अहमदाबाद में शीतल देवी और हरविंदर सिंह का कमाल, भारत ने जीते 2 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज भारत के शीर्ष तीरंदाजों ने अहमदाबाद में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के अंतिम दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। अहमदाबाद शहर में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे और अंतिम चरण के समापन के दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। दुनिया की शीर्ष रैंकिंग वाली तीरंदाज शीतल देवी और पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हरविंदर सिंह के नेतृत्व में भारतीय दल ने कुल दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक अपने नाम करते हुए प्रतियोगिता का समापन किया। बुधवार को खेले गए इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सटीक निशानेबाजी से सभी को प्रभावित किया। शीतल देवी और हरविंदर सिंह का स्वर्णिम प्रदर्शन वर्तमान विश्व चैंपियन शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग के खिताबी मुकाबले में बाजी मारते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा, पैरालंपिक खेलों में दो पदक अपने नाम कर चुके हरविंदर सिंह ने भावना के साथ मिलकर पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में देश के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता। रिकर्व मिश्रित टीम के खिताबी मुकाबले में हरविंदर और भावना की जोड़ी ने चीन के लियांग कियूरोंग और शिया लेइ की जोड़ी को छह-शून्य से शिकस्त दी। रोमांचक शूटऑफ और व्यक्तिगत मुकाबले महिला कंपाउंड व्यक्तिगत के फाइनल मुकाबले में शीतल देवी का सामना कजाखस्तान की ऐजादा सेडान से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और अंततः शीतल ने शूटऑफ में दस-नौ के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले शीतल ने तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल किया था। उस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने ईराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम की जोड़ी को एक सौ सत्तावन दशमलव एक सौ पैंतालीस से पराजित किया था। कांस्य पदकों की झड़ी भारतीय खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और टीम दोनों वर्गों में बेहतरीन खेल दिखाते हुए कई कांस्य पदक भी जीते। पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को एक सौ इकतालीस दशमलव एक सौ चालीस से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं दूसरी ओर, तोमन कुमार ने पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन ईराक के अब्बास कादिम को एक सौ तितालीस दशमलव एक सौ अड़तीस से पटखनी देकर कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा भावना ने रिकर्व महिला प्लेआफ मुकाबले में राजश्री राठौड़ को छह-शून्य से हराकर कांस्य पदक अपने खाते में जोड़ा। इसका आप पर असर यह शानदार प्रदर्शन देश के पैरा एथलीटों की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। • भारत में: यह जीत देश के अन्य दिव्यांग युवाओं को पेशेवर खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी और बुनियादी स्तर पर पैरा स्पोर्ट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी। • अहमदाबाद में: इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन और भारतीय खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन से स्थानीय खेलप्रेमियों में उत्साह बढ़ा है और शहर में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिला है। ऐसा क्यों हुआ भारतीय तीरंदाजों का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी सालों की कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण का परिणाम है। • कठोर अभ्यास: खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव से निपटने और अपने खेल की तकनीकी कमियों को सुधारने के लिए लगातार अभ्यास किया था। • उत्कृष्ट संयोजन: मिश्रित टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल और रणनीतिक समझ ने उन्हें कड़े मुकाबलों में जीत दिलाई। • मानसिक दृढ़ता: शीतल देवी और अन्य खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में भी संयम बनाए रखा, जिससे शूटऑफ जैसे कड़े मौकों पर सफलता मिली। सवाल-जवाब 1. विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज का आयोजन कहाँ किया गया था? इस प्रतियोगिता का आयोजन अहमदाबाद शहर में किया गया था। 2. भारत ने प्रतियोगिता के अंतिम दिन कुल कितने पदक जीते? भारत ने अंतिम दिन दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। 3. शीतल देवी ने किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता? शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। 4. हरविंदर सिंह और भावना ने किस टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीता? उन्होंने पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। 5. शीतल देवी ने फाइनल मुकाबले में किसे हराया? शीतल देवी ने फाइनल में कजाखस्तान की ऐजादा सेडान को शूटऑफ में हराया। प्रेरणा और सबक शीतल देवी और हरविंदर सिंह की यह सफलता असाधारण संघर्ष के बाद बुलंदी हासिल करने की एक मिसाल है। • चुनौतियों को मात देना: जीवन की कठिन परिस्थितियों और शारीरिक बाधाओं के बावजूद अपने सपनों के प्रति समर्पित रहना सफलता की कुंजी है। • दबाव में संयम: शूटऑफ और अंतिम पलों जैसे तनावपूर्ण दौर में मानसिक रूप से शांत रहकर ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जा सकता है। • निरंतर सुधार: वैश्विक मंच पर सफलता पाने के लिए अपनी कला में लगातार सुधार और अनुशासन बेहद आवश्यक है। https://trendkia.com/sports/ahmedabad-men-sheetal-devi-aura-harvinder-singh-ka-kamala-bharata-ne-jite-2-golda-aura-4-bronja-30449 TrendKia — Har trend, sabse pehle.