भारतीय तीरंदाज शीतल देवी का नया कीर्तिमान, 704 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड आर्चरी में 704 अंक बनाकर तुर्की की ओज्नुर क्योर के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और पुराना एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़ा। भारतीय पैरा-तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड आर्चरी रैंकिंग राउंड में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 704 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इस शानदार उपलब्धि के साथ वह तुर्की की ओज्नुर क्योर के साथ संयुक्त रूप से वैश्विक रिकॉर्ड साझा करने वाली दूसरी तीरंदाज बन गई हैं। उन्होंने इस मुकाबले में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए भारतीय दल के अभियान की बेहद प्रभावशाली शुरुआत की है। क्वालिफिकेशन राउंड में दिखाया अचूक नियंत्रण रैंकिंग चरण के दौरान शीतल देवी ने दोनों हाफ में असाधारण संतुलन और निरंतरता का परिचय दिया। उन्होंने प्रतियोगिता के दोनों हाफ में 352 और 352 अंक हासिल किए। पूरे राउंड के दौरान उन्होंने 32 बार बिल्कुल सटीक केंद्र यानी एक्स पर निशाना साधा, जबकि 25 बार दस के अंक पर तीर दागे। इस सटीक निशानेबाजी के दम पर उन्होंने पूरे फील्ड में पहला स्थान पक्का किया। पुराने एशियाई और कॉन्टिनेंटल रिकॉर्ड टूटे इस स्कोर के साथ शीतल देवी ने अपने ही पुराने एशियाई रिकॉर्ड में 6 अंकों का सुधार किया है। इससे पहले उन्होंने इसी साल मार्च महीने में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 698 अंकों का एशियाई कीर्तिमान बनाया था। इसके अलावा उन्होंने साल 2023 में हांगझोउ के दौरान बनाए गए अपने 680 अंकों के स्कोर को काफी पीछे छोड़ते हुए एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इसका आप पर असर शीतल देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारतीय खेलों और उभरते हुए पैरा-एथलीटों को नई दिशा और प्रोत्साहन मिलेगा। • भारतीय खेलों के लिए: यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तीरंदाजी के बढ़ते दबदबे को प्रमाणित करती है। इससे वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश के पदक जीतने की संभावनाएं और मजबूत होंगी। • पैरा-खिलाड़ियों के लिए: शारीरिक चुनौतियों के बावजूद विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करना दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा। इससे पैरा-स्पोर्ट्स में अधिक युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। • प्रशंसकों और दर्शकों के लिए: भारतीय खेल प्रेमियों को आगामी नॉकआउट राउंड में और भी रोमांचक मुकाबलों को देखने का मौका मिलेगा। वे पदक मैचों के दौरान भारतीय दल के शीर्ष स्थान की उम्मीद कर सकते हैं। • आगामी प्रतियोगिताओं के लिए: रैंकिंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करने से नॉकआउट चरणों में शीतल को आसान ड्रॉ का फायदा मिलेगा। यह स्थिति पदक जीतने की उनकी राह को अपेक्षाकृत सुगम बनाती है। ऐसा क्यों हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन शीतल देवी के असाधारण प्रशिक्षण, मानसिक एकाग्रता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर तकनीकी सुधार का परिणाम है। • सटीक निशानेबाजी और निरंतरता: दोनों हाफ में 352-352 अंक हासिल करना उनकी जबर्दस्त स्थिरता को दर्शाता है। उन्होंने 32 बार एक्स और 25 बार दस के स्कोर पर सटीक निशाने लगाए। • पिछली सफलताओं का अनुभव: मार्च में बैंकॉक में 698 अंक बनाने और 2023 में हांगझोउ में 680 अंक दर्ज करने से उनका आत्मविश्वास पहले से काफी ऊंचा था। बड़े आयोजनों के इसी अनुभव ने उन्हें 704 के स्कोर तक पहुंचाया। • वैश्विक रिकॉर्ड की बराबरी: तुर्की की ओज्नुर क्योर के शीर्ष रिकॉर्ड तक पहुंचकर शीतल ने यह साबित किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तीरंदाजों की तैयारी विश्वस्तरीय है। सवाल-जवाब 1. शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में कुल कितने अंक हासिल किए? शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड आर्चरी रैंकिंग राउंड में कुल 704 अंक हासिल किए। 2. शीतल देवी ने किसके विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की? उन्होंने तुर्की की ओज्नुर क्योर के 704 अंकों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। 3. क्वालिफिकेशन राउंड के दोनों हाफ में उनका स्कोर क्या रहा? उन्होंने दोनों हाफ में 352-352 अंक हासिल किए, जिसमें 32 'X' और 25 '10' शामिल थे। 4. शीतल देवी का पिछला एशियाई रिकॉर्ड क्या था? उनका पिछला एशियाई रिकॉर्ड 698 अंकों का था, जो उन्होंने इसी साल मार्च में बैंकॉक में बनाया था। 5. हांगझोउ 2023 में शीतल देवी का स्कोर क्या था? हांगझोउ में 2023 के दौरान उन्होंने 680 अंक बनाए थे, जिसे अब उन्होंने पीछे छोड़ दिया है। प्रेरणा और सबक शीतल देवी की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से किसी भी शारीरिक सीमा को पार किया जा सकता है। • कठिनाइयों से ऊपर उठना: हाथ न होने के बावजूद तीरंदाजी जैसे बेहद तकनीकी खेल में विश्व रिकॉर्ड बनाना यह सिखाता है कि इच्छाशक्ति किसी भी शारीरिक बाधा से बड़ी होती है। • निरंतर सुधार की आदत: 680 से 698 और अब 704 अंक तक पहुंचना साबित करता है कि सफलता एक बार में नहीं, बल्कि लगातार अपने पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने से मिलती है। • दबाव में संयम: अंतरराष्ट्रीय मंच पर 32 बार केंद्र बिंदु पर तीर साधना यह दर्शाता है कि मानसिक शांति और एकाग्रता बड़े लक्ष्यों को पाने की कुंजी हैं। https://trendkia.com/sports/bharatiya-tirndaja-sheetal-devi-ka-naya-kirtimana-704-ankon-ke-satha-vishva-rikorda-ki-barabari-49392 TrendKia — Har trend, sabse pehle.