{
  "type": "article",
  "title": "ओपनएआई ने ओपन-सोर्स सुरक्षा के लिए शुरू किया पैच द प्लैनेट प्रोजेक्ट",
  "summary": "ओपनएआई ने ट्रेल ऑफ बिट्स के साथ मिलकर एक नया सुरक्षा अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में खामियों को दूर करना और डेवलपर्स को एआई टूल्स के साथ मजबूत बनाना है।",
  "content": "एआई उद्योग में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स का पिछड़ना एक बड़ी चिंता बन गया है। इसे देखते हुए ओपनएआई ने सोमवार को 'पैच द प्लैनेट' नामक एक पहल की घोषणा की। इस प्रोजेक्ट को प्रमुख सुरक्षा अनुसंधान फर्म ट्रेल ऑफ बिट्स के साथ मिलकर शुरू किया गया है, जिसमें हैकरवन और कैलिफ जैसी वल्नेरेबिलिटी मैनेजमेंट फर्में भी सहयोग कर रही हैं।\n\nडेवलपर्स की मदद के लिए नई तकनीक\nयह प्रोजेक्ट ओपन-सोर्स मेंटेनर्स को मुफ्त सुरक्षा परामर्श प्रदान कर रहा है। इसका उद्देश्य न केवल तकनीकी खामियों को ढूंढना और उन्हें ठीक करना है, बल्कि डेवलपर्स को उनके कोडबेस को मजबूत करने और एआई सुरक्षा टूल्स का उपयोग करना सिखाना भी है। ट्रेल ऑफ बिट्स के सीईओ और को-फाउंडर डैन गुइडो का कहना है कि यह पहल ओपन-सोर्स समुदाय को एआई कोडिंग टूल्स के फायदे समझाने और सॉफ्टवेयर को सुरक्षित बनाने के लिए है।\n\nएआई जनित कचरे से राहत\nअक्सर ओपन-सोर्स डेवलपर्स संसाधनों की कमी के चलते बग रिपोर्ट के बोझ तले दबे रहते हैं। हाल के महीनों में एआई-आधारित बग-हंटिंग टूल्स के बढ़ने से डेवलपर्स के पास खराब रिपोर्टों का ढेर लग गया है, जिससे महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियां ढूंढना मुश्किल हो गया है। ओपनएआई के साइबर टेक लीड फुआद मतिन ने बताया कि 'पैच द प्लैनेट' का लक्ष्य इन मेंटेनर्स के काम का बोझ कम करना है, चाहे वह कोड असेसमेंट हो या संभावित रिपोर्ट को वैलिडेट करना। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी अपने कोडेक्स सिक्योरिटी स्कैनर के लिए अब तक 20 ट्रिलियन टोकन की सब्सिडी दे चुकी है।\n\nसफलता के साथ नई शुरुआत\nवर्तमान में 30 से अधिक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स इस पहल का हिस्सा हैं। ट्रेल ऑफ बिट्स ने हाल ही में पांच दिवसीय स्प्रिंट के जरिए सैकड़ों बग्स की पहचान की और दर्जनों पैच तैयार किए हैं। एआई की प्रतिस्पर्धा के बीच, जहां एंथ्रोपिक को अपने फैबल 5 और मिथोस 5 मॉडल को बाजार से हटाना पड़ा, वहीं ओपनएआई अपने 'ट्रस्टेड एक्सेस फॉर साइबर' प्रोग्राम के तहत सीमित दायरे में काम कर रही है। ओपनएआई का नया मॉडल जीपीटी-5.5-साइबर अब साइबरजिम बेंचमार्क पर 85.6 प्रतिशत स्कोर कर रहा है, जो एंथ्रोपिक के मिथोस 5 के 83.8 प्रतिशत स्कोर से बेहतर है।\n\nभविष्य की चुनौतियां\nफाइव आइज इंटेलिजेंस एलायंस ने चेतावनी दी है कि एआई मॉडल साइबर क्षमताओं को पूरी तरह बदल रहे हैं, और यह बदलाव वर्षों में नहीं बल्कि महीनों में होगा। इसे ध्यान में रखते हुए 'पैच द प्लैनेट' प्रतिभागी प्रोजेक्ट्स को छह महीने का मुफ्त चैटजीपीटी प्रो और कोडेक्स सिक्योरिटी की सुविधा दे रहा है। डैन गुइडो के मुताबिक, उनकी टीम केवल बग ढूंढने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मेंटेनर्स को एआई एजेंट्स का उपयोग सिखा रहे हैं ताकि भविष्य में वे खुद अपना बचाव कर सकें।\n\nइसका आप पर असर\nसामान्य रूप में: एआई टूल्स का उपयोग करके ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर को सुरक्षित बनाने से भविष्य में डिजिटल सेवाएं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद होंगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पैच द प्लैनेट प्रोजेक्ट क्या है?\nयह ओपनएआई और ट्रेल ऑफ बिट्स द्वारा शुरू किया गया एक सुरक्षा प्रोजेक्ट है जो ओपन-सोर्स डेवलपर्स को उनकी खामियां ठीक करने और एआई टूल्स का उपयोग करने में मदद करता है।\n\n2. ओपनएआई का नया मॉडल कौन सा है?\nओपनएआई ने अपने लिमिटेड ट्रस्टेड एक्सेस फॉर साइबर प्रोग्राम के तहत जीपीटी-5.5-साइबर पेश किया है।\n\n3. जीपीटी-5.5-साइबर का साइबरजिम स्कोर क्या है?\nजीपीटी-5.5-साइबर साइबरजिम बेंचमार्क पर 85.6 प्रतिशत स्कोर करता है।\n\n4. प्रोजेक्ट में कितने प्रोजेक्ट्स भाग ले रहे हैं?\nइस समय 30 से अधिक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स इस पहल का हिस्सा हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/security/opanaeai-ne-openai-suraksha-ke-lie-shuru-kiya-patch-the-planet-projekta-2356",
  "category": "साइबर सुरक्षा",
  "publishedAt": "2026-06-22",
  "tags": [
    "ओपनएआई",
    "साइबर सुरक्षा",
    "ओपन सोर्स",
    "ट्रेल ऑफ बिट्स",
    "एआई",
    "सॉफ्टवेयर सुरक्षा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}