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  "type": "article",
  "title": "इलिनोइस के अभियोजकों और ICE के बीच गुप्त गठजोड़ ने तोड़ा शरणार्थी राज्य का भरोसा",
  "summary": "इलिनोइस के कई काउंटी अभियोजकों ने संघीय आव्रजन अधिकारियों के साथ मिलकर अदालत के मामलों से जुड़े लोगों का संवेदनशील डेटा साझा किया। इस गुप्त सहयोग के कारण कई लोगों को हिरासत में लिया गया और परिवारों को देश से निकाल दिया गया।",
  "content": "वर्ष 2023 में मेक्सिको में हिंसा से जान बचाकर अमेरिका पहुंचे रोलैंडो पेरेज़ समायोआ को यह उम्मीद थी कि उन्हें एक सुरक्षित माहौल मिलेगा। उन्होंने सोचा था कि अलबामा जाने के बजाय इलिनोइस जाना बेहतर रहेगा क्योंकि वहां शरणार्थियों की रक्षा के लिए कानून बने हुए हैं। उन्होंने राज्य के 2017 के ट्रस्ट एक्ट का जिक्र करते हुए माना था कि यह कानून स्थानीय पुलिस और अधिकारियों को संघीय देश-निकाला अभियानों से दूर रखता है। समायोआ दक्षिणी इलिनोइस पहुंचे और वहां एक फैक्ट्री में सफाई का काम करने लगे। पिछले साल अक्टूबर में मैरियन काउंटी में उन्हें ड्राइविंग अंडर द इन्फ्लुएंस के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन अदालत के रिकॉर्ड बताते हैं कि वह अपनी सुनवाई में नियमित रूप से पेश होते रहे।\n\nकाउंटी अभियोजकों और संघीय अधिकारियों के बीच ईमेल का आदान-प्रदान\n\nजनवरी के अंतिम सप्ताह में उस मामले की पैरवी कर रहे एक सहायक राज्य के अटॉर्नी जॉन क्रिस्टेसन ने होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन के एक एजेंट सर्जियो फुलजेंसियो को समायोआ के बारे में एक ईमेल भेजा। इस संदेश में उनकी जन्मतिथि, आगामी पेशी की तारीख और सेंट्रलिया, इलिनोइस का उनका पता शामिल था। एजेंट ने कुछ ही मिनटों में जवाब दिया कि वे इसे संभाल लेंगे। इसके दो दिन बाद एजेंट ने पुलिस रिपोर्ट और अन्य टिकटों की मांग की, जिसे अभियोजक ने तुरंत भेज दिया। इसके लगभग तीन सप्ताह बाद संघीय एजेंटों ने उनके घर के बाहर समायोआ और उनके 17 वर्षीय बेटे को पकड़ लिया।\n\nकानून की सीमाओं से परे जाकर साझा किया गया संवेदनशील डेटा\n\nइस तरह के दर्जनों ईमेल से यह सामने आया है कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले 15 महीनों के दौरान इलिनोइस के काउंटी अभियोजकों और संघीय आव्रजन एजेंसियों के बीच किस स्तर का सहयोग चल रहा था। राज्य के हर छह में से एक काउंटी के राज्य के अटॉर्नी कार्यालयों ने संघीय आव्रजन प्रवर्तन के लिए एक मजबूत सहयोगी के रूप में काम किया। उन्होंने बिना किसी आपराधिक वारंट, सार्वजनिक खुलासे या विधायी निगरानी के उन लोगों का व्यक्तिगत डेटा साझा किया जिन पर उनके अपने कार्यालय मुकदमे चला रहे थे। इस प्रक्रिया में यह कभी हिसाब नहीं रखा गया कि यह कितनी बार हुआ या इससे कितने लोग प्रभावित हुए।\n\nराजनीतिक दलों और पदों की सीमाओं को पार करता सहयोग\n\nकई बार अभियोजकों ने स्वेच्छा से जानकारी दी तो कभी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के एजेंटों के मांगने पर जवाब दिया। यह आपसी मेलजोल राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे था और इसमें पैरालीगल से लेकर चुने हुए राज्य के अटॉर्नी तक शामिल थे। इस तरह के मामलों की भनक आमतौर पर न तो बचाव पक्ष के वकीलों को होती थी और न ही आरोपियों को। हालांकि ट्रस्ट एक्ट पुलिस और अन्य एजेंसियों को संघीय वारंट के बिना देश-निकाला में मदद करने से रोकता है, लेकिन यह कानून पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि अभियोजक और उनके कर्मचारी इन प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं या नहीं।\n\nअदालतों और कार्यस्थलों पर बढ़ी संघीय कार्रवाई\n\nट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद से संघीय प्रशासन ने आव्रजन प्रवर्तन, हिरासत और देश-निकाला की कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन यानी ICE ने कार्यस्थलों, घरों के बाहर और अदालतों के परिसरों में अपनी उपस्थिति को स्पष्ट रूप से दर्ज कराया है। इसके जवाब में न्यू यॉर्क समेत कई राज्यों ने स्थानीय पुलिस और शेरिफों को संघीय आव्रजन कार्रवाई में मदद करने से रोक दिया है। इसके बावजूद इलिनोइस जैसे सबसे बड़े शरणार्थी राज्य में इस पैमाने पर अभियोजकों का सहयोग मिलना इस बात पर सवाल खड़े करता है कि क्या स्थानीय कानून प्रवासियों की रक्षा के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम हैं।\n\nस्वतंत्र जांच से सामने आए पांच हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेज\n\nइस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए इलिनोइस के सभी 102 राज्य के अटॉर्नी कार्यालयों से फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के तहत रिकॉर्ड मांगे गए। संघीय और सर्किट अदालतों के दस्तावेजों के साथ ये आंतरिक ईमेल और केस फाइलें पांच हजार से अधिक पन्नों की थीं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अभियोजकों ने केवल नाम ही नहीं बल्कि तस्वीरें, घर के पते और अदालत में पेशी या जेल से रिहाई का सटीक समय भी साझा किया ताकि आव्रजन एजेंट आसानी से अपनी कार्रवाई को अंजाम दे सकें। ग्यारह कार्यालयों ने इन अनुरोधों का जवाब नहीं दिया और कुछ ने कानूनी मुकदमेबाजी के बाद ही रिकॉर्ड सौंपे।\n\nविकल्प चुनने की स्वतंत्रता और उसके गंभीर परिणाम\n\nयह सब होना अनिवार्य नहीं था क्योंकि दर्जनों काउंटी अभियोजकों ने संघीय दबाव के बावजूद ICE के साथ किसी भी संपर्क से इनकार किया और कम से कम एक कार्यालय ने तो स्पष्ट रूप से ऐसे संपर्कों को पूरी तरह बंद कर दिया। इससे यह साबित होता है कि हर बार सहयोग करना एक व्यक्तिगत और संस्थागत चुनाव था। इन फैसलों के गंभीर परिणाम हुए क्योंकि जिन लोगों की जानकारी को संघीय एजेंसियों तक पहुंचाया गया, उन्हें हिरासत में लेकर देश से बाहर निकाल दिया गया जिससे कई परिवार बिखर गए।\n\nआपराधिक और आव्रजन कानूनी प्रक्रियाओं में बड़ा अंतर\n\nआपराधिक मुकदमों में वे सुरक्षा उपाय मिलते हैं जो आव्रजन सुनवाइयों में नहीं होते। अभियोजकों को किसी भी आरोप को संदेह से परे साबित करना होता है और असमर्थ वकीलों के लिए बचाव पक्ष के वकील नियुक्त किए जाते हैं। इसके विपरीत आव्रजन कार्यवाही एक दीवानी मामला होती है जहां नियुक्त वकील पाने का कोई अधिकार नहीं होता और सरकार कम कानूनी मानक पर भी कार्रवाई कर सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि आव्रजन प्रक्रिया आपराधिक मुकदमे से आसान होती है, इसलिए कुछ स्थानीय अधिकारी अपने मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए इसका उपयोग करने का प्रलोभन महसूस कर सकते हैं।\n\nडूपेज काउंटी और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय सहयोग के मामले\n\nदस्तावेजों के अनुसार डूपेज काउंटी में यह संपर्क सबसे अधिक बार हुआ, जहां हर पांच में से एक निवासी विदेश में जन्मा था। वहां के कर्मचारियों ने राज्य के किसी भी अन्य कार्यालय की तुलना में सबसे अधिक बार संघीय एजेंटों से संपर्क किया और कई मामलों की खुद पहल की। उदाहरण के लिए अप्रैल 2025 में ओ'हारे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक सीमा शुल्क अधिकारी ने एक सहायक अभियोजक से मतदाता धोखाधड़ी की जांच से जुड़े रिकॉर्ड मांगे। यह अनुरोध किसी जज द्वारा नहीं बल्कि प्रशासनिक समन के जरिए किया गया था। इसके बावजूद नब्बे मिनट के भीतर अभियोजक ने दो निवासियों के मतदान रिकॉर्ड सौंप दिए।\n\nविभिन्न काउंटियों में अलग-अलग रुख और नीतियां\n\nमध्य इलिनोइस में मेनार्ड काउंटी की राज्य की अटॉर्नी ग्वेंडोलिन थॉमस ने कम से कम पांच बार संघीय एजेंटों से संपर्क किया और यह जानने की कोशिश की कि कोई आरोपी डिपोर्टेशन सूची में है या नहीं। इसके विपरीत लेक काउंटी के राज्य के अटॉर्नी एरिक राइनहार्ट ने महीनों तक अपनी कार्यालय को आव्रजन प्रवर्तन से सुरक्षित करने का प्रयास किया। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को अटॉर्नी जनरल के दिशा-निर्देश बांटे और यह सुनिश्चित किया कि न्यायाधीश के हस्ताक्षर वाले वारंट के बिना ICE अधिकारियों को कार्यालय के निजी क्षेत्रों में प्रवेश न मिले।\n\nगवर्नर की नीतियां और अदालती दायरे की सीमाएं\n\nइलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर ने राज्य को सबसे स्वागत योग्य राज्य बताया और दिसंबर में एक कानून पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत अदालत भवन के एक हजार फीट के दायरे में दीवानी आव्रजन गिरफ्तारियों पर रोक लगा दी गई। हालांकि यह कानून सड़क पर इंतजार कर रहे एजेंट को रोकने के लिए बनाया गया था, लेकिन यह इमारत के अंदर बैठे अभियोजक को नहीं रोक सका। अधिकांश बचाव वकीलों ने माना कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि अभियोजक संघीय अधिकारियों के साथ केस की जानकारी साझा कर रहे थे।\n\nकानूनी व्याख्या और ट्रस्ट एक्ट की अस्पष्टता\n\nकानूनी विद्वानों ने इस सहयोग को अभूतपूर्व बताया है, लेकिन यह बहस बनी हुई है कि क्या ट्रस्ट एक्ट अभियोजकों पर भी लागू होता है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि उनका कार्यालय राज्य और स्थानीय कानूनों को लागू करता है इसलिए कानून उन पर भी लागू होता है। वहीं अन्य लोगों का तर्क है कि वे किसी को गिरफ्तार नहीं करते इसलिए वे कानून प्रवर्तन एजेंसी की परिभाषा में नहीं आते। राज्य के अटॉर्नी जनरल क्वावे राऊल ने इस बात पर कोई स्पष्ट समाधान नहीं दिया कि क्या काउंटी अभियोजक इस कानून से बंधे हुए हैं।\n\nरोनाल्डो पेरेज़ समायोआ का दुखद अनुभव\n\nरोनाल्डो पेरेज़ समायोआ के लिए कानून की इन पेचीदगियों का कोई मतलब नहीं रह गया था क्योंकि फरवरी में जब वह जन्मदिन की डिनर के लिए बाहर निकल रहे थे, तब उनके घर के बाहर ICE एजेंटों ने उन्हें घेर लिया। उनके बेटे ने अपने पिता को बचाने का प्रयास किया जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। सेंट लुइस ले जाने के बाद पिता और पुत्र दोनों पर देश छोड़ने का दबाव बनाया गया और वे स्वैच्छिक प्रस्थान के तहत टेक्सास होते हुए मेक्सिको के स्यूदाद जुआरेज़ पहुंच गए। वहां उन्होंने अपने सभी कागजात नष्ट कर दिए और कभी वापस न लौटने का संकल्प लिया। समायोआ ने चेतावनी दी कि वह इलिनोइस में पीछे छूटे अपने समुदाय को आगाह करेंगे कि अभियोजकों के सामने पेश होने का मतलब ICE के सामने जाना हो सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nअमरीका में: स्थानीय अभियोजकों और संघीय आव्रजन एजेंसियों के बीच इस तरह के गुप्त सहयोग से प्रवासियों के मन में न्याय प्रणाली के प्रति भरोसा कम हो सकता है, जिससे वे अदालतों में जाने से डरेंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ट्रस्ट एक्ट क्या है?\nट्रस्ट एक्ट एक ऐसा कानून है जो स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संघीय आव्रजन मामलों और देश-निकाला अभियानों में मदद करने से रोकता है।\n\n2. रोलैंडो पेरेज़ समायोआ कौन हैं?\nरोलैंडो पेरेज़ समायोआ मेक्सिको से अमेरिका आए एक शरणार्थी थे जिन्हें इलिनोइस में एक स्थानीय मामले के बाद ICE एजेंटों ने हिरासत में ले लिया और डिपोर्ट कर दिया।\n\n3. अभियोजकों ने संघीय अधिकारियों के साथ क्या साझा किया?\nअभियोजकों ने बिना वारंट के आरोपियों की व्यक्तिगत जानकारी, जन्मतिथि, पते, पुलिस रिपोर्ट और अदालत में पेशी की सटीक तारीखें साझा कीं।\n\n4. किस काउंटी में सबसे अधिक संपर्क देखा गया?\nदस्तावेजों के अनुसार डूपेज काउंटी के कार्यालय ने संघीय आव्रजन एजेंटों के साथ सबसे अधिक बार संपर्क किया और जानकारी साझा की।",
  "url": "https://trendkia.com/security/how-illinois-county-prosecutors-quietly-became-informants-for-ice-21850",
  "category": "साइबर सुरक्षा",
  "publishedAt": "2026-08-25",
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    "इलिनोइस",
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