27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: मंगलवार व्रत और कार्तिक मास का आरंभ, हनुमानजी की आराधना से दूर होगा मंगल दोष 27 अक्टूबर 2026 को मंगलवार व्रत के साथ कार्तिक मास की शुरुआत हो रही है। पंचांग के अनुसार आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र तथा दिशाशूल की पूरी जानकारी यहां देखें। पंचांग के अनुसार 27 अक्टूबर 2026 को मंगलवार व्रत के साथ ही पवित्र कार्तिक मास का शुभारंभ हो रहा है। इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के बाद द्वितीया तिथि, भरणी नक्षत्र, कौलव करण, सिद्धि योग और उत्तर दिशा का दिशाशूल रहेगा। आकाश में चंद्रमा मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि सूर्य तुला राशि में अपनी स्थिति बनाए रखेंगे। मंगलवार के व्रत के साथ कार्तिक महीने की यह शुरुआत बेहद शुभ संयोग मानी जा रही है। कार्तिक मास का धार्मिक महत्व और पूजा विधि सनातन परंपरा में कार्तिक महीने को भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस पूरे माह में सुबह स्नान, तुलसी की पूजा, दीपदान और जरूरतमंदों को दान देने का विशेष विधान है। श्रद्धालु इस पूरे महीने विभिन्न धार्मिक आयोजनों के जरिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इसके अलावा मंगलवार के दिन व्रत रखकर हनुमानजी की पूजा करने से साधक की कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। मंगलवार का दिन संकटमोचन बजरंगबली को समर्पित है और इस दिन सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर हनुमानजी के समक्ष दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। मंगलवार पूजा और दिशाशूल की जानकारी हनुमानजी के पूजन में सिंदूर, चमेली का तेल और लाल रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करके जीवन में साहस और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है और अंत में प्रसाद का वितरण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तरह उपासना करने से मानसिक बल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। पंचांग के मुताबिक इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा, जिसका अर्थ है कि इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। आज की तिथियां और नक्षत्र योग आज की मुख्य तिथियों में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 07:01 ए एम तक रहेगी और इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी जो 28 अक्टूबर को तड़के 04:06 ए एम तक प्रभावी रहेगी। नक्षत्रों की बात करें तो भरणी नक्षत्र दोपहर 03:39 पी एम तक रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र आरंभ होगा। करण पक्ष में कौलव करण सुबह 07:01 ए एम तक और तैतिल करण शाम 05:35 पी एम तक रहेगा। योग की दृष्टि से सिद्धि योग सुबह 10:53 ए एम तक चलेगा जिसके उपरांत व्यतीपात योग शुरू होगा। चंद्र राशि की स्थिति के अनुसार चंद्रमा मेष राशि से वृषभ राशि में संचरण करेंगे। सूर्य और चंद्रमा के समय तथा शुभ मुहूर्त दिनभर के शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:48 ए एम से 05:39 ए एम तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:43 ए एम से 12:28 पी एम तक, विजय मुहूर्त दोपहर 01:57 पी एम से 02:42 पी एम तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05:41 पी एम से 06:07 पी एम तक निर्धारित है। अमृत काल सुबह 11:15 ए एम से दोपहर 12:43 पी एम के बीच रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11:40 पी एम से 28 अक्टूबर की रात 12:32 ए एम तक रहेगा। त्रिपुष्कर योग दोपहर 03:39 पी एम से 28 अक्टूबर की सुबह 04:06 ए एम तक तथा सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 03:39 पी एम से सुबह 06:31 ए एम तक प्रभावी रहेगा। शिववास के अंतर्गत मां गौरी के साथ सुबह 07:01 ए एम तक और सभा में 28 अक्टूबर की सुबह 04:06 ए एम तक का समय रहेगा। अशुभ मुहूर्त और वर्जित समय दिन के दौरान राहुकाल दोपहर 02:53 पी एम से शाम 04:17 पी एम तक रहेगा जिस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 09:18 ए एम से 10:42 ए एम तक और गुलिक काल दोपहर 12:06 पी एम से दोपहर 01:29 पी एम तक माना गया है। आडल योग सुबह 06:30 ए एम से दोपहर 03:39 पी एम तक रहेगा जबकि विडाल योग दोपहर 03:39 पी एम से अगली सुबह 06:31 ए एम तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 08:44 ए एम से 09:29 ए एम तक और वर्ज्य काल दोपहर 02:32 पी एम से 28 अक्टूबर की दोपहर 03:59 ए एम तक रहेगा। इसका आप पर असर पंचांग के नियमों और मुहूर्तों का पालन करने से दैनिक कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। • भारत में: व्रत और त्योहारों के दिन लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष अनुष्ठान और दान-पुण्य करते हैं। इससे देश भर के श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आत्मीय संबल मिलता है। • यात्रा और कार्य: उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण इस ओर जाने वाले यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। • शुभ कार्य: राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय की जानकारी होने से लोग जरूरी समझौतों और खरीदारी को सही समय पर टाल सकते हैं। • दान और स्नान: कार्तिक मास में सुबह स्नान और दीपदान करने से परंपराओं से जुड़े लोगों को आध्यात्मिक लाभ और अनुशासन की प्राप्ति होती है। • पूजा अनुष्ठान: मंगलवार के दिन व्रत रखकर हनुमानजी की आराधना करने से भक्तों का आत्मविश्वास मजबूत होता है और मानसिक बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा क्यों हुआ पंचांग की गणनाएं सूर्य, चंद्रमा और नक्षत्रों की गति के आधार पर तय की जाती हैं। • ग्रहों की स्थिति: चंद्रमा के मेष से वृषभ राशि में संचरण और सूर्य की तुला राशि में स्थिति के कारण तिथियों और नक्षत्रों का विशेष योग बनता है। • मासिक परंपराएं: हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार आश्विन मास के पूर्ण होने पर कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत होती है। • वार का महत्व: ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक वार किसी विशिष्ट देवता या ग्रह को समर्पित होता है, जिसके अनुसार मंगलवार का दिन हनुमानजी और मंगल ग्रह के लिए निर्धारित है। • दिशाशूल का नियम: वास्तु और ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार ग्रहों की दिशा और वार के आधार पर दिशाशूल तय किया जाता है ताकि यात्रा के दौरान नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सके। सवाल-जवाब 1. 27 अक्टूबर 2026 को कौन सा व्रत है? इस दिन मंगलवार का व्रत रखा जा रहा है और साथ ही कार्तिक मास की शुरुआत हो रही है। 2. कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि कब तक रहेगी? प्रतिपदा तिथि सुबह 07:01 ए एम तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। 3. आज राहुकाल का समय क्या है? राहुकाल दोपहर 02:53 पी एम से शाम 04:17 पी एम तक रहेगा। 4. आज किस दिशा में दिशाशूल रहेगा? आज उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा, जिस ओर यात्रा करना अशुभ माना जाता है। 5. अभिजीत मुहूर्त का समय क्या है? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:43 ए एम से 12:28 पी एम तक रहेगा। 6. चंद्रमा आज किस राशि में संचरण करेंगे? चंद्रमा आज मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। 7. आज कौन सा मुख्य नक्षत्र रहेगा? आज दोपहर 03:39 पी एम तक भरणी नक्षत्र रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। https://trendkia.com/spirituality/27-october-2026-ka-pnchanga-mngalavara-vrata-aura-kartika-masa-ka-arnbha-52162 TrendKia — Har trend, sabse pehle.