# अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज समाप्त, भारत ने जीते कुल 15 पदक

> मेजबान भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण में चार स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य समेत कुल 15 पदक अपने नाम किए। तालिका में चेक गणराज्य शीर्ष पर रहा।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/ahamadabada-men-world-archery-para-series-samapta-bharata-ne-jite-kula-15-padaka-30760 · **Language:** Hindi
**Tags:** पैरा तीरंदाजी, विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज, हरविंदर सिंह, शीतल देवी, अहमदाबाद खेल

अहमदाबाद में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण का समापन भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। घरेलू मैदान पर खेल रहे भारतीय तीरंदाजों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदकों पर कब्जा जमाया, जिसमें चार स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य पदक शामिल रहे। हालांकि पदक तालिका में शीर्ष स्थान चेक गणराज्य के हाथ लगा, जिसने पांच स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, चीन ने दो स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

## एशियाई पैरा खेलों के लिए मजबूत तैयारी
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ने भारतीय पैरा खिलाड़ियों को आगामी आयोजनों के लिए खुद को परखने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया। आगामी 18 से 24 अक्टूबर के दौरान आइची-नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों की तैयारियों के लिहाज से यह टूर्नामेंट बेहद अहम साबित हुआ है। भारतीय स्वर्ण पदकों की इस सफल मुहिम की अगुवाई पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह ने की। उन्होंने विजय सुंडी के साथ मिलकर मैदान पर उतरते हुए पैरा रिकर्व पुरुष युगल स्पर्धा का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के आखिरी दिन हरविंदर ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए भावना के साथ मिलकर पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

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## शीतल देवी और पुरुष वर्ग का शानदार प्रदर्शन
भारतीय दल के अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी सटीक निशानेबाजी से कई पदक जोड़े। श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार की जोड़ी ने पैरा कंपाउंड पुरुष युगल में भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद, विश्व चैंपियन और पेरिस पैरालंपिक की कांस्य पदक विजेता शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना साधा। इसी स्पर्धा में सरिता ने भी कांस्य पदक हासिल कर शीतल देवी के साथ पोडियम साझा किया। इसके अतिरिक्त, शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने पैरा कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया।

## रजत और कांस्य पदकों का पूरा ब्योरा
भारत के खाते में आए तीन रजत पदकों में भावना और पूजा द्वारा पैरा रिकर्व महिला युगल में जीता गया पदक शामिल है। इसके अलावा, दृष्टिबाधित वर्ग में तन्वी इंगले ने तथा महिला प्रथम श्रेणी की मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने रजत पदक हासिल किया। भारतीय दल ने कुल आठ कांस्य पदक भी जीते, जिनमें दृष्टिबाधित वर्ग में युगल गर्ग का तीसरा स्थान शामिल है। स्वाति चौधरी ने महिला वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया।

शीतल देवी के इस जांबाज प्रदर्शन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा गया, जहां एक रोमांचक मुकाबले में उन्होंने स्कोर को 144-144 की बराबरी पर लाने के बाद शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 का निशाना लगाकर देश के लिए स्वर्ण पदक पक्का किया।

## कांस्य पदकों की श्रृंखला और अन्य नतीजे
प्रतियोगिता के शुरुआती चरणों में भी भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतने का सिलसिला जारी रहा था। तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जबकि भावना ने पैरा रिकर्व महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल करते हुए टूर्नामेंट में कुल तीन पदक अपने नाम किए। इसके बाद, स्वाति चौधरी ने वसुंधरा तेओतिया के साथ मिलकर महिला प्रथम श्रेणी की युगल स्पर्धा में एक और कांस्य पदक जीता, जिससे उनके व्यक्तिगत पदकों की संख्या दो हो गई। वहीं, आदिल ने विनायक ब्रीड के साथ जोड़ी बनाकर पुरुष युगल वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या दो पहुंचाई।

## इसका आप पर असर
इस प्रतियोगिता के सफल समापन से भारतीय पैरा तीरंदाजों का मनोबल बढ़ा है और उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए बेहतर अभ्यास मिला है।

- **भारत में:** देश के पैरा एथलीटों के शानदार प्रदर्शन से आगामी एशियाई पैरा खेलों के लिए भारतीय दल की उम्मीदें मजबूत हुई हैं और राष्ट्रीय स्तर पर खेल के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन मिल रहा है।
- **अहमदाबाद में:** स्थानीय स्तर पर इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन से शहर में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिला है और युवा खिलाड़ियों को बड़े आयोजनों से प्रेरणा मिली है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह प्रतियोगिता भारतीय पैरा तीरंदाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीकी क्षमताओं को परखने का एक बड़ा मंच थी।

- **प्रतियोगिता का महत्व:** आइची-नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों से पहले खिलाड़ियों को अपनी कमियों को सुधारने का सीधा मौका मिला।
- **खिलाड़ियों का अनुभव:** पैरालंपिक चैंपियनों और विश्व विजेताओं की मौजूदगी ने भारतीय टीम को दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने का अनुभव दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण का आयोजन कहाँ किया गया था?
इस प्रतियोगिता का आयोजन अहमदाबाद में किया गया था।

### 2. भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल कितने पदक जीते?
भारत ने चार स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य सहित कुल 15 पदक जीते।

### 3. मेडल तालिका में कौन सा देश पहले स्थान पर रहा?
चेक गणराज्य पाँच स्वर्ण पदक जीतकर तालिका में शीर्ष पर रहा।

### 4. हरविंदर सिंह ने कौन से पदक जीते?
हरविंदर सिंह ने पैरा रिकर्व पुरुष युगल और पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते।

### 5. शीतल देवी ने किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया?
शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

## प्रेरणा और सबक
भारतीय पैरा तीरंदाजों की यह सफलता कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण पेश करती है।

- **कठिन परिस्थितियों में सफलता:** शीतल देवी और अन्य खिलाड़ियों ने शारीरिक चुनौतियों को पार करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है।
- **टीम वर्क और तालमेल:** युगल और मिश्रित स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने आपसी तालमेल से यह साबित किया कि सही सहयोग से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
- **निरंतर अभ्यास:** बड़े टूर्नामेंटों से पहले अभ्यास मुकाबलों में भाग लेने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन मजबूत होता है।

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