शारदीय नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये चार वस्तुएं, 22 सितंबर को होगी घटस्थापना पितृ पक्ष के बाद 22 सितंबर से शुरू हो रहे नौ दिवसीय शक्ति पर्व से पूर्व घर से नकारात्मक वस्तुएं हटाने की सलाह दी गई है, ताकि घटस्थापना का पूर्ण शुभ फल मिले। पितृ पक्ष के समापन के तुरंत बाद शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ होता है। यह संपूर्ण कालखंड जगतजननी मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। श्रद्धालु इन नौ दिनों और रातों में शक्ति की साधना करते हैं और उपवास का संकल्प लेते हैं। उत्सव के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना अर्थात कलश स्थापना की परंपरा निभाई जाती है। उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, कलश स्थापना से पहले घर के भीतर से कुछ खास चीजों को हटा देना चाहिए। घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को विसर्जित करने के लिए ऐसा करना जरूरी माना गया है, क्योंकि ऐसी अवांछित वस्तुओं की मौजूदगी से देवी दुर्गा अप्रसन्न हो सकती हैं। शारदीय नवरात्रि की तिथियां और महत्वपूर्ण समय सारणी वैदिक पंचांग के विश्लेषण के अनुसार, शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि तक चलती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ 22 सितंबर से हो रहा है। इसी दिन प्रथम तिथि पर कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद 30 सितंबर को महाअष्टमी का व्रत और पूजन होगा, जबकि एक अक्टूबर को महानवमी की पूजा संपन्न की जाएगी। विजयादशमी यानी दशहरा का त्योहार दो अक्टूबर को मनाया जाएगा, और इसी दिन दो अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी संपन्न होगा। कलश स्थापना से पहले घर से दूर करें ये चार वस्तुएं घर में सकारात्मक वातावरण और शक्ति की कृपा बनाए रखने के लिए आचार्य आनंद भारद्वाज ने चार विशेष वस्तुओं को हटाने का सुझाव दिया है • बंद अथवा खराब घड़ी: देवी भगवती के आगमन से पहले मकान के किसी भी हिस्से में पड़ी रुकी हुई घड़ी को या तो हटा दें अथवा उसे दोबारा चालू कर लें। बंद घड़ी रखने से राहु का असर बढ़ता है, जिसे अनुकूल नहीं माना जाता। रुकी हुई घड़ी से मां दुर्गा के रुष्ट होने की मान्यता है। • सूखा हुआ तुलसी का पौधा: तुलसी को धन की देवी मां लक्ष्मी का स्वरूप स्वीकार किया जाता है। आंगन या गमले में सूखा तुलसी का पौधा लगे रहने से भगवान विष्णु अप्रसन्न होते हैं और इसे अशुभ माना गया है। नवरात्रि के शुभारंभ से पूर्व इस सूखे पौधे को विसर्जित कर दें, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे और देवी दुर्गा का आगमन सुखद हो। • खंडित मूर्तियां और पुरानी फटी तस्वीरें: यदि पूजा स्थल या घर में किसी भी देवी-देवता की खंडित प्रतिमा रखी है अथवा फटी हुई पुरानी तस्वीर मौजूद है, तो उसे तत्काल आदरपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए। इनके रहते कलश स्थापना का पूर्ण फल नहीं मिलता। • टूटी हुई झाड़ू: दैनिक स्वच्छता के काम आने वाली झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। घर में टूटी या बिखरी झाड़ू रखना वास्तु दोष उत्पन्न करता है और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। झाड़ू का अनादर लक्ष्मी का अनादर माना जाता है, जिससे मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं। इसलिए पर्व शुरू होने से पहले ऐसी झाड़ू को बाहर कर देना चाहिए। इसका आप पर असर नवरात्रि पूजन से पूर्व घर की स्वच्छता और व्यवस्था सुधारने से धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा लाभ मिलता है। • तैयारी का समय: 22 सितंबर को घटस्थापना से पहले घर की साफ-सफाई पूरी कर लें। इससे पूजा के दिन किसी व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ेगा। • सकारात्मक माहौल: खंडित मूर्तियों और खराब घड़ियों को हटाने से मानसिक शांति मिलती है। यह परिवार में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करता है। • वास्तु और नियम: सूखे पौधे और टूटी झाड़ू का समय पर निस्तारण करें। इससे घर के भीतर अव्यवस्था और वास्तु संबंधी दोष समाप्त होते हैं। • त्योहार की योजना: अष्टमी 30 सितंबर और नवमी 1 अक्टूबर को पड़ने के कारण अपने अवकाश और पूजन की तैयारी पहले से कर लें। दो अक्टूबर को विसर्जन के साथ ही दशहरा का आयोजन होगा। ऐसा क्यों हुआ धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर पूजा से पहले अवांछित वस्तुओं को हटाना अनिवार्य माना गया है। • नकारात्मक ऊर्जा का संचय: टूटी और बंद वस्तुएं प्रगति में रुकावट और नकारात्मकता का कारण मानी जाती हैं। नवरात्रि जैसे सात्विक उत्सव में शुद्ध वातावरण की आवश्यकता होती है। • धार्मिक प्रतीकों का सम्मान: तुलसी और झाड़ू को धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इनका खंडित या सूखा रूप रखना अनादर का सूचक समझा जाता है, जिससे देवी दुर्गा के अप्रसन्न होने की मान्यता है। • ग्रह दोष और राहु प्रभाव: रुकी हुई घड़ी को राहु के दुष्प्रभाव और समय की गति में ठहराव से जोड़ा जाता है। इसलिए आचार्य द्वारा घटस्थापना से पूर्व इन्हें बाहर करने की सलाह दी गई है। सवाल-जवाब 1. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत किस दिन से हो रही है? इस साल शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर से होगा। 2. कलश स्थापना किस तारीख को की जाएगी? घटस्थापना अथवा कलश स्थापना 22 सितंबर को प्रतिपदा तिथि पर की जाएगी। 3. महाअष्टमी और महानवमी की तिथियां क्या हैं? महाअष्टमी का पर्व 30 सितंबर को और महानवमी एक अक्टूबर को मनाई जाएगी। 4. दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कब होगा? दशहरा पर्व और मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन दो अक्टूबर को संपन्न होगा। 5. नवरात्रि से पहले कौन सी चार वस्तुएं घर से हटाने की सलाह दी गई है? बंद घड़ी, सूखा तुलसी का पौधा, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां या फटी तस्वीरें और टूटी झाड़ू हटाने की सलाह दी गई है। 6. बंद घड़ी को घर में रखने से क्या प्रभाव पड़ता है? मान्यता के अनुसार बंद घड़ी से राहु का प्रभाव बढ़ता है, जिससे मां दुर्गा अप्रसन्न हो सकती हैं। https://trendkia.com/spirituality/shardiya-navratri-se-pehle-ghar-se-hatayein-ye-char-vastuyen-22-september-ko-hogi-kalash-sthapana-45604 TrendKia — Har trend, sabse pehle.