सबपीना में एक अक्षर की गलती से बेकसूर ब्रैंडन क्लेम ने काटी जेल, अपील में बेगुनाही साबित पुलिस सबपीना में एक अक्षर की चूक के कारण बेकसूर कनाडाई नागरिक ब्रैंडन क्लेम को गलत तरीके से 18 महीने की जेल काटनी पड़ी। नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील ने अपील प्रक्रिया के दौरान इस ऐतिहासिक गलती को पकड़ते हुए उन्हें पूरी तरह बेगुनाह घोषित कर दिया है। पुलिस सबपीना तैयार करने के दौरान हुई एक छोटी सी टाइपिंग की भूल के कारण एक बेकसूर कनाडाई नागरिक को 18 महीने तक जेल की सलाखों के पीछे वक्त बिताना पड़ा। साल 2018 में अमेरिका के विस्कॉन्सिन में शुरू हुई एक बाल यौन शोषण मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने एक ऑनलाइन यूजरनेम में सिंगल अंडरस्कोर और डबल अंडरस्कोर का फर्क नजरअंदाज कर दिया। इस प्रशासनिक चूक के चलते जांच का रुख असली अपराधी से भटककर बेकसूर ब्रैंडन क्लेम की ओर मुड़ गया। सालों लंबी कानूनी लड़ाई और पूरी सजा काटने के बाद अब नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील ने ब्रैंडन क्लेम को सभी आरोपों से बरी करते हुए उन्हें पूरी तरह बेगुनाह करार दिया है। सबपीना में एक अक्षर की चूक से भटकी जांच की दिशा यह पूरा मामला साल 2018 के अगस्त से दिसंबर महीने के बीच का है, जब विस्कॉन्सिन के मैडिसन शहर में रहने वाली 12 साल की एक लड़की की बातचीत किक मैसेजिंग ऐप पर एक वयस्क व्यक्ति से हो रही थी। लड़की की मां ने जब उसका मोबाइल फोन चेक किया, तो उसमें एक आपत्तिजनक तस्वीर पाई और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की शिकायत मिलते ही डेन काउंटी शेरिफ विभाग के डिप्टी अधिकारी मौके पर पहुंचे और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच में लड़की और आरोपी के बीच 125 मैसेज पाए गए। आरोपी व्यक्ति किक ऐप पर fusrodah यूजरनेम का इस्तेमाल कर रहा था, जिसमें शब्द के बीच दो अंडरस्कोर लगे हुए थे। वीडियो गेम के शौकीन लोग जानते हैं कि यह नाम मशहूर एक्शन रोल-प्लेइंग गेम द एल्डर स्क्रॉल्स V: स्काईरिम के एक लोकप्रिय पावर मूव से लिया गया था। हालांकि, जब डेन काउंटी शेरिफ विभाग के अधिकारियों ने किक कंपनी को कानूनी सबपीना भेजा, तो उसमें गलती से fusrodah यूजरनेम लिख दिया गया, जिसमें सिर्फ एक अंडरस्कोर था। इस गलत सबपीना के जवाब में किक कंपनी ने सिंगल अंडरस्कोर वाले अकाउंट का रिकॉर्ड और ईमेल पता पुलिस को सौंप दिया, जो कि कनाडा के ब्रैंडन क्लेम का था। कनाडा पुलिस और गलत इंटरनेट एड्रेस का कनेक्शन किक कंपनी से ईमेल पता मिलने के बाद जांच अधिकारियों ने गूगल रिकॉर्ड खंगाले। गूगल के डेटा से पता चला कि उस ईमेल आईडी का इस्तेमाल कनाडा स्थित एक IP एड्रेस से किया जा रहा था। चूंकि मामला अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ चुका था, इसलिए अमेरिकी जांच एजेंसी ने पूरी केस फाइल कनाडा के नोवा स्कोशिया राज्य स्थित हैलिफ़ैक्स रीजनल पुलिस को सौंप दी। हैलिफ़ैक्स पुलिस ने स्थानीय इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी बेल एलियंट से उस IP एड्रेस के उपभोक्ता की जानकारी मांगी। बेल एलियंट ने पुष्टि की कि वह IP एड्रेस हैलिफ़ैक्स निवासी ब्रैंडन क्लेम के घर के पते पर पंजीकृत था। इसके आधार पर पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट हासिल किया और ब्रैंडन क्लेम के घर पर छापा मारा। पुलिस ने उनके बेडरूम से लैपटॉप और स्मार्टफोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए। हालांकि, जब फॉरेंसिक टीम ने इन उपकरणों की गहन जांच की, तो उसमें ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जो उन्हें इस अपराध या विस्कॉन्सिन की नाबालिग लड़की से जोड़ता हो। उपकरणों से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली और पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि ब्रैंडन क्लेम ने उस दौरान किक ऐप का इस्तेमाल भी किया था या नहीं। अदालत का फैसला, सजा और 18 महीने की कैद डिजिटल उपकरणों से कोई भी सबूत न मिलने के बावजूद, कनाडाई पुलिस ने साल 2020 में ब्रैंडन क्लेम को गिरफ्तार कर लिया और उन पर तीन गंभीर धाराएं लगाईं। इनमें 14 साल से कम उम्र के बच्चे को इंटरनेट के जरिए बहलाने, बच्चे को अश्लील सामग्री भेजने और चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखने के आरोप शामिल थे। यह मामला साल 2023 में अदालत में सुनवाई के लिए आया, जहां उन्हें दोषी ठहराया गया और साल 2024 में 18 महीने जेल की सजा सुनाई गई। ब्रैंडन क्लेम ने जेल में अपने 18 महीने का पूरा कार्यकाल काटा। हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष के वकील या जज में से किसी का भी ध्यान इस बात पर नहीं गया कि पीड़िता के फोन से मिले यूजरनेम और पुलिस सबपीना में लिखे गए यूजरनेम के बीच एक अंडरस्कोर का अंतर था। अपील में सामने आया सच और कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला जेल से रिहा होने के बाद भी ब्रैंडन क्लेम ने अपनी बेगुनाही साबित करने की लड़ाई जारी रखी। नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील में अपनी याचिका तैयार करने के अंतिम चरणों के दौरान उनके कानूनी सलाहकारों की नजर सबपीना की इस बड़ी चूक पर पड़ी। ब्रैंडन क्लेम ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने आरोपी के यूजरनेम में मौजूद डबल अंडरस्कोर पर ध्यान नहीं दिया था, जिसके चलते उनका पूरा जीवन तबाह हो गया और यह बात ट्रायल कोर्ट के सामने कभी आई ही नहीं। इस गलती के सामने आने के बाद सरकारी वकीलों ने मामले की दोबारा समीक्षा की और स्वीकार किया कि अपील स्वीकार की जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस ने सही यूजरनेम fusrodah की जांच की होती, तो जांच की सुई कैलिफोर्निया के एक IP एड्रेस पर जाती, जहां जे नाम का व्यक्ति रह रहा था। इसके बाद नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील ने ब्रैंडन क्लेम को सभी आरोपों से बरी कर दिया और उनकी सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि ब्रैंडन क्लेम पूरी तरह बेकसूर हैं और उन पर कभी मामला दर्ज ही नहीं किया जाना चाहिए था, और यह बात समझ से परे है कि इतनी बड़ी गलती इतने सालों तक नजरअंदाज कैसे होती रही। इसका आप पर असर इंटरनेट यूजर्स और डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से: • डिजिटल पहचान का जोखिम: यह मामला दर्शाता है कि पुलिस सबपीना में एक छोटी सी टाइपिंग की गलती जांच की दिशा पूरी तरह भटका सकती है, जिससे ऑनलाइन यूजरनेम के आधार पर कार्रवाई करने से पहले कठोर तकनीकी जांच की जरूरत साबित होती है। • कानूनी रिकॉर्ड में सुधार: अपील अदालत का यह फैसला दिखाता है कि तकनीकी खामियों के कारण गलत सजा पाने वाले नागरिक अपनी बेगुनाही साबित कर सकते हैं, हालांकि शुरुआती स्तर पर जांच में ढिलाई का व्यक्तिगत जीवन पर गहरा असर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. ब्रैंडन क्लेम को गलत तरीके से गिरफ्तार क्यों किया गया था? कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने सबपीना में आरोपी के किक यूजरनेम की स्पेलिंग गलत टाइप कर दी थी। उन्होंने दो अंडरस्कोर वाले यूजरनेम fusrodah के बजाय एक अंडरस्कोर वाले fusrodah की जानकारी मांग ली थी। 2. क्या पुलिस को ब्रैंडन क्लेम के उपकरणों से कोई सबूत मिला था? नहीं, ब्रैंडन क्लेम के जब्त लैपटॉप और फोन की फॉरेंसिक जांच में कोई आपत्तिजनक तस्वीर, पीड़िता से संबंध या अपराध के दौरान किक ऐप इस्तेमाल करने का कोई सबूत नहीं मिला था। 3. ब्रैंडन क्लेम को कितने समय तक जेल में रहना पड़ा? ब्रैंडन क्लेम को 2024 में 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी और उन्होंने सबपीना की गलती सामने आने से पहले अपनी पूरी सजा काटी। 4. यूजरनेम की इस गलती का पता आखिरकार कैसे चला? ब्रैंडन क्लेम की कानूनी टीम ने अपनी अपील की तैयारी के अंतिम चरणों के दौरान केस के दस्तावेजों की बारीकी से जांच करते समय अंडरस्कोर की इस चूक को पकड़ा। 5. नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया? नोवा स्कोशिया कोर्ट ऑफ अपील ने ब्रैंडन क्लेम को सभी आरोपों से बरी कर दिया, उनकी सजा को रद्द किया और कहा कि वे पूरी तरह बेकसूर हैं तथा उन पर केस दर्ज ही नहीं होना चाहिए था। 6. शुरुआती जांच में असली संदिग्ध कौन था? बाद में की गई जांच से पता चला कि दो अंडरस्कोर वाले यूजरनेम का इस्तेमाल करने वाले असली संदिग्ध का पहला नाम जे था और उसका IP एड्रेस कैलिफोर्निया में था। https://trendkia.com/security/sabapina-men-eka-akshara-ki-galati-se-bekasura-brandon-klayme-ne-kati-jela-apila-men-begunahi-sabita-11666 TrendKia — Har trend, sabse pehle.