# एशियाई खेलों में केनान चेनाई और नीरू ढांडा ने जीता ट्रैप मिक्स्ड टीम स्वर्ण पदक, परिवार की विरासत से जुड़ा भावुक लम्हा

> बुधवार को एशियाई खेलों के ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में केनान चेनाई और नीरू ढांडा की भारतीय जोड़ी ने शीर्ष स्थान हासिल करते हुए देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/asian-games-men-kynan-chenai-aura-neeru-dhanda-ne-jita-traipa-miksda-tima-svarna-padaka-parivara-ki-virasata-se-jura-bhavuka-lamha-40649 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियाई खेल, केनान चेनाई, नीरू ढांडा, शूटिंग, ट्रैप मिक्स्ड टीम, स्वर्ण पदक, राजा रणधीर सिंह, भारतीय खेल

एशियाई खेलों के शूटिंग रेंज से भारत के लिए एक बेहद शानदार और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। बुधवार को ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत की झोली में चमचमाता हुआ स्वर्ण पदक आया, जिसे नीरू ढांडा और केनान चेनाई की जोड़ी ने अपने अचूक निशाने के दम पर हासिल किया। इस जीत के साथ न सिर्फ भारत का मान बढ़ा, बल्कि इस उपलब्धि के पीछे खेल, परिवार और पुरानी यादों का एक गहरा भावनात्मक ताना-बाना भी देखने को मिला। पोडियम पर जब भारतीय तिरंगा शान से लहराया, तो कई दशकों का इतिहास और पारिवारिक लगाव एक साथ जीवंत हो उठा।

## शूटिंग रेंज पर भावुक पल और पारिवारिक विरासत की याद
निशानेबाजी में देश के लिए पहला पदक जीतने वाले राजा रणधीर सिंह की विरासत इस जीत के साथ बेहद खास तरीके से जुड़ी हुई है। राजा रणधीर सिंह का केनान चेनाई के साथ काफी करीबी पारिवारिक संबंध है। जिस समय केनान और नीरू ढांडा की भारतीय जोड़ी रेंज पर स्वर्ण पदक पर निशाना साधने में जुटी हुई थी, उस वक्त राजा रणधीर सिंह की बेटी रिया कुमार भी खुद शूटिंग रेंज में मौजूद थीं।

मिक्स डबल ट्रैप स्पर्धा के पदक वितरण समारोह के दौरान जब भारतीय राष्ट्रगान गूंजा और तिरंगा ऊंचाई की ओर बढ़ा, तब वहां उपस्थित रिया कुमार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं। केनान चेनाई की पत्नी रिया कुमार के लिए यह लम्हा बेहद भावुक कर देने वाला था। अपने पिता के स्वर्णिम इतिहास और अब पति की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को एक ही धागे में पिरोते हुए देखना उनके लिए एक अविस्मरणीय अहसास था।

## पिता की 30 साल पुरानी बंदूक की नली बनी जीत का हथियार
स्वर्ण पदक जीतने के बाद केनान चेनाई ने अपनी सफलता से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और मजेदार राज साझा किया। केनान ने बताया कि जिस बंदूक की नली से उन्होंने आज यह स्वर्ण पदक जीता है, वह असल में उनके पिता की है। केनान ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने इसे अपने पिता से चुरा लिया था और उन्हें बेहद खुशी है कि यह उनके लिए इतनी भाग्यशाली साबित हुई।

केनान के पिता डेरियस भी एक जाने-माने शॉटगन शूटर रहे हैं, जिन्होंने दो बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब जीता था और अब वह वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। केनान ने बताया कि उनके पिता ने यह नली करीब 30 साल पहले खरीदी थी। केनान ने चुटकी लेते हुए यह उम्मीद भी जताई कि उनके पिता अब इस नली को वापस नहीं मांगेंगे।

## स्कोरकार्ड और फाइनल तक का सफर
इस मुकाबले के दौरान दोनों भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन में केनान चेनाई काफी बेहतर स्थिति में नजर आए। उन्होंने कुल 73 का शानदार स्कोर दर्ज किया, जबकि उनकी जोड़ीदार नीरू ढांडा का स्कोर 63 रहा, जो शुरुआत में थोड़ा निराशाजनक दिखा था। हालांकि, शुरुआती अस्थिरता के बाद नीरू ने जबर्दस्त जज्बा दिखाते हुए मजबूती से वापसी की।

केनान ने फाइनल में भी लगातार सटीक निशाने लगाते हुए अपनी लय बनाए रखी और स्वर्ण पदक पक्का किया। इससे पहले दोनों ने इसी साल विश्व कप में कांस्य पदक भी जीता था। अपनी जोड़ी को बेहद भाग्यशाली करार देते हुए केनान ने उम्मीद जताई कि वे एक मिश्रित टीम के रूप में भविष्य में भी साथ खेलना जारी रखेंगे, हालांकि यह पूरी तरह से महासंघ के निर्णयों पर निर्भर करेगा।

## इसका आप पर असर
इस ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत किया है और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए टीम का मनोबल बढ़ाया है।

- **भारतीय खेलों में:** इस जीत से मिक्स्ड ट्रैप शूटिंग विधा में भारत की दावेदारी वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी। खिलाड़ियों को महासंघ की ओर से बेहतर सुविधाएं और निरंतर अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- **खेल प्रशंसकों के लिए:** प्रशंसकों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शूटिंग में भारत के स्वर्णिम इतिहास के नए अध्याय देखने को मिलेंगे। यह सफलता युवा निशानेबाजों के लिए इस खेल को करियर के तौर पर चुनने की एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।
- **भविष्य की टीम संरचना:** केनान और नीरू की जोड़ी के शानदार तालमेल के चलते आगामी प्रतियोगिताओं में भी इनकी जोड़ी को बनाए रखने पर विचार हो सकता है। अंतिम फैसला हालांकि चयन समिति और महासंघ की रणनीति पर निर्भर करेगा।
- **पारिवारिक प्रेरणा:** खेल विरासत और सही मार्गदर्शन से कैसे पीढ़ियों तक उत्कृष्टता जारी रह सकती है, यह जीत इसका एक स्पष्ट उदाहरण है। युवाओं के लिए यह अनुशासन और अभ्यास के महत्व को उजागर करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह जीत कई सालों की पारिवारिक खेल परंपरा, व्यक्तिगत निरंतरता और दबाव के पलों में बेहतरीन वापसी का नतीजा रही।

- **मजबूत खेल पृष्ठभूमि:** केनान चेनाई को अपने पिता डेरियस से निशानेबाजी के शुरुआती संस्कार और मार्गदर्शन मिला। उनके पिता खुद दो बार के राष्ट्रीय चैंपियन और शॉटगन शूटर रहे हैं।
- **दबाव में शानदार वापसी:** नीरू ढांडा की शुरुआती 63 के स्कोर की सुस्ती के बावजूद केनान ने 73 का उच्च स्कोर बनाकर संतुलन बनाए रखा। इसके बाद नीरू ने भी फाइनल में तेजी से वापसी की।
- **पूर्व अनुभव और तालमेल:** यह जोड़ी पहले भी एक साथ विश्व कप में कांस्य पदक जीत चुकी थी। इस पूर्व अनुभव ने उन्हें फाइनल राउंड में आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने में मदद की।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियाई खेलों में ट्रैप मिक्स्ड टीम का स्वर्ण पदक किस भारतीय जोड़ी ने जीता?
यह स्वर्ण पदक केनान चेनाई और नीरू ढांडा की भारतीय जोड़ी ने जीता।

### 2. इस मुकाबले में केनान चेनाई और नीरू ढांडा का व्यक्तिगत स्कोर क्या रहा?
केनान चेनाई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 73 का स्कोर बनाया, जबकि नीरू ढांडा ने 63 का स्कोर दर्ज किया।

### 3. राजा रणधीर सिंह के साथ केनान चेनाई का क्या रिश्ता है?
राजा रणधीर सिंह की बेटी रिया कुमार, केनान चेनाई की पत्नी हैं।

### 4. केनान चेनाई ने जिस बंदूक की नली का इस्तेमाल किया, उसका क्या इतिहास है?
वह नली केनान के पिता डेरियस की है, जिसे उन्होंने लगभग 30 साल पहले खरीदा था।

### 5. केनान चेनाई के पिता डेरियस की खेल पृष्ठभूमि क्या रही है?
डेरियस राष्ट्रीय स्तर के शॉटगन शूटर और दो बार के राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं, जो अब वरिष्ठ वर्ग में भाग लेते हैं।

### 6. क्या केनान और नीरू की जोड़ी ने इस साल पहले भी कोई पदक जीता था?
हां, इस जोड़ी ने इसी साल इससे पहले विश्व कप में कांस्य पदक जीता था।

## प्रेरणा और सबक
केनान चेनाई और नीरू ढांडा की यह विजय दर्शाती है कि अनुभव, पारिवारिक समर्थन और धैर्य किस तरह बड़े मंचों पर सफलता दिलाते हैं।

- **विरासत का सम्मान और मेहनत:** खेल की समृद्ध पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद अपनी पहचान बनाने के लिए मैदान पर खुद पसीना बहाना अनिवार्य होता है। केनान ने अपने पिता के औजारों और सीख को अपने कड़े अभ्यास से भुनाया।
- **खराब शुरुआत के बाद हिम्मत न हारना:** नीरू ढांडा का शुरुआती स्कोर उम्मीद के मुताबिक नहीं था, लेकिन उन्होंने उम्मीद खोए बिना फाइनल में दमदार वापसी की। कठिन समय में धैर्य बनाए रखना ही विजेता बनाता है।
- **एक-दूसरे का साथ और विश्वास:** मिक्स्ड टीम स्पर्धा में जब एक साथी संघर्ष कर रहा हो, तब दूसरे का आगे आकर मोर्चा संभालना टीम भावना की सच्ची मिसाल है। केनान के मजबूत स्कोर ने टीम को बिखरने नहीं दिया।

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