# सावन की अंतिम सोमवारी पर नंदी के कान में इस तरह कहें अपनी मनोकामना, तुरंत पूरी होगी मुराद

> सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा के बाद नंदी के कान में अपनी बात कहने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। जानिए इसके पीछे की पौराणिक मान्यता और सही नियम।

**Type:** article · **Category:** अध्यात्म · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/spirituality/sawan-ki-antima-somwari-par-nandi-ke-kaan-mein-is-tarah-kahein-manokamna-50283 · **Language:** Hindi
**Tags:** सावन सोमवारी, नंदी पूजा, भगवान शिव, सावन 2025, पूर्णिया न्यूज, ज्योतिष उपाय

पूर्णिया में 4 अगस्त को सावन की अंतिम सोमवारी मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का पूरा महीना सभी महीनों में सबसे अधिक पवित्र और विशेष माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कठोर उपासना, आराधना और विधि-विधान से पूजा-पाठ करते हैं। ऐसा विश्वास है कि सच्चे मन से की गई पूजा से महादेव अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं।

सावन का यह पूरा महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस अवधि में जो भी व्यक्ति पूरी निष्ठा और सच्चे दिल से शिव आराधना करता है, उस पर हमेशा महादेव की विशेष कृपा बनी रहती है। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि शिव जी की पूजा संपन्न करने के बाद यदि नंदी के कान में अपनी इच्छा या मनोकामना कह दी जाए, तो वह बहुत जल्द पूरी हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई भक्त भोलेनाथ की पूजा के बाद नंदी से अपनी बात नहीं कहता है, तो उसकी पूजा कुछ अधूरी सी मानी जाती है।

## पौराणिक मान्यता और संदेशवाहक
पूर्णिया के प्रसिद्ध पंडित मनोत्पल झा का कहना है कि शिव आराधना के बाद भक्तों को नंदी महाराज के कान में अपनी बात अवश्य रखनी चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह कही गई बातें निश्चित रूप से पूरी होती हैं। पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार नंदी केवल भगवान शिव के सवारी वाहन मात्र नहीं हैं, बल्कि वे उनके सबसे बड़े परम भक्त और बेहद विश्वासपात्र संदेशवाहक भी माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब कोई भक्त अपने मन की बात नंदी के कान में कहता है, तो नंदी उसे एक दूत की तरह सीधे महादेव तक पहुंचा देते हैं, जिससे वह मुराद जल्द ही स्वीकार हो जाती है।

## नंदी के कान में प्रार्थना करने की सही विधि
पंडित मनोत्पल झा ने नंदी के कान में मनोकामना कहने का सही तरीका भी विस्तार से बताया है। सबसे पहले शिवभक्त को विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए और उन पर जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद पवित्र मन से **ओम नमः शिवाय** मंत्र का जप करना चाहिए। इसके पश्चात नंदी महाराज की प्रतिमा के पास जाकर उनके दाहिने कान में बहुत ही धीमी आवाज में अपनी मनोकामना कहनी चाहिए।

प्रार्थना करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि जब आप दाहिने कान में अपनी बात कह रहे हों, तब अपने दूसरे हाथ से नंदी के बाएं कान को हल्के से बंद रखना चाहिए ताकि आवाज बाहर न जाए। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर नंदी को प्रणाम करें और कुछ देर शांत होकर मौन बैठ जाएं। इसके बाद वहां से उठकर अपने दैनिक कार्यों में लग जाएं। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में महादेव की असीम कृपा आपके जीवन पर बरसने लगेगी।

## इसका आप पर असर
सावन के इस पावन अवसर पर शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिससे स्थानीय बाजारों और परिवहन व्यवस्था पर भी भीड़भाड़ का असर पड़ सकता है।

- **भारत में:** देश भर के शिव मंदिरों में अंतिम सोमवारी के दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिससे दर्शन के लिए भक्तों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ सकता है। श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- **पूर्णिया में:** स्थानीय शिव मंदिरों और विशेषकर महाकालेश्वर या अन्य प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहेगा, जिससे आसपास के स्थानीय मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सावन के महीने में नंदी के कान में मनोकामना कहने की परंपरा सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इसे लेकर ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दोनों कारण जुड़े हुए हैं।

- **पौराणिक महत्व:** हिंदू ग्रंथों के अनुसार नंदी भगवान शिव के मुख्य द्वारपाल और सबसे प्रिय गण हैं, जो हर भक्त की बात सीधे भगवान तक पहुंचाते हैं।
- **आध्यात्मिक परंपरा:** यह मान्यता है कि सीधे शिवजी के सामने हर कोई अपनी बात कहने में संकोच कर सकता है, इसलिए उनके परम भक्त नंदी के माध्यम से प्रार्थना करना सबसे सरल माध्यम माना गया है।
- **पूजन का पूर्ण होना:** प्राचीन आचार्यों और पंडितों के अनुसार शिव आराधना के बाद नंदी की पूजा और उनके कान में बात कहना अनुष्ठान का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सावन की अंतिम सोमवारी कब है?
सावन की अंतिम सोमवारी 4 अगस्त को है।

### 2. नंदी के किस कान में मनोकामना कहनी चाहिए?
नंदी महाराज के दाहिने कान में अपनी मनोकामना कहनी चाहिए।

### 3. मनोकामना कहते समय दूसरे कान का क्या करना चाहिए?
दाहिने कान में बात कहते समय अपने दूसरे हाथ से नंदी के बाएं कान को बंद रखना चाहिए।

### 4. नंदी को भगवान शिव का क्या माना जाता है?
नंदी को भगवान शिव का वाहन, परम भक्त और विश्वासपात्र संदेशवाहक माना जाता है।

### 5. यह जानकारी किस पंडित द्वारा दी गई है?
यह जानकारी पूर्णिया के पंडित मनोत्पल झा द्वारा दी गई है।

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