# आइची-नागोया में भारत की मिक्स्ड रिले टीम ने जीता रजत पदक

> एशियन गेम्स 2026 में मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल कर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/aichi-nagoya-men-bharata-ki-miksda-rile-tima-ne-jita-rajata-padaka-37881 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स 2026, मिक्स्ड रिले, एथलेटिक्स, विशाल टीके, विथ्या रामराज, पूवम्मा एमआर, मनु टीएस, सिल्वर मेडल

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में भारत ने जोरदार शुरुआत दर्ज की है। प्रतियोगिता के तहत 24 सितंबर की शाम को ट्रैक पर उतरे भारतीय धावकों ने शानदार गति और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करते हुए मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले स्पर्धा का रजत पदक अपने नाम किया। यह कामयाबी महिलाओं की 10000 मीटर दौड़ में सीमा द्वारा कांस्य पदक जीतने के कुछ ही समय बाद सामने आई, जिससे एथलेटिक्स एरेना में भारतीय खेमे का उत्साह दोगुना हो गया।

## शुरुआती पिछड़ने के बाद भारतीय चौकड़ी की जबरदस्त वापसी
फाइनल मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज ने किया। दौड़ की शुरुआत भारतीय दल के अनुकूल नहीं रही। मनु पहले चक्कर में अपनी लय तलाशने के लिए जूझते नजर आए। इसके बाद जब पूवम्मा ने दूसरा लेग संभाला, तब भी बीच रास्ते में टीम छठे पायदान तक खिसक चुकी थी। उस नाजुक मोड़ पर पोडियम फिनिश काफी कठिन लग रही थी।

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मुकाबले का रुख तीसरे लेग में पूरी तरह बदल गया, जब विशाल टीके ने अप्रत्याशित तेजी दिखाते हुए कई प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और भारत को सीधे पदक की होड़ में ला खड़ा किया। अंतिम यानी एंकर लेग में विथ्या रामराज ने इस गति को बरकरार रखा। उन्होंने फिनिश लाइन के बेहद करीब वियतनाम की धाविका को पछाड़ते हुए भारत की दूसरी पोजीशन सुनिश्चित की। भारतीय टीम ने कुल 3 मिनट 14.46 सेकंड का समय निकाला और दूसरा स्थान हासिल किया।

## बहरीन के नाम रहा स्वर्ण पदक, वियतनाम तीसरे स्थान पर
मिक्स्ड रिले स्पर्धा की खासियत यह होती है कि इसमें पुरुष और महिला एथलीट मिलकर टीम बनाते हैं, जहां व्यक्तिगत गति के साथ-साथ बेटन बदलने का तालमेल सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस रोमांचक फाइनल में बहरीन की टीम ने 3 मिनट 12.87 सेकंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं वियतनाम ने 3 मिनट 14.54 सेकंड के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता।

पदक तालिका के लिहाज से 24 सितंबर का दिन भारतीय दल के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। दिन की शुरुआत में रोइंग स्पर्धा से कांस्य पदक मिला था, जबकि वुशु में भारत ने एक ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया था। इसके उपरांत ट्रैक मुकाबलों में सीमा कुमारी के 10000 मीटर कांस्य और फिर रिले टीम के रजत पदक ने भारत के इस दिन को और खास बना दिया।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में भारतीय रिले टीम की यह जीत देश में ट्रैक एंड फील्ड खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण और समर्थन बढ़ाएगी।

- **खेल प्रेमियों के लिए:** भारतीय एथलीटों का यह शानदार प्रदर्शन प्रशंसकों को आगामी मुकाबलों के प्रति और अधिक उत्साहित करेगा। इससे आने वाले दिनों में देश के अन्य ट्रैक एथलीटों के मैचों की टीवी व डिजिटल व्यूअरशिप में इजाफा देखने को मिल सकता है।
- **युवा एथलीटों के लिए:** शुरुआती लेग में पिछड़ने के बावजूद पदक जीतना यह सिखाता है कि खेल में धैर्य और दृढ़ संकल्प कितना जरूरी है। स्थानीय अकादमियों और खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण ले रहे धावकों को इस तरह की वापसी से प्रेरणा मिलेगी।
- **पदक तालिका पर असर:** इस रजत पदक ने एशियन गेम्स में भारत की समग्र स्थिति को और मजबूती दी है। 24 सितंबर को रोइंग, वुशु और एथलेटिक्स से आए लगातार पदकों ने शीर्ष 10 में बने रहने की उम्मीदों को बल दिया है।
- **मिक्स्ड फॉर्मेट को बढ़ावा:** मिक्स्ड जेंडर रिले जैसे नए फॉर्मेट्स को राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अधिक गंभीरता से शामिल किया जाएगा। इससे पुरुष और महिला खिलाड़ियों के बीच बेहतर सामंजस्य और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय टीम को यह रजत पदक तीसरे और चौथे लेग में दिखाए गए बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन और गति नियंत्रण के दम पर हासिल हुआ।

- **विशाल का आक्रामक तीसरा लेग:** दूसरे लेग के समापन तक भारतीय टीम छठे स्थान पर पिछड़ चुकी थी और पदक की दौड़ से बाहर दिख रही थी। विशाल टीके ने तीसरे लेग में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए कई धावकों को पछाड़कर भारत को सीधे पदक के दायरे में पहुंचा दिया।
- **विथ्या की मजबूत फिनिश:** अंतिम छोर पर वियतनाम की धाविका बढ़त बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही थी। विथ्या रामराज ने फिनिशिंग लाइन से ठीक पहले निर्णायक बढ़त बनाकर वियतनाम को पछाड़ा और दूसरा स्थान पक्का किया।
- **टीम का समन्वय:** मिक्स्ड रिले में बेटन एक्सचेंज और रफ्तार के तालमेल में मामूली गलती भी बाहर का रास्ता दिखा सकती है। भारतीय धावकों ने अपनी रणनीति पर टिके रहकर दबाव के पलों में बिना किसी त्रुटि के रेस पूरी की।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम ने कौन सा पदक जीता?
भारतीय टीम ने 3 मिनट 14.46 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

### 2. इस रिले टीम में कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी शामिल थे?
इस चौकड़ी में मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज शामिल थे।

### 3. मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले स्पर्धा का स्वर्ण पदक किस देश ने जीता?
बहरीन ने 3 मिनट 12.87 सेकंड के समय के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।

### 4. कांस्य पदक किस टीम के खाते में गया?
वियतनाम ने 3 मिनट 14.54 सेकंड का समय दर्ज कर कांस्य पदक हासिल किया।

### 5. 24 सितंबर को एथलेटिक्स में भारत का पहला पदक किसने जीता था?
सीमा ने महिलाओं की 10000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर एथलेटिक्स में भारत का खाता खोला था।

## प्रेरणा और सबक
प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हार न मानने और सामूहिक प्रयास से जीत हासिल करने का यह उत्कृष्ट उदाहरण है।

- **खराब शुरुआत से हौसला न खोएं:** शुरुआती चरणों में छठे स्थान पर फिसल जाने के बाद भी टीम ने उम्मीद नहीं छोड़ी और शानदार वापसी की।
- **सामूहिक शक्ति पर भरोसा:** जब शुरुआती धावक पिछड़ गए, तो बाकी साथियों ने अपनी पूरी ऊर्जा झोंककर स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ दिया।
- **अंतिम क्षणों तक संघर्ष:** विथ्या ने अंतिम पलों तक दबाव बनाए रखा, जो साबित करता है कि जीत अक्सर आखिरी कुछ कदमों के समर्पण से तय होती है।

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