संघीय एजेंसियों द्वारा प्रवासियों और बच्चों का डीएनए संग्रह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा अमेरिका में आव्रजन हिरासत केंद्रों में रखे गए लोगों और बच्चों से बड़े पैमाने पर डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। ये सैंपल सीधे एफबीआई के आपराधिक डेटाबेस में जोड़े जा रहे हैं, जिस पर कानूनी और राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने वाले लोगों से आनुवंशिक नमूने जुटाने का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। एक आपराधिक शिकायत के अनुसार, अधिकारियों ने एक व्यक्ति को आव्रजन कार्यालय में ले जाकर बार-बार डीएनए स्वाब और फिंगरप्रिंट की मांग की, जिसके इनकार करने पर उस पर कानूनी कार्रवाई की गई। इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि किस तरह नागरिक आव्रजन उल्लंघन के मामलों को आपराधिक जांच प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। आपराधिक डेटाबेस में प्रवासियों की एंट्री जॉर्ज टाउन लॉ के सेंटर ऑन प्राइवेसी एंड टेक्नोलॉजी की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग देश के आपराधिक डीएनए सिस्टम में नए प्रोफाइल जोड़ने वाला सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है। अकेले आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी यानी आईसीई ने वर्ष 2025 में अनुमानित रूप से लगभग 92,0000 नए प्रोफाइल जोड़े हैं। जबकि अधिकांश लोगों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होता और बिना दस्तावेजों के रहना एक नागरिक उल्लंघन माना जाता है, फिर भी उनके बायोमेट्रिक आंकड़े एफबीआई के कंबाइंड डीएनए इंडेक्स सिस्टम यानी कोडिस में अपलोड कर दिए जाते हैं। एक बार ये प्रोफाइल डेटाबेस में दर्ज होने के बाद देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियां अनसुलझे मामलों के सबूतों से इनका मिलान कर सकती हैं। यह प्रक्रिया केवल वयस्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार आव्रजन हिरासत में रखे गए परिवारों और बच्चों तक भी पहुंच चुका है, जिसके चलते संघीय केंद्रों पर बच्चों के स्वाब लिए जाने की बात सामने आई है। सांसदों ने इस पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा है कि बच्चों का ऐसे डेटाबेस से कोई लेना-देना नहीं है। कानूनी बदलाव और नीतियां वर्ष 2020 से पहले सीमा पर ही मुख्य रूप से सैंपल लिए जाते थे और आईसीई की भूमिका इसमें बहुत कम थी। हालांकि, न्याय विभाग द्वारा नियमों में बदलाव किए जाने और आईसीई द्वारा दिसंबर 2020 में एक नया निर्देश जारी किए जाने के बाद अधिकारियों को हिरासत में मौजूद लगभग हर व्यक्ति से डीएनए लेने का आदेश दिया गया। आंतरिक प्रशिक्षण दस्तावेजों से पता चलता है कि शरण चाहने वालों और शरणार्थियों को भी इस दायरे में रखा गया। शुरुआती दौर में सरकारी अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को केवल एक प्रशासनिक पहचान उपाय बताया था, ठीक वैसे ही जैसे बुकिंग के समय फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं। हालांकि, आंतरिक ईमेल और दस्तावेजों से यह बात सामने आई कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य अपराधों को सुलझाने के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है, जिससे निजता और नागरिक अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बच्चों और नागरिकों के आंकड़े सांसदों के साथ पत्राचार में यह स्वीकार किया गया है कि आईसीई 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों से भी डीएनए एकत्र कर रहा है। इसके अलावा, सीमा शुल्क और सुरक्षा एजेंसी द्वारा साझा किए गए रिकॉर्ड का विश्लेषण करने पर यह पता चला कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 14 वर्ष से कम उम्र के सैकड़ों बच्चों के सैंपल एफबीआई को भेजे गए थे, जिनमें बहुत छोटे बच्चे भी शामिल थे। परिवारों और वकीलों का कहना है कि उन्हें इस प्रक्रिया के वास्तविक उद्देश्य के बारे में कभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती है, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भारी तनाव पैदा होता है. इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों और अन्य लोगों द्वारा भी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, जिनमें उनके डेटा को नष्ट करने और प्रोफाइल को हटाने की मांग की गई है। इन मुकदमों में तर्क दिया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान इस प्रकार की कार्रवाई अमेरिकी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करती है। इसका आप पर असर • अमेरिका में: आव्रजन हिरासत में रहने वाले लोगों और उनके परिवारों पर कड़े बायोमेट्रिक नियमों का सीधा असर पड़ रहा है, जिससे कानूनी और निजता से जुड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल-जवाब 1. आईसीई डीएनए संग्रह क्यों कर रहा है? संघीय एजेंसियों का कहना है कि यह पहचान और सीमा सुरक्षा का हिस्सा है, जबकि आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि इसका मुख्य उद्देश्य अपराधों को सुलझाने के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है। 2. क्या बच्चों के भी डीएनए लिए जा रहे हैं? हाँ, रिपोर्टों और पत्राचार से यह पुष्टि हुई है कि 14 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों से भी सैंपल लिए गए हैं और उन्हें एफबीआई के डेटाबेस में भेजा गया है। 3. क्या डीएनए देने से इनकार करने पर सजा हो सकती है? हाँ, संघीय हिरासत में रहते हुए डीएनए सैंपल देने से इनकार करने पर आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है और अदालत द्वारा सजा सुनाई जा सकती है। 4. कोडिस डेटाबेस में डेटा कितने समय तक रहता है? शारीरिक सैंपल और आनुवंशिक प्रोफाइल अनिश्चित काल तक संघीय प्रयोगशालाओं और एफबीआई के डेटाबेस में संग्रहीत रहते हैं। https://trendkia.com/security/us-federal-agencies-expand-dna-collection-massively-among-migrants-and-children-13322 TrendKia — Har trend, sabse pehle.