पैक किया गया है कि सिलिकॉन के पिछले हिस्से से इंफ्रारेड प्रकाश गुजारा जा सकता है। इससे शोधकर्ता इंफ्रारेड लाइट के तहत चिप की आंतरिक संरचनाओं को देख सकते हैं और प्रकाशित डिजाइन के साथ इसका मिलान कर सकते हैं। लाखों डॉलर की विनिर्माण लागत की चुनौती को ऐसे किया पार एक नई चिप का निर्माण करना बेहद खर्चीला काम होता है, जिसमें फैब्रिकेशन के लिए लाखों डॉलर की आवश्यकता होती है। लेकिन तीन साल पहले हुवांग को तब एक बड़ा अवसर मिला जब क्रॉसबार नामक कंपनी ने उनसे संपर्क किया। कंपनी एक नई ओपन सोर्स और सुरक्षित चिप बनाना चाहती थी, लेकिन उन्हें इसकी स्पष्ट समझ नहीं थी। हुवांग इस शर्त पर उनकी मदद करने के लिए सहमत हुए कि वे उन्हें अपनी चिप वेफर पर हुवांग के CPU को साथ में विनिर्मित करने की अनुमति देंगे। इससे दोनों डिजाइनों ने एक ही मैन्युफैक्चरिंग रन साझा किया, जिससे हुवांग को अलग से भारी बजट जुटाने की जरूरत नहीं पड़ी। इस विनिर्माण साझेदारी के परिणामस्वरूप एक ऐसी क्रॉसबार चिप बनी जिसमें क्रॉसबार का माइक्रोप्रोसेसर और हुवांग का माइक्रोप्रोसेसर दोनों मौजूद हैं। डेफकॉन बैज में इस्तेमाल की गई बाओचिप मूल रूप से वही चिप है, लेकिन इसमें क्रॉसबार माइक्रोप्रोसेसर को निष्क्रिय (डिसएबल) कर दिया गया है क्योंकि हुवांग के पास उसे वितरित करने के अधिकार नहीं हैं। क्रॉसबार संस्करण में एक प्रोपराइटरी ARM कोर का उपयोग किया गया है, जबकि हुवांग का संस्करण ओपन सोर्स RISC-V कोर पर काम करता है। दोनों संस्करण एक ही अंतर्निहित बुनियादी ढांचे और परिधीय घटकों (पेरिफेरल्स) का उपयोग करते हुए अलग-अलग CPU को सक्रिय करते हैं। हालांकि TSMC की 22-नैनोमीटर विनिर्माण प्रक्रिया से जुड़े कुछ निचले स्तर के भौतिक डिजाइन proprietary हैं, फिर भी यह चिप वर्तमान में मौजूद किसी भी अन्य सुरक्षा-केंद्रित चिप की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी है। विकास के चरण से 27,000 बैज तक का सफर अतीत में डेफकॉन के बैज में कस्टम ओपन सोर्स सिलिकॉन के बजाय बाजार में उपलब्ध वाणिज्यिक चिप्स का इस्तेमाल किया जाता था। बाओचिप का उपयोग करने का विचार पिछले साल के अंत में तब आया जब हुवांग ने डेफकॉन के संस्थापक जेफ मॉस से मुलाकात की। हुवांग ने मॉस को बताया कि वे इस चिप को अपनी कंपनी बाओचिप के माध्यम से जारी करने की योजना बना रहे हैं। मॉस ने महसूस किया कि यह अवधारणा इस साल के डेफकॉन थीम "एजेंसी" के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिसका अर्थ उन तकनीकों और विकल्पों से है जो आत्मनिर्णय को बढ़ावा देते हैं। अब तक बाओचिप को केवल एक छोटे डेवलपमेंट रिलीज के रूप में वितरित किया गया था। इस साल सम्मेलन में वितरित किए जा रहे 27,000 डेफकॉन बैज इस चिप के पहले बड़े पैमाने पर वितरण का प्रतिनिधित्व करते हैं। जेफ मॉस की बैज के लिए एक मुख्य शर्त यह थी कि सम्मेलन के बाद लोग इन्हें कचरे में न फेंकें। वे लंबे समय से मौजूदा हार्डवेयर सुरक्षा टोकन और क्रिप्टो वॉलेट की सीमाओं से निराश रहे हैं, जिन्हें हार्डवेयर स्तर पर क्रैक किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने बाओचिप को एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देखा। सुरक्षा टोकन, गोपनीयता और नेटवर्किंग की विशेषताएं बैज का यह डिटैचेबल मॉड्यूल एक FIDO हार्डवेयर सुरक्षा टोकन के रूप में कार्य कर सकता है। इसका सॉफ्टवेयर समय-आधारित वन-टाइम पासवर्ड (TOTP) और पासवर्ड प्रबंधन का समर्थन करता है। यह संभवतः दुनिया का पहला ऐसा ओपन सोर्स सुरक्षा टोकन है जिसे बूटलोडर से लेकर ट्रांजिस्टर स्तर तक पूरी तरह से जांचा जा सकता है। इसमें क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए एक छोटा कैमरा भी शामिल है। लेकिन डेफकॉन की गोपनीयता नीतियों और गुप्त फोटोग्राफी पर प्रतिबंध का पालन करते हुए, यह कैमरा बहुत कम रिज़ॉल्यूशन वाला है और डिफ़ॉल्ट रूप से केवल ब्लैक एंड व्हाइट डेटा को प्रोसेस करता है। यह फोटो स्टोर करने में असमर्थ है, जिससे यह केवल क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए ही उपयोगी बनता है। बैज में प्रतिभागियों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए रंग-बिरंगी LED लाइट्स भी दी गई हैं। सामान्य प्रतिभागियों, वक्ताओं, स्वयंसेवकों और विशेष ब्लैक उबर बैज विजेताओं के लिए अलग-अलग रंग और पैटर्न निर्धारित किए गए हैं। जब दो बैज आपस में संचार करते हैं, तो उपयोगकर्ता नए रंग और जटिल फ्लैशिंग पैटर्न बना सकते हैं। रस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर सुरक्षा यह चिप रस्ट में लिखे गए एक ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलती है और इसमें सिक्योर बूट, ट्रू रैंडम नंबर जनरेटर (TRNG) तथा भौतिक और रिमोट हमलों से सुरक्षा के हार्डवेयर फीचर्स शामिल हैं। चिप में पारंपरिक फ्लैश मेमोरी के बजाय रेजिस्टिव RAM (RRAM) का उपयोग किया गया है। फ्लैश मेमोरी में चिप की परतों को हटाकर सूक्ष्मदर्शी से 0 और 1 के डेटा को सीधे देखा जा सकता है, जबकि RRAM से भौतिक रूप से डेटा निकालना बेहद कठिन होता है। हुवांग का अनुमान है कि यह चिप हजारों डॉलर के बजट वाले हमलों का मुकाबला कर सकती है, हालांकि लाखों डॉलर के संसाधनों और उन्नत प्रयोगशाला वाले हमलावर इसे भेद सकते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि डेफकॉन के हैकर्स इसमें शून्य-दिवसीय (ज़ीरो-डे) खामियां ढूंढेंगे, जिससे भविष्य में इस चिप को और अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। तकनीकी विनिर्देश और भविष्य की राह हार्डवेयर के मामले में यह चिप 350 मेगाहर्ट्ज RISC-V प्रोसेसर, 2 मेगाबाइट SRAM और 4 मेगाबाइट RRAM से लैस है, जो इसे लिनक्स चलाने की सीमा पर लाती है। इनपुट-आउटपुट कार्यों के लिए इसमें 4x 700MHz PicoRV32 कोर दिए गए हैं। यह चिप पहले से ही माइक्रोपायथन का समर्थन करती है और इसमें सी तथा रस्ट डेवलपमेंट किट उपलब्ध हैं। भविष्य में यह एक युबिकी जैसे टोकन से आगे बढ़कर HSM (हार्डवेयर सिक्योरिटी मॉड्यूल) के रूप में कार्य कर सकती है और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को भी संभाल सकती है। इसका आप पर असर सुरक्षा की दृष्टि से: यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को एक ऐसा सुरक्षा टोकन प्रदान करती है जिसकी विश्वसनीयता को बूटलोडर से लेकर सिलिकॉन ट्रांसिस्टर स्तर तक भौतिक रूप से जांचा जा सकता है। प्रौद्योगिकी और गोपनीयता: ओपन सोर्स डिजाइन और इंफ्रारेड निरीक्षण योग्य पैकेजिंग से हार्डवेयर आपूर्ति श्रृंखला में छिपे हुए बैकडोर का जोखिम काफी कम हो जाता है। सवाल-जवाब 1. डेफकॉन के नए बैज में कौन सी मुख्य तकनीक शामिल है? इस बैज में एंड्रयू हुवांग द्वारा डिजाइन की गई बाओचिप-1x नाम की एक ओपन सोर्स माइक्रोकंट्रोलर चिप शामिल है, जो सम्मेलन के बाद सुरक्षा कुंजी के रूप में भी काम करती है। 2. शोधकर्ता इस चिप की भौतिक रूप से जांच कैसे कर सकते हैं? चिप को इस तरह पैक किया गया है कि सिलिकॉन के पीछे से इंफ्रारेड प्रकाश गुजारकर इसके आंतरिक रैम एरे और ट्रांजिस्टर संरचनाओं को देखा जा सकता है। 3. यह चिप विनिर्माण लागत की चुनौती को कैसे पार कर पाई? एंड्रयू हुवांग ने क्रॉसबार कंपनी की विनिर्माण रन में अपनी CPU डिजाइन को शामिल करके वेफर साझा किया, जिससे अलग से लाखों डॉलर खर्च नहीं करने पड़े। 4. डेफकॉन सम्मेलन के बाद इस बैज का क्या उपयोग है? बैज का मुख्य मॉड्यूल निकाला जा सकता है और यह FIDO सुरक्षा टोकन, TOTP पासवर्ड मैनेजर और युबिकी जैसी सुरक्षा कुंजी के रूप में काम करता है। 5. बाओचिप-1x के मुख्य तकनीकी विनिर्देश क्या हैं? इसमें 350 मेगाहर्ट्ज RISC-V प्रोसेसर, 2 मेगाबाइट SRAM, 4 मेगाबाइट RRAM और इनपुट-आउटपुट के लिए 4x 700MHz PicoRV32 कोर शामिल हैं। 6. क्या बैज में मौजूद कैमरा गोपनीयता के लिए खतरा है? नहीं, कैमरा बहुत कम रिज़ॉल्यूशन वाला है, केवल ब्लैक एंड व्हाइट क्यूआर कोड पढ़ सकता है और फोटो स्टोर करने का समर्थन नहीं करता है। प्रेरणा और सबक एंड्रयू हुवांग की तकनीकी यात्रा से मिले मुख्य सबक: • संसाधन बाधाओं को रचनात्मकता से दूर करें: लाखों डॉलर की फैब्रिकेशन लागत से बचने के लिए क्रॉसबार के साथ वेफर शेयरिंग का रास्ता चुना। • पारदर्शिता से विश्वास बनाएं: ओपन सोर्स कोड और इंफ्रारेड निरीक्षण योग्य पैकेजिंग से हार्डवेयर सुरक्षा का नया मानक तय किया। • दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करें: सम्मेलन समाप्त होने के बाद कचरा बनने वाले बैज को एक स्थायी युबिकी जैसे सुरक्षा टोकन में बदला। https://trendkia.com/security/defcon-men-mila-paradarshi-opana-sorsa-baochip-suraksha-kunji-ki-taraha-bhi-karega-kama-12502 TrendKia — Har trend, sabse pehle.