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  "type": "article",
  "title": "अस्ताना में भारतीय महिला पहलवानों का कमाल, काजल और नीलम विश्व खिताब के बेहद करीब",
  "summary": "अस्ताना में चल रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने फाइनल में प्रवेश कर नया इतिहास रच दिया है। देश की दो महिला पहलवान एक ही सत्र में स्वर्ण पदक के मुकाबले में आमने-सामने होंगी।",
  "content": "अस्ताना में आयोजित विश्व कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान भारतीय महिला दल ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने अपने अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर खिताबी दौर में जगह पक्की कर ली है। इस प्रतियोगिता के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश की दो महिला खिलाड़ी एक ही सत्र में स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करने जा रही हैं।\n\nसेमीफाइनल मुकाबलों का रोमांचक सफर\nक्षेत्रीय स्तर पर अस्ताना के कुश्ती मैट पर खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया। अठारह साल की काजल ढोचक ने छत्तर किलो वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में किर्गिस्तान की मजबूत खिलाड़ी ऐपेरी मेडेट काइजी को दस-सात के अंतर से पराजित किया। शुरुआती दौर में पिछड़ने के बावजूद उन्होंने गजब की वापसी की। दूसरी ओर छब्बीस साल की नीलम सिरोही ने पचास किलो वर्ग में कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को सात-तीन से मात दी।\n\nस्वर्ण पदक के लिए कड़ी टक्कर\nखिताबी मुकाबले में पहुंचने के बाद अब दोनों खिलाड़ियों के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। नीलम का सामना अब जापान की दिग्गज खिलाड़ी युई सुसाकी से होगा। वहीं काजल का मुकाबला यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा के साथ तय हुआ है। इससे पहले साल 2021 में अंशु मलिक इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाली इकलौती भारतीय महिला थीं जिन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था। एक ही दिन दो खिलाड़ियों का इस मुकाम तक पहुंचना बड़ी सफलता है।\n\nशुरुआती दौर के मुकाबले और संघर्ष\nअंडर-20 वर्ग की दो बार विजेता रह चुकी काजल अपने पहले सीनियर विश्व स्तर पर शानदार खेल दिखा रही हैं। शुरुआती चरण में पिछड़ने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने मैट पर लेटकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। दिन के शुरुआती सत्र में उन्होंने लिथुआनिया की कामिले ग्रिस्किएने गौकाइटे को चित किया और मंगोलिया की दावासानान एंख अमार को नौ-दो से शिकस्त दी।\n\nनीलम ने भी अपने अभियान की शुरुआत में प्री क्वार्टर फाइनल में बेलारूस की नतालिया वराकिना को छह-शून्य से हराया था। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनकी प्रतिद्वंद्वी रूस की एलिजावेता स्मिरनोवा चोट लगने के कारण हट गईं जिससे नीलम को सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया।\n\nअन्य भारवर्गों का हाल\nपैंसठ किलो वर्ग के मुकाबलों में रजनीता ने यूक्रेन की कैटरीना जेलेनिख को आठ-छह से हराकर बड़ा उलटफेर किया। हालांकि अगले दौर में उन्हें मोल्दोवा की इरिना रिंगाची से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वह रेपेचेज के जरिए जापान की नाना इकेहाता से मुकाबला खेलकर पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। सत्तावन किलो वर्ग में नेहा शर्मा ने अल्जीरिया की अचौआक जमिला टेकुक को चार-दो से हराया लेकिन आगे के दौर में उन्हें बेलारूस की इरीना कुराचकिना के हाथों हारकर बाहर होना पड़ा। ग्रीको रोमन वर्ग में केवल ललित पचपन किलो वर्ग में पदक दौर तक पहुंचने में कामयाब रहे।\n\nइसका आप पर असर\nयह सफलता भारतीय महिला कुश्ती के बढ़ते स्तर और खेल के बुनियादी ढांचे के प्रभाव को दर्शाती है।\n\n• राष्ट्रीय स्तर पर: देश भर के युवा खिलाड़ियों में खेल के प्रति प्रेरणा बढ़ेगी और महिला वर्ग में पदक की उम्मीदें मजबूत होंगी।\n• खेल जगत में: इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय दल का मनोबल काफी ऊंचा रहेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nखिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे उनका कड़ा अभ्यास, मानसिक मजबूती और रणनीतिक सूझबूझ मुख्य कारण रहे।\n\n• कड़ी मेहनत: खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर की बाधाओं और शुरुआती अंकों से पिछड़ने के बाद भी मानसिक दृढ़ता बनाए रखी।\n• तकनीकी सुधार: मैट पर सही समय पर रणनीति बदलने और रक्षात्मक तथा आक्रामक दांवों के उचित संतुलन ने उन्हें जीत दिलाई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. काजल ढोचक ने किस भार वर्ग में फाइनल में जगह बनाई?\nकाजल ढोचक ने 76 किग्रा भार वर्ग में फाइनल में प्रवेश किया है।\n\n2. नीलम सिरोही का मुकाबला फाइनल में किससे होगा?\nनीलम सिरोही का मुकाबला फाइनल में जापान की दिग्गज पहलवान युई सुसाकी से होगा।\n\n3. काजल के फाइनल में पहुंचने से पहले किस भारतीय महिला ने यह कीर्तिमान बनाया था?\nसाल 2021 में अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली इकलौती भारतीय महिला पहलवान थीं।\n\n4. रजनीता किस भार वर्ग में खेल रही हैं?\nरजनीता 65 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और रेपेचेज के जरिए पदक की दौड़ में हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nकाजल और नीलम का सफर उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।\n\n• कड़ा संघर्ष: शुरुआती दौर में पिछड़ने के बावजूद हार न मानना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।\n• आत्मविश्वास: अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सामने बिना डरे मुकाबला करना हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।",
  "url": "https://trendkia.com/sports/astana-mein-kajal-aur-neelam-world-wrestling-final-52529",
  "category": "खेल",
  "publishedAt": "2026-10-28",
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    "विश्व कुश्ती चैंपियनशिप",
    "काजल ढोचक",
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