# सावन के दूसरे सोमवार पर बन रहे दुर्लभ संयोग, इस विधि से पूजा करने पर मिलेगा दस गुना फल

> सावन के दूसरे सोमवार के दिन एकादशी और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे खास संयोग बन रहे हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ श्री हरि की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

**Type:** article · **Category:** अध्यात्म · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/spirituality/savana-ke-dusare-somavara-para-bana-rahe-durlabha-snyoga-isa-vidhi-se-puja-karane-para-milega-dasa-guna-phala-51660 · **Language:** Hindi
**Tags:** सावन सोमवार, बैद्यनाथधाम, शिव पूजा, सर्वार्थ सिद्धि योग, एकादशी, सावन 2025

हिन्दू धर्म में सावन के महीने का विशेष स्थान है और ऐसा माना जाता है कि इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी पर ही वास करते हैं। यही कारण है कि महादेव को समर्पित यह पूरा महीना उनकी आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। भक्तगण इस दौरान सावन सोमवार के पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। कई लोग केवल एक लोटा गंगाजल अर्पित करके भी भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। सावन माह का दूसरा सोमवार 21 जुलाई यानी आज के दिन पड़ रहा है, जिसका धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व है।

## बन रहे हैं विशेष और दुर्लभ संयोग
इस वर्ष सावन के पवित्र महीने में कुल चार सोमवार आ रहे हैं, जिनमें से दूसरे सोमवार का दिन बेहद खास माना जा रहा है। बैद्यनाथधाम के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सावन के दूसरे सोमवार पर कई वर्षों के बाद बेहद अद्भुत और शुभ संयोग बन रहे हैं। इस खास अवसर पर विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने और उन्हें बेलपत्र अर्पित करने से महादेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

## एकादशी और रोहिणी नक्षत्र का मेल
बैद्यनाथ पंचांग के अनुसार, 21 जुलाई को एकादशी तिथि का भी संयोग बन रहा है, जिसका अर्थ है कि इस दिन भक्तों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवों के देव महादेव दोनों का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसके अलावा, इस पावन दिवस पर रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ माना गया है। इन सबके साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी, रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग के इस त्रिवेणी संगम में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है और सभी अटके कार्य पूरे होते हैं।

## पूजन की सही विधि और नियम
सावन के दूसरे सोमवार के दिन व्रत का पालन करना बहुत फलदायी माना जाता है। पूजा की शुरुआत में सबसे पहले भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करें और उन्हें राम नाम लिखा हुआ बेलपत्र विशेष रूप से अर्पित करें। इस दिन पंचोपचार विधि यानी जल, दूध, दही, घी और शहद के माध्यम से अभिषेक करना चाहिए और इसके बाद शुद्ध घी का दीपक जलाना जरूरी है। चूंकि इस दिन कामना एकादशी भी है, इसलिए भगवान विष्णु की भी विधि-विधान से उपासना करें। हरि और हर दोनों के संयुक्त आशीर्वाद से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों की हर मुराद पूरी होती है।

## इसका आप पर असर
सावन के दूसरे सोमवार पर बन रहे विशेष योगों का सीधा असर व्रत रखने वाले और पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक जीवन और दैनिक अनुष्ठानों पर पड़ेगा।

- **भारत में:** देश भर के शिव मंदिरों में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिलेगी और जलाभिषेक का क्रम पूरे दिन चलेगा। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को एकादशी और सर्वार्थ सिद्धि योग के संयुक्त प्रभाव से दोगुना पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होगी।
- **देवघर और बैद्यनाथधाम क्षेत्र में:** स्थानीय तीर्थ क्षेत्रों और आसपास के जिलों में आने वाले कांवड़ियों और शिव भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम करने होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुर्लभ संयोग पंचांग की गणना और ग्रहों-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण बन रहा है। सावन मास और सोमवार का दिन पहले से ही भगवान शिव को समर्पित होने के कारण अत्यंत पावन माना जाता है।

- **पंचांगीय गणना:** इस वर्ष सावन के दूसरे सोमवार के दिन तिथि के फेर के कारण एकादशी काक संयोग भी बना है, जो शिव और विष्णु दोनों की आराधना का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है।
- **नक्षत्रों की स्थिति:** ज्योतिषीय नियमों के अनुसार रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का एक ही दिन पड़ना हर कार्य में सफलता और शुभ फल देने वाला माना गया है।
- **परंपरागत मान्यता:** बैद्यनाथधाम जैसे प्रमुख शक्तिपीठों और ज्योतिर्लिंगों पर प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार इन विशेष दिनों पर अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. सावन का दूसरा सोमवार किस तारीख को है?
सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई को है।

### 2. सावन के दूसरे सोमवार पर कौन सा विशेष योग बन रहा है?
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र के साथ एकादशी तिथि का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

### 3. इस दिन किन देवी-देवताओं की पूजा का विधान है?
इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है।

### 4. भगवान शिव को क्या अर्पित करना सबसे उत्तम बताया गया है?
शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के बाद राम नाम लिखा हुआ बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है।

### 5. यह जानकारी किसने दी है?
यह जानकारी बैद्यनाथधाम के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने दी है।

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