पूर्णिया के ऐतिहासिक माता पूरण देवी मंदिर में शादी और अनुष्ठानों की नई शुल्क सूची जारी पूर्णिया के प्रसिद्ध माता पूरण देवी मंदिर में शादी, मुंडन, उपनयन और वाहन पूजन जैसे मांगलिक कार्यों के लिए मंदिर कमेटी ने निर्धारित दरों में बदलाव किया है। पूर्णिया जिले के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में शुमार माता पूरण देवी मंदिर में धार्मिक व मांगलिक आयोजनों को लेकर व्यवस्थाओं को नया रूप दिया गया है। पूर्णिया शहर के सिटी कालीबाड़ी के पास लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसी पावन धाम के नाम से पूरे जिले की पहचान पूर्णिया के रूप में स्थापित हुई। यहाँ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता के दरबार में हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस नए साल पर मंदिर परिसर में विभिन्न प्रकार के संस्कार, अनुष्ठान और मांगलिक कार्य संपन्न कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुल्क तालिका में संशोधन लागू कर दिया गया है। मांगलिक कार्यों और संस्कारों के लिए दरों में हुआ संशोधन अगर श्रद्धालु अपने पुत्र या पुत्री का विवाह, उपनयन, मुंडन संस्कार अथवा नवीन वाहन पूजन जैसे शुभ कार्य माता पूरण देवी मंदिर परिसर में आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें अब मंदिर कमेटी द्वारा तय की गई नई तालिका के अनुसार सहयोग राशि का भुगतान करना होगा। मंदिर प्रबंधन ने शादी-विवाह, मुंडन, उपनयन, धर्मशाला के उपयोग, बलि प्रदान, वाहनों की पूजा और परिसर की साफ-सफाई से जुड़े शुल्कों को विधिवत निर्धारित कर दिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर में होने वाले आयोजनों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना और साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है। विभिन्न अनुष्ठानों और सुविधाओं की तय सूची मंदिर कमेटी के सदस्य सुबोध पंडित ने नई शुल्क तालिका की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रत्येक कार्य के अनुसार अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नई व्यवस्था के तहत विवाह अनुष्ठान के लिए वर पक्ष को 1100 रुपये और वधू पक्ष को 501 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई शुल्क के तौर पर वर पक्ष से 551 रुपये और वधू पक्ष से 551 रुपये तय किए गए हैं। वाहन पूजन, मुंडन और धर्मशाला के लिए निर्धारित शुल्क वाहनों के धार्मिक पूजन को लेकर भी श्रेणियों के आधार पर शुल्क लागू किया गया है। चार पहिया वाहन के पूजन के लिए 251 रुपये और टू व्हीलर एवं थ्री व्हीलर के पूजन के लिए 151 रुपये तय किए गए हैं, जबकि बाद वाहन पूजन शुल्क 551 रुपये रखा गया है। अन्य पारंपरिक संस्कारों की बात करें तो उपनयन और मुंडन संस्कार के लिए 251 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, वहीं बलि प्रदान के लिए 101 रुपये तय हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में बड़े स्तर पर आयोजन करने वालों के लिए विवाह भवन का शुल्क 5001 रुपये तय किया गया है। श्रद्धालुओं के ठहरने और उपयोग के लिए बड़ा धर्मशाला 3500 रुपये और छोटा धर्मशाला 2500 रुपये के निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध रहेगा। निर्धारित नियमों और शुल्क के पालन के साथ श्रद्धालु अपने सभी मांगलिक कार्य यहाँ सुगमतापूर्वक संपन्न कर सकते हैं। इसका आप पर असर माता पूरण देवी मंदिर में मांगलिक कार्यों की नई शुल्क सूची लागू होने से पूर्णिया और आसपास के श्रद्धालुओं के पारिवारिक आयोजनों का बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा। • भारत में: बिहार के सीमांचल और अन्य क्षेत्रों से पूर्णिया आकर पारंपरिक अनुष्ठान कराने वाले श्रद्धालुओं को अब मंदिर परिसर के तय शुल्कों के अनुसार ही अपने धार्मिक कार्यों की योजना बनानी होगी। इससे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मिलने वाली सुविधाओं और उनके शुल्क ढांचे में एकरूपता और पारदर्शिता की समझ बढ़ेगी। • पूर्णिया में: स्थानीय नागरिकों को बेटे-बेटी की शादी, मुंडन या वाहन पूजन के लिए मंदिर कमेटी द्वारा तय संशोधित राशि का अग्रिम भुगतान करना होगा। शादी के लिए वर पक्ष को 1100 रुपये और सफाई के 551 रुपये, जबकि विवाह भवन बुक करने वालों को 5001 रुपये का सीधा बजट तय करना पड़ेगा। • पारिवारिक बजट पर: विवाह, मुंडन और उपनयन जैसे संस्कारों के लिए मंदिर आने वाले परिवारों को सफाई और पंजीकरण का अलग शुल्क देना होगा। इससे आयोजनों में अप्रत्याशित खर्चों से बचाव होगा और रसीद के साथ स्पष्ट व्यवस्था मिलेगी। • वाहन स्वामियों के लिए: दोपहिया, तिपहिया अथवा चार पहिया वाहन खरीदने वाले स्थानीय खरीदारों को पूजा के लिए 151 से 251 रुपये की तय रसीद कटवानी होगी। इससे अनाधिकृत या मनमाने दान-दक्षिणा के दबाव से मुक्ति मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ माता पूरण देवी मंदिर में नए साल के अवसर पर व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से समिति ने यह कदम उठाया है। • सीधा कारण: मंदिर परिसर में शादी-विवाह, मुंडन, उपनयन और धर्मशाला उपयोग के दौरान बढ़ती भीड़ और व्यवस्था खर्च को देखते हुए मंदिर कमेटी ने दरों को संशोधित किया है। सुबोध पंडित के अनुसार अलग-अलग कार्यों के लिए तय शुल्क से व्यवस्था पारदर्शी बनेगी। • परिसर की स्वच्छता और रखरखाव: बड़े आयोजनों के बाद परिसर में कचरा और गंदगी की समस्या से निपटने के लिए वर और वधू दोनों पक्षों पर 551-551 रुपये का सफाई शुल्क अनिवार्य किया गया है। इस राशि का सीधा उपयोग परिसर को साफ-सुथरा रखने में होगा। • सुविधाओं का औपचारिक वर्गीकरण: विवाह भवन और बड़ी-छोटी धर्मशालाओं के उपयोग के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं ताकि कमरे और हॉल की बुकिंग में पारदर्शिता बनी रहे। इससे पहले से आने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्धता और लागत की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। सवाल-जवाब 1. माता पूरण देवी मंदिर पूर्णिया में कहाँ स्थित है? यह मंदिर पूर्णिया शहर के सिटी कालीबाड़ी के नजदीक लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। 2. नई दर सूची के अनुसार शादी के लिए वर और वधू पक्ष को कितना शुल्क देना होगा? विवाह के लिए वर पक्ष के लिए 1100 रुपये और वधू पक्ष के लिए 501 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। 3. मंदिर परिसर में विवाह के दौरान सफाई शुल्क कितना तय किया गया है? सफाई शुल्क के रूप में वर पक्ष और वधू पक्ष दोनों को 551-551 रुपये का भुगतान करना होगा। 4. चार पहिया और दोपहिया वाहन पूजन की क्या दरें तय की गई हैं? चार पहिया वाहन पूजन के लिए 251 रुपये और टू व्हीलर व थ्री व्हीलर पूजन के लिए 151 रुपये तय किए गए हैं। 5. उपनयन और मुंडन संस्कार का क्या शुल्क है? मंदिर परिसर में उपनयन और मुंडन संस्कार कराने के लिए 251 रुपये का शुल्क निर्धारित है। 6. विवाह भवन और धर्मशाला की बुकिंग के लिए क्या राशि निर्धारित है? विवाह भवन के लिए 5001 रुपये, बड़ी धर्मशाला के लिए 3500 रुपये और छोटी धर्मशाला के लिए 2500 रुपये का शुल्क तय किया गया है। https://trendkia.com/spirituality/purnea-ke-aitihasika-mata-puran-devi-temple-men-shadi-aura-anushthanon-ki-nai-shulka-suchi-jari-37398 TrendKia — Har trend, sabse pehle.