सोनभद्र में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जाल में फंसे चार पुलिसकर्मी, 25 लाख डकारने वाला गिरोह लखनऊ से दबोचा सोनभद्र पुलिस ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए 25.03 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को लखनऊ से गिरफ्तार किया, गिरोह ने आम लोगों के साथ जिले में तैनात चार पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया था। सोनभद्र में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाला एक साइबर गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह ने आम नागरिकों के साथ ही जिले में तैनात चार पुलिसकर्मियों को भी अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। पुलिस ने लखनऊ में दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। फर्जी ऐप और भारी मुनाफे का झांसा पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की निगरानी में साइबर क्राइम थाना और स्वाट टीम ने मिलकर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि आरोपी बॉटब्रो, क्रॉसमार्केट और माइनक्रिप्टो नाम के फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों को निवेश के लिए उकसाते थे। ये लोग निवेशकों से वादा करते थे कि उनकी रकम पर 8 से 10 प्रतिशत तक तय मुनाफा मिलेगा। इसी लालच में तमाम लोगों ने इन प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाया और कुल मिलाकर करीब 25.03 लाख रुपये की चपत लग गई। ठगी के शिकार लोगों में जिले में तैनात चार पुलिसकर्मी भी शामिल निकले। लखनऊ में देर रात दबिश, चार गिरफ्तार बैंकिंग लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 30 जून की रात लखनऊ में छापेमारी कर सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान को दबोच लिया गया। तलाशी में आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन मिला, जिसका इस्तेमाल गिरोह अपना नेटवर्क चलाने में करता था। निवेश के नाम पर वसूली, फिर आपस में बंटवारा पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों से निवेश के नाम पर रकम मंगवाकर पहले अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराते थे। इसके बाद यह पैसा कई और खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट लिया जाता था, ताकि जांच एजेंसियां असली लाभार्थियों तक न पहुंच सकें। पुलिस ने मामले में लगी धाराएं बढ़ा दी हैं और गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। साथ ही ठगी की बची हुई रकम वापस दिलाने की कोशिश भी जारी है। पुलिस की अपील, तुरंत करें शिकायत सोनभद्र पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करे। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि भारी मुनाफे का दावा करने वाले फर्जी ट्रेडिंग ऐप आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों तक को नहीं बख्शते, इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश स्कीम में पैसा डालने से पहले उसकी पूरी सत्यता जांच लें। • सोनभद्र में: जिले के निवासियों को इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी और अपनी ठगी गई रकम की वापसी को लेकर पुलिस कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए, और ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. गिरोह ने कुल कितने रुपये की ठगी की? गिरोह ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 25.03 लाख रुपये की ठगी की। 2. आरोपी किन फर्जी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे? आरोपी बॉटब्रो, क्रॉसमार्केट और माइनक्रिप्टो नाम के फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाते थे। 3. गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं? गिरफ्तार आरोपी सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान हैं। 4. आरोपियों को कब और कहां से गिरफ्तार किया गया? आरोपियों को 30 जून की रात लखनऊ में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। 5. ठगी का शिकार कौन-कौन हुआ? ठगी का शिकार आम लोगों के साथ-साथ जिले में तैनात चार पुलिसकर्मी भी हुए। 6. आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ? आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन बरामद हुआ। 7. आरोपी निवेश पर कितने प्रतिशत मुनाफे का लालच देते थे? आरोपी निवेश पर 8 से 10 प्रतिशत तक तय मुनाफे का दावा करते थे। 8. साइबर ठगी होने पर क्या करना चाहिए? पीड़ितों को तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करना चाहिए। https://trendkia.com/security/sonbhadra-men-pharji-tredinga-aipa-ke-jala-men-phnse-chara-pulisakarmi-25-lakha-dakarane-vala-giroha-lucknow-se-dabocha-3916 TrendKia — Har trend, sabse pehle.