# एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, एक ही दिन में जीते सात मेडल और तीन मुक्केबाजी पदक पक्के

> एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक दिन में सात पदक अपने नाम किए। एथलेटिक्स और स्क्वॉश में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ मुक्केबाजी में भी तीन पदक पक्के हुए, हालांकि बैडमिंटन कोर्ट से निराशा हाथ लगी।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/asian-games-mein-bharat-ka-shandar-pradarshan-ek-hi-din-mein-jeete-saat-medal-aur-teen-mukkebaazi-padak-pakke-39643 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स, भारतीय एथलीट, पारुल चौधरी, अनाहत सिंह, एशियाई खेल, भारतीय खेल

एशियन गेम्स में भारतीय दल के लिए रविवार का दिन मिला-जुला साबित हुआ, जहां देश के खिलाड़ियों ने ट्रैक और फील्ड से लेकर स्क्वॉश कोर्ट तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान भारतीय एथलीटों ने कुल सात मेडल देश की झोली में डाले। प्रतियोगिता के इस रोमांचक दिन मुख्य आकर्षण एथलेटिक्स और स्क्वॉश रहे, जहां कई खिलाड़ियों ने शानदार कीर्तिमान रचे।

## एथलेटिक्स ट्रैक और फील्ड पर चमके भारतीय खिलाड़ी
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ प्रतियोगिता में पारुल चौधरी ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए कांस्य पदक हासिल किया। पारुल ने 9:08.67 सेकंड का समय निकालकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी सुधारा। इस इवेंट का स्वर्ण बहरीन की विनफ्रेड यावी ने और रजत कजाकिस्तान की नोराह जेरुतो तानुई ने जीता। इसी रेस में शामिल अंकिता ने 9:19.24 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया। महिलाओं की लंबी कूद में एनसी सोजन स्वर्ण के बेहद करीब पहुंचकर चूक गईं, जब चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने अंतिम प्रयास में उनसे दो सेंटीमीटर आगे छलांग लगाकर पहला स्थान छीन लिया और एनसी को रजत से संतोष करना पड़ा। इसी मुकाबले में शैली सिंह का पदक भी अंतिम क्षणों के नाटक में हाथ से निकल गया। पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा डेकाथलन में तेजास्विन शंकर ने और महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने देश के लिए कांस्य पदक जीते।

## स्क्वॉश में अनाहत और अभय ने रचे इतिहास
स्क्वॉश के मैदान पर भी भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। अनाहत सिंह एशियाई खेलों की स्क्वॉश एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनकर उभरीं। खिताबी मुकाबले में उन्हें मलेशिया की खिलाड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने रजत पदक हासिल किया। पुरुषों के वर्ग में अभय सिंह ने भी शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मलेशिया के खिलाड़ियों ने इन दोनों मुकाबलों में स्वर्ण अपने नाम किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का यह रजत पदक एशियन गेम्स के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

## मुक्केबाजी रिंग से खुशखबरी और बैडमिंटन में झटका
मुक्केबाजी रिंग से भारत के लिए बहुत सकारात्मक खबरें आईं, जहां तीन मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करते हुए पदक सुनिश्चित कर लिए। महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में परवीन हुड्डा ने अपने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। पुरुषों के वर्ग में अंकुश पंगहाल ने भी उम्दा प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया। इसके अलावा नरेंद्र बेरवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को बेहद कम समय में शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। हालांकि, मुक्केबाजी में सचिन सिवाच को हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, बैडमिंटन कोर्ट से देश के लिए निराशाजनक खबरें आईं, जहां पीवी सिंधु समेत सभी भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबलों में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश भर के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की खेल प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।

- **देश भर में:** इन पदकों से देश के उभरते खिलाड़ियों को बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। युवा प्रतिभाओं के लिए यह सफलता खेल क्षेत्र में करियर बनाने का नया मार्ग प्रशस्त करती है।
- **स्थानीय स्तर पर:** जिन खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं, उनके गृह राज्यों और शहरों में उत्सव का माहौल है और स्थानीय खेल अकादमियों में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
एशियन गेम्स में इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की वर्षों की कड़ी मेहनत, उन्नत प्रशिक्षण और खेल संघों द्वारा दी गई सहायता प्रमुख कारण रहे हैं।

- **कड़ा प्रशिक्षण:** खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों के मार्गदर्शन में पसीना बहाया है जिससे वे उच्च दबाव वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे।
- **बेहतर बुनियादी ढांचा:** पिछले कुछ वर्षों में देश में खेल सुविधाओं और खेल विज्ञान के क्षेत्र में हुए सुधारों ने एथलीटों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद की है।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियन गेम्स में पारुल चौधरी ने कौन सा पदक जीता?
पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

### 2. अनाहत सिंह ने किस खेल में इतिहास रचा?
अनाहत सिंह एशियाई खेलों की स्क्वॉश एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और रजत पदक जीता।

### 3. मुक्केबाजी में किन खिलाड़ियों ने पदक पक्के किए?
परवीन हुड्डा, अंकुश पंगहाल और नरेंद्र बेरवाल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने पदक पक्के किए।

### 4. बैडमिंटन स्पर्धा में भारत का क्या हाल रहा?
बैडमिंटन कोर्ट में पीवी सिंधु समेत सभी भारतीय खिलाड़ी अपने मुकाबले हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._