एशियाई खेल 2026 में 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत, क्लोजिंग सेरेमनी में नीरू ढांढा थामेंगी तिरंगा एशियाई खेल 2026 में भारत ने 21 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 85 पदक जीतकर तालिका में चौथा स्थान हासिल किया है। आज आयोजित होने वाले समापन समारोह में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली शूटर नीरू ढांढा भारतीय दल की ध्वजवाहक बनेंगी। सोलह दिनों तक चले एशियाई खेल 2026 का सफर आज, 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो रहा है। महाद्वीप के सबसे बड़े खेल मंच पर भारतीय दल ने अपने बेहतरीन खेल कौशल और जुझारूपन के दम पर इतिहास रच दिया है। इन खेलों के दौरान भारत ने कुल 85 पदक अपनी झोली में डाले, जिनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। एशियाई खेलों के संपूर्ण इतिहास में यह भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया है। पदकों की इस ऐतिहासिक संख्या के दम पर भारत पदक तालिका में शीर्ष चार देशों में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहा है। पदक तालिका में भारत का दबदबा और एशियाई दिग्गजों की स्थिति इस बहुप्रतीक्षित खेल प्रतियोगिता में एशियाई महाद्वीप के खेल दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मेजबान चीन ने प्रतियोगिता में अपना वर्चस्व कायम रखते हुए कुल 341 पदकों के साथ पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद जापान 269 पदकों के साथ दूसरे पायदान पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने कुल 150 पदक जीतकर तीसरा स्थान अपने नाम किया। इन तीनों शीर्ष देशों के तुरंत बाद भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज रहा। 21 स्वर्ण पदकों के साथ यह चौथा स्थान भारतीय खेल जगत के लगातार बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होती तैयारियों को पुख्ता करता है। समापन समारोह में ध्वजवाहक बनेंगी शूटर नीरू ढांढा आज आयोजित होने वाले भव्य समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने का गौरव स्टार शूटर नीरू ढांढा को सौंपा गया है। नीरू ढांढा क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की आधिकारिक ध्वजवाहक की भूमिका निभाएंगी। शूटिंग रेंज में उनके अभूतपूर्व प्रदर्शन और सटीकता के सम्मान में उन्हें यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान निशानेबाजी में उत्कृष्ट संतुलन दिखाते हुए कुल तीन पदक अपने नाम किए, जिसमें दो प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक शामिल हैं। नीरू ढांढा ने महिला ट्रैप शूटिंग सिंगल्स स्पर्धा में शानदार निशाना लगाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। इसके बाद उन्होंने मिक्स्ड ट्रैप शूटिंग प्रतियोगिता में भी अपनी लय बरकरार रखी और एक और स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। व्यक्तिगत और मिश्रित स्पर्धाओं में दबदबा बनाने के अलावा, नीरू ने महिला ट्रैप टीम इवेंट में भी उल्लेखनीय योगदान देते हुए रजत पदक हासिल किया। दो स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ उनके इस शानदार अभियान ने उन्हें समापन समारोह में तिरंगा थामने का सबसे प्रबल और योग्य दावेदार बनाया। प्रसारण का समय और लाइव देखने के विकल्प खेल प्रेमियों के लिए एशियाई खेल 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी का सीधा प्रसारण भारतीय समयानुसार आज दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा। दर्शक इस भव्य आयोजन को टेलीविजन और डिजिटल दोनों माध्यमों पर बिना किसी परेशानी के देख सकते हैं। टेलीविजन दर्शकों के लिए दूरदर्शन के डीडी स्पोर्ट्स चैनल पर इस समारोह का सीधा प्रसारण मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, दर्शक सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर भी पूरे समारोह का सजीव आनंद उठा सकते हैं। जो दर्शक अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग देखना चाहते हैं, वे सोनी लिव (SonyLIV) ऐप और प्लेटफॉर्म पर जाकर हर पल की लाइव कवरेज देख सकते हैं। एथलेटिक्स और तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा भारतीय दल की इस बड़ी सफलता में एथलेटिक्स और तीरंदाजी के खिलाड़ियों की भूमिका सबसे निर्णायक साबित हुई। पदकों की कुल संख्या के लिहाज से भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट सबसे आगे रहे, जिन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार दम दिखाते हुए कुल 24 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। वहीं, स्वर्ण पदकों की संख्या के मामले में भारतीय तीरंदाजों ने मैदान मार लिया। भारतीय आर्चरी दल ने असाधारण सटीकता और एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए कुल 5 स्वर्ण पदक हासिल किए। खेल के इन दोनों प्रमुख मंचों पर भारतीय खिलाड़ियों ने शीर्ष एशियाई प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी। मल्टीपल मेडलिस्ट्स ने लगाई पदकों की हैट्रिक इस बार के खेल केवल एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत चमत्कार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कई युवा और अनुभवी चेहरों ने एक से अधिक पदक जीतकर अपनी छाप छोड़ी। निशानेबाजी में रुद्रांक्श पाटिल ने भी शानदार निशाना साधते हुए पदकों की हैट्रिक पूरी की और तीन पदक अपने नाम किए। वहीं, महज 17 साल की युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाते हुए सबको चौंका दिया। कुमकुम ने 2 स्वर्ण पदक सहित कुल तीन पदक हासिल करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। एथलेटिक्स के ट्रैक पर भी दो भारतीय धावकों ने तीन-तीन पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इनमें वित्या रामराज और गुलवीर सिंह का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्होंने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में निरंतर शानदार दौड़ लगाते हुए तीन-तीन पदक देश के नाम किए। इन खिलाड़ियों के बहुपदक प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय एथलीट अब एक से अधिक स्पर्धाओं में लगातार पोडियम फिनिश हासिल करने की क्षमता रखते हैं। इसका आप पर असर एशियाई खेलों में भारतीय दल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश में खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन तंत्र को मजबूत दिशा देगी। • भारत में: यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश भर में ओलंपिक और एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे युवा एथलीटों के लिए नए बुनियादी ढांचे और कॉर्पोरेट समर्थन का रास्ता खोलेगी। सरकार और राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए बजट और प्रशिक्षण शिविरों के आवंटन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। • खेल प्रेमियों के लिए: दर्शक आज दोपहर 2:30 बजे से डीडी स्पोर्ट्स और सोनी लिव पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या सब्सक्रिप्शन बाधा के समापन समारोह का आनंद ले सकते हैं। इससे घरेलू दर्शकों को भारतीय दल के ऐतिहासिक मार्च पास्ट और नीरू ढांढा के ध्वजवाहक बनने के पलों का सीधा गवाह बनने का मौका मिलेगा। • निशानेबाजी और तीरंदाजी अकादमियों पर: इन दोनों खेलों में 7 स्वर्ण सहित दर्जनों पदकों की सफलता से स्थानीय अकादमियों में नए बच्चों का दाखिला और प्रशिक्षण आकर्षण बढ़ेगा। 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद और नीरू ढांढा की सफलता छोटे शहरों के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा माध्यम बनेगी। • आगामी प्रतियोगिताओं की योजना: भारत के इस दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से विभिन्न खेल संघों को पेरिस के बाद अगले बड़े वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए कोर ग्रुप तय करने में मदद मिलेगी। एथलेटिक्स और शूटिंग जैसे क्षेत्रों में मल्टीपल मेडलिस्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर विशेष कोचिंग और एक्सपोजर टूर दिए जाएंगे। ऐसा क्यों हुआ भारतीय दल की इस अभूतपूर्व सफलता और चौथे स्थान की उपलब्धि के पीछे प्रमुख खेल विधाओं में खिलाड़ियों का निरंतर और उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। • एथलेटिक्स और तीरंदाजी में दबदबा: भारतीय एथलीटों ने 24 पदक जीतकर दल की रीढ़ मजबूत की, जबकि तीरंदाजों ने अकेले 5 स्वर्ण पदक जीतकर तालिका में देश की रैंकिंग को काफी ऊपर खींचा। इन दोनों खेलों में अनुभवी और नए खिलाड़ियों के संतुलन ने भारत को लगातार पोडियम तक पहुंचाया। • निशानेबाजी में व्यक्तिगत श्रेष्ठता: शूटर नीरू ढांढा ने अकेले 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व किया, जिसके चलते उन्हें ध्वजवाहक का सम्मान मिला। वहीं रुद्रांक्श पाटिल जैसे निशानेबाजों ने भी तीन पदक जीतकर शूटिंग रेंज में भारत की स्थिति को शीर्ष पर बनाए रखा। • युवा प्रतिभाओं का निडर प्रदर्शन: महज 17 वर्ष की तीरंदाज कुमकुम मोहोद द्वारा 2 स्वर्ण सहित 3 पदक जीतना और ट्रैक पर वित्या रामराज तथा गुलवीर सिंह का तिहरा पदक प्रदर्शन यह दर्शाता है कि युवा वर्ग ने दबाव के पलों में बेहतरीन खेल दिखाया। इसी बहुपदक योगदान के चलते भारत कुल 85 पदकों के साथ चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के ठीक पीछे चौथे स्थान पर रहा। सवाल-जवाब 1. एशियाई खेल 2026 में भारत ने कुल कितने पदक जीते? भारत ने इन खेलों में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। 2. पदक तालिका में भारत कौन से स्थान पर रहा? भारत 85 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। 3. समापन समारोह में भारत का ध्वजवाहक कौन है? स्टार शूटर नीरू ढांढा समापन समारोह में भारत की आधिकारिक ध्वजवाहक हैं। 4. नीरू ढांढा ने इस प्रतियोगिता में कौन से पदक जीते? नीरू ढांढा ने महिला ट्रैप सिंगल्स और मिक्स्ड ट्रैप में 2 स्वर्ण पदक तथा महिला ट्रैप टीम इवेंट में 1 रजत पदक जीता। 5. समापन समारोह का लाइव प्रसारण कब और कहां देखा जा सकता है? समापन समारोह आज दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा, जिसे टीवी पर डीडी स्पोर्ट्स और सोनी स्पोर्ट्स पर तथा ऑनलाइन सोनी लिव (SonyLIV) ऐप पर देखा जा सकता है। 6. पदक तालिका में शीर्ष तीन देश कौन से रहे? चीन 341 पदकों के साथ पहले, जापान 269 पदकों के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। 7. भारत ने सबसे ज्यादा पदक किस खेल में जीते? भारत ने सबसे ज्यादा 24 पदक एथलेटिक्स में जीते, जबकि सबसे ज्यादा 5 स्वर्ण पदक तीरंदाजी में हासिल किए। 8. किन अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने तीन-तीन पदक अपने नाम किए? तीरंदाज कुमकुम मोहोद, निशानेबाज रुद्रांक्श पाटिल और एथलीट वित्या रामराज तथा गुलवीर सिंह ने तीन-तीन पदक जीते। https://trendkia.com/sports/asian-games-2026-men-85-padakon-ke-satha-chauthe-sthana-para-raha-india-closing-ceremony-men-neeru-dhanda-thamengi-tirnga-42611 TrendKia — Har trend, sabse pehle.