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  "title": "एशियाई खेलों से ठीक पहले वुशु में विवाद, खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप",
  "summary": "जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चुनी गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को टीम से हटाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने भारतीय वुशु संघ पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।",
  "content": "जापान में आयोजित होने वाले आगामी महाद्वीपीय मुकाबलों से ठीक पहले वुशु खेल से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभावान खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने देश के खेल महासंघ पर उन्हें अनुचित तरीके से बाहर करने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि मेडिकल बोर्ड से फिटनेस प्रमाण मिलने के बावजूद उन्हें सूची से हटा दिया गया और उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को मौका दे दिया गया।\n\nचयन सूची में बदलाव और चोट का विवाद\nखेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी की गई आधिकारिक सूची में दिव्यांशी का नाम आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए चुनी गई सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल था। लेकिन बाद में महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में बड़ा फेरबदल करते हुए उनकी जगह दो बार की एशियाई पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल कर लिया गया। महासंघ ने इस बदलाव के पीछे दिव्यांशी के एसीएल टीयर से जुड़ी चोट का हवाला दिया।\n\n \nभारतीय वुशु संघ का यह कहना है कि एमआरआई जांच में खिलाड़ी के घुटने में गंभीर चोट और तरल पदार्थ जमा होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इस फैसले से आहत होकर खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के जरिए अपना दर्द बयां किया और कहा कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि किसी और खिलाड़ी को आसानी से मौका मिल सके।\n\nकोटा से ताल्लुक रखने वाली खिलाड़ी का छलका दर्द\nमूल रूप से कोटा की रहने वाली और वर्तमान में एनआईएस पटियाला में कड़ा अभ्यास कर रही दिव्यांशी ने अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने चयन ट्रायल के दौरान अपनी प्रतिद्वंद्वी को हराया था, इसलिए एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का उनका पूरा अधिकार बनता है। अपनी इस पीड़ा और अत्यधिक मानसिक तनाव के बीच उन्होंने जीवन समाप्त करने तक की धमकी दे डाली, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।\n\nइस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में उनकी इस व्यथा और विरोध प्रदर्शन को व्यापक स्तर पर देखा गया, जहां उन्होंने अपने साथ हुए इस कथित अन्याय के खिलाफ कड़ी आवाज उठाई।\n\nमहासंघ और मंत्रालय का आधिकारिक पक्ष\nभारतीय वुशु संघ ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी को हटाने का एकमात्र कारण उनकी शारीरिक फिटनेस और चोट थी। संघ की ओर से जारी किए गए विवरण के अनुसार, दिव्यांशी ने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें जून महीने के दौरान चीन के हुबेई में आयोजित प्रतियोगिता में चोट लगी थी, जिसके बाद वह एक महीने तक अपने घर पर रहीं और अगस्त में शिविर में लौटी थीं।\n\nप्रशिक्षण सत्रों के दौरान बार-बार पैर और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत मिलने के बाद कोच ने स्थिति की गंभीरता को समझा। खेल मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है कि राष्ट्रीय महासंघ द्वारा भारतीय ओलंपिक संघ को समय रहते खिलाड़ी की चोट और आवश्यक बदलाव के बारे में सूचित कर दिया गया था, और यह पूरी प्रक्रिया तय नियमों के दायरे में ही पूरी की गई है।\n\nइसका आप पर असर\nइस विवाद का सीधा असर देश के खेल प्रशासन और एथलीटों के चयन से जुड़े नियमों पर पड़ रहा है।\n\n• भारत में: खेल प्रेमियों और उभरते एथलीटों के बीच चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे महासंघों और खिलाड़ियों के आपसी संबंधों में जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।\n• पटियाला में: राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों में अभ्यास कर रहे अन्य खिलाड़ियों पर भी इस घटना का मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। इससे परिसरों में स्वास्थ्य निगरानी और फिटनेस टेस्ट के नियमों को और अधिक कड़ा किया जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह पूरा विवाद चयन प्रक्रिया के दौरान चोट के मूल्यांकन और ऐन वक्त पर टीम में किए गए बदलावों के कारण उत्पन्न हुआ।\n\n• चोट की रिपोर्ट: चीनी प्रतियोगिता के दौरान लगी पुरानी चोट और एमआरआई में एसीएल टीयर की पुष्टि होने के बाद महासंघ ने जोखिम न लेने का निर्णय लिया।\n• ट्रायल और कोटा संघर्ष: खिलाड़ी और संघ के बीच फिटनेस के दावों को लेकर आपसी मतभेद और प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण यह मामला सार्वजनिक रूप से तूल पकड़ गया।\n• आधिकारिक प्रक्रिया: खेल मंत्रालय और ओलंपिक संघ के स्थापित नियमों के तहत अंतिम समय में रिप्लेसमेंट सूची जारी किए जाने से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिव्यांशी चौधरी किस खेल से जुड़ी हैं?\nदिव्यांशी चौधरी वुशु खेल की खिलाड़ी हैं और सांडा वर्ग में मुकाबला करती हैं।\n\n2. उन्हें किस प्रतियोगिता की टीम से बाहर किया गया है?\nउन्हें आगामी आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय वुशु टीम से बाहर किया गया है।\n\n3. दिव्यांशी की जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया है?\nउनकी जगह दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को टीम में शामिल किया गया है।\n\n4. महासंघ ने उन्हें टीम से बाहर करने का क्या कारण बताया है?\nमहासंघ ने उनके घुटने में एसीएल टीयर और चोट के दौरान तरल पदार्थ जमा होने का हवाला दिया है।\n\n5. वर्तमान में दिव्यांशी चौधरी कहां प्रशिक्षण ले रही हैं?\nदिव्यांशी वर्तमान में एनआईएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं।",
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  "category": "खेल",
  "publishedAt": "2026-09-13",
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