एशियन गेम्स में अनाहत सिंह को स्वर्ण पदक से संतोष करना पड़ा, ओलंपिक टिकट भी छूटा भारत की युवा स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह एशियन गेम्स के फाइनल में हार गईं। मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ हार के चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा और उनका ओलंपिक टिकट भी फिसल गया। एशियन गेम्स में भारत की स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह को खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए अनाहत सिंह को 3-0 से शिकस्त दी। इस हार के साथ ही अनाहत सिंह का स्वर्ण पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा, इस मुकाबले के नतीजे से उनका ओलंपिक का सीधा टिकट हासिल करने का मौका भी हाथ से निकल गया। स्क्वाश खेल को आगामी ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जा रहा है, जिससे इस प्रतियोगिता का महत्व खिलाड़ियों के लिए बहुत अधिक था। सेमीफाइनल की लय को बरकरार नहीं रख सकीं अनाहत इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी जापान की सातोमी वातानाबे को हराकर अनाहत सिंह ने इतिहास रचा था। लेकिन फाइनल मुकाबले में मलेशियाई खिलाड़ी शिवसंगरी सुब्रमण्यम पूरी तरह तैयार होकर उतरी थीं। शिवसंगरी ने शुरुआत से ही अपनी रणनीति पर सटीक अमल किया और अनाहत सिंह को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और तीनों गेम 11-4, 11-4, 11-7 से अपने नाम कर लिए। फाइनल में मलेशियाई खिलाड़ी का दबदबा शिवसंगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ खेले गए इस खिताबी मुकाबले में अनाहत सिंह वह जादुई लय नहीं दोहरा पाईं जो उन्होंने सेमीफाइनल में दिखाई थी। मलेशियाई खिलाड़ी ने बेहद सधी हुई शुरुआत की और अनाहत को कोई भी विनर्स लगाने का अवसर नहीं दिया। इस हार से भले ही स्वर्ण पदक हाथ से निकल गया हो, लेकिन 18 साल की इस युवा खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। इसका आप पर असर एशियन गेम्स में इस हार का असर भारतीय स्क्वाश और खेल प्रेमियों के लिए सीधा महत्व रखता है। • भारत में: देश की युवा पीढ़ी की इस खिलाड़ी के प्रदर्शन से स्क्वाश को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है, हालांकि ओलंपिक कोटा गंवाना एक निराशाजनक झटका है। • अनाहत सिंह के लिए: 18 साल की इस खिलाड़ी को भविष्य की प्रतियोगिताओं में अपनी कमियों पर काम करके वापसी करनी होगी। ऐसा क्यों हुआ अनाहत सिंह के हाथ से स्वर्ण पदक और ओलंपिक टिकट फिसलने के पीछे कड़ा मुकाबला और रणनीतिक अंतर मुख्य कारण रहे। • रणनीति में बढ़त: मलेशियाई खिलाड़ी शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने बेहद स्पष्ट रणनीति के साथ मैच खेला और अनाहत को विनर्स लगाने का कोई मौका नहीं दिया। • सेमीफाइनल का दबाव: जापान की खिलाड़ी के खिलाफ सेमीफाइनल में कड़ा संघर्ष करने के बाद फाइनल में शारीरिक और मानसिक थकान का असर दिखा। • ओलंपिक का पदार्पण: इस बार एशियन गेम्स में ओलंपिक कोटा दांव पर था, जिससे मुकाबले का दबाव काफी अधिक था। सवाल-जवाब 1. अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स के फाइनल में किसके खिलाफ मैच खेला? अनाहत सिंह ने फाइनल मुकाबला मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ खेला। 2. फाइनल मुकाबले का स्कोर क्या रहा? मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को सीधे गेम में 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। 3. अनाहत सिंह कौन सा मेडल जीतने में सफल रहीं? अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 4. अनाहत सिंह की उम्र कितनी है? अनाहत सिंह 18 साल की युवा स्क्वाश खिलाड़ी हैं। प्रेरणा और सबक अनाहत सिंह का यह सफर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। • कड़ी मेहनत: कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनल तक पहुंचना निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम है। • चुनौतियों का सामना: हार के बाद भी मैदान पर डटे रहना और हर मैच से सीखना एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। • बड़ी उम्मीदें: असफलता से निराश हुए बिना आगे के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है। https://trendkia.com/sports/asian-games-mein-anahat-singh-ko-swarn-padak-se-santosh-karna-pada-olympic-ticket-bhi-chhoota-39470 TrendKia — Har trend, sabse pehle.