एशियन गेम्स 2026 में निशानेबाजों की बदौलत भारत को मिला तीसरा पदक, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में जीता रजत आईची नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों के तीसरे दिन हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने 1890.1 अंक हासिल कर 10 मीटर एयर राइफल पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक पक्का किया. आईची नागोया में जारी 20वें एशियाई खेलों के तीसरे दिन भारतीय निशानेबाजों ने अपनी शानदार लय बरकरार रखते हुए देश की झोली में एक और पदक डाल दिया. 21 सितंबर की सुबह आयोजित 10 मीटर एयर राइफल पुरुष टीम स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने संतुलित प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. इस स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी ने कुल मिलाकर 1890.1 पॉइंट्स जुटाए और पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया. इस उपलब्धि के बाद प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों का आंकड़ा बढ़कर तीन हो गया है, और खास बात यह है कि ये सभी शुरुआती पदक देश को निशानेबाजी रेंज से ही मिले हैं. भारतीय तिकड़ी का संयुक्त प्रयास पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत की ओर से हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल ने चुनौती पेश की. तीनों निशानेबाजों ने सटीक निशानों के साथ 60 शॉट्स की अपनी सीरीज पूरी की और टीम के स्कोर को 1890.1 तक पहुंचाया. खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर नजर डालें तो रुद्राक्ष पाटिल ने भारतीय दल में सर्वाधिक 631.8 अंक जुटाए. वहीं साथी निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 अंकों का योगदान दिया, जबकि पार्थ माने ने 628.3 अंक बनाकर टीम की रजत पदक जीत में अहम भूमिका निभाई. चीन ने नए विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक इस मुकाबले में स्वर्ण पदक की दावेदार मानी जा रही चीनी निशानेबाजी टीम ने शीर्ष स्थान हासिल करने के साथ ही इतिहास भी रचा. चीन की टीम ने कुल 1899 अंकों का विशाल स्कोर खड़ा करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. यह प्रदर्शन 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बन गया. चीनी टीम ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो उन्होंने नवंबर 2025 में 1898.8 अंकों के साथ बनाया था. इस तरह चीनी निशानेबाजों ने पुराने रिकॉर्ड में 0.2 अंक का सुधार कर पहला स्थान सुनिश्चित किया. निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में महिला वर्ग की सफलता के बाद पुरुष निशानेबाजों ने भी उसी सिलसिले को आगे बढ़ाया. महिलाओं के वर्ग में पदक जीतने के बाद 21 सितंबर की सुबह पुरुष वर्ग में आया यह रजत पदक भारतीय खेमे के लिए अहम रहा. लगातार तीन पदकों के साथ निशानेबाजी दल ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को मजबूत आधार प्रदान किया है, जिससे आगे आने वाले मुकाबलों के लिए भी टीम का मनोबल ऊंचा रहेगा. इसका आप पर असर एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष निशानेबाजी टीम की इस जीत का सीधा असर देश के खेल परिदृश्य और उभरते एथलीटों के मनोबल पर पड़ेगा. • भारत में: अंतरराष्ट्रीय मंच पर निशानेबाजी में लगातार पदक आने से देश के युवा खिलाड़ियों में राइफल शूटिंग के प्रति रुचि और भागीदारी बढ़ेगी. खेल अकादमियों और जमीनी स्तर पर आधुनिक शूटिंग रेंज के विस्तार को लेकर सरकारी और निजी निवेश को गति मिल सकती है. • प्रतियोगिता का असर: पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत होने से आगामी स्पर्धाओं में उतरने वाले अन्य भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा. विश्व रिकॉर्ड स्तर के मुकाबलों में रजत पदक हासिल करने से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय निशानेबाज वैश्विक स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देने में पूरी तरह सक्षम हैं. • प्रशंसकों और दर्शकों के लिए: एशियन गेम्स के शुरुआती दिनों में ही लगातार सफलता मिलने से भारतीय दर्शकों का उत्साह बढ़ेगा. आने वाले दिनों में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के प्रसारण को देखने वाले प्रशंसकों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. • खिलाड़ियों के करियर पर प्रभाव: पदक जीतने वाली तिकड़ी के लिए यह प्रदर्शन आगे होने वाली विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चयन के लिए मजबूत दावेदारी तैयार करेगा. ऐसे प्रतिष्ठित आयोजनों में निरंतरता दिखाने से खिलाड़ियों को बेहतर प्रायोजन और शीर्ष स्तरीय विदेशी प्रशिक्षण सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है. ऐसा क्यों हुआ भारतीय टीम का रजत पदक और चीन का विश्व रिकॉर्ड स्कोर दोनों टीमों के उच्च तकनीकी तालमेल और लगातार सटीक निशानों का परिणाम रहा. • सीधे मुकाबले का कारण: भारतीय तिकड़ी के तीनों निशानेबाजों ने 60 शॉट्स की सीरीज में लगातार उच्च स्कोर बनाए, जिसमें रुद्राक्ष पाटिल ने 631.8, हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 और पार्थ माने ने 628.3 अंक जुटाए. तीनों निशानेबाजों के संयुक्त स्कोर 1890.1 ने उन्हें शीर्ष दो में बनाए रखने के लिए पर्याप्त आधार दिया. • चीनी टीम की ऐतिहासिक बढ़त: चीन की टीम ने 1899 अंकों का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया, जिसने मुकाबले में स्वर्ण पदक का फैसला एकतरफा कर दिया. यह स्कोर किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर था, जिसने पिछले विश्व रिकॉर्ड को 0.2 अंक से पीछे छोड़ दिया. • तैयारी और निरंतरता: नवंबर 2025 में चीन द्वारा बनाए गए पिछले विश्व रिकॉर्ड के बाद से दोनों एशियाई देशों की राइफल टीमों ने अपनी तकनीक और एकाग्रता पर भारी काम किया था. दबाव भरे क्षणों में स्थिर निशानेबाजी ही इन दोनों टीमों को पदक तालिका के शीर्ष स्थानों तक ले आई. सवाल-जवाब 1. एशियन गेम्स 2026 में 21 सितंबर को भारत ने किस स्पर्धा में पदक जीता? भारत ने 21 सितंबर को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में 1890.1 अंक बनाकर रजत पदक जीता. 2. रजत पदक जीतने वाली भारतीय निशानेबाजी टीम में कौन से खिलाड़ी शामिल थे? इस भारतीय टीम में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल शामिल थे. 3. भारतीय टीम में किस निशानेबाज ने सबसे अधिक अंक हासिल किए? रुद्राक्ष पाटिल ने टीम में सबसे अधिक 631.8 अंक हासिल किए. 4. 10 मीटर एयर राइफल पुरुष टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक किस देश ने जीता? चीन ने 1899 अंकों के नए विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता. 5. चीन ने अपने पिछले विश्व रिकॉर्ड में कितना सुधार किया? चीन ने नवंबर 2025 में बनाए गए अपने पिछले विश्व रिकॉर्ड 1898.8 की तुलना में 0.2 अंक का सुधार किया. 6. इस जीत के बाद एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या कितनी हो गई है? इस रजत पदक के साथ प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों की संख्या तीन पहुंच गई है, और ये तीनों पदक निशानेबाजी से आए हैं. https://trendkia.com/sports/asian-games-2026-men-nishanebajon-ki-badaulata-india-ko-mila-tisara-padaka-purushon-ki-10m-air-rifle-spardha-men-jita-rajata-35476 TrendKia — Har trend, sabse pehle.