ब्रिटनी ग्रिनर और डब्ल्यूएनबीए खिलाड़ियों पर झूठे दावों का विवाद गहराया महिला बास्केटबॉल लीग डब्ल्यूएनबीए में ट्रांसजेंडर एथलीटों को लेकर चल रही बहस के बीच सोशल मीडिया पर सक्रिय महिला खिलाड़ियों पर पुरुष होने के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला बास्केटबॉल लीग डब्ल्यूएनबीए में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर अमेरिका में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि लीग के इतिहास में आज तक किसी भी ट्रांसजेंडर महिला ने मुकाबला नहीं खेला है, फिर भी सोशल मीडिया मंचों और राजनीतिक हलकों में मौजूदा महिला खिलाड़ियों को निशाने पर लिया जा रहा है। दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों और ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं द्वारा ब्रिटनी ग्रिनर सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। इस विवाद ने महिला खेलों की सुरक्षा और एथलीटों की पहचान से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। डब्ल्यूएनबीए एथलीटों पर बेबुनियाद आरोपों का सिलसिला विवाद की हालिया लहर तब शुरू हुई जब 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाली एक ऑस्ट्रेलियाई यूट्यूबर ने डब्ल्यूएनबीए टीम कनेक्टिकट सन की सेंटर खिलाड़ी ब्रिटनी ग्रिनर का 2024 का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में ब्रिटनी ग्रिनर बायलोर यूनिवर्सिटी के एक नए बास्केटबॉल एरिना की सराहना कर रही थीं, जहां उन्होंने वर्ष 2009 से 2013 के दौरान एनसीएए में एक उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। यूट्यूबर वाटसन ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए तर्क दिया कि लीग द्वारा महिलाओं की स्पष्ट परिभाषा न देने का कारण शायद यह है कि लीग में पहले से ही पुरुष खेल रहे हैं। ब्रिटनी ग्रिनर एक सिसजेंडर महिला हैं और उन पर लगाए गए ये आरोप पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मागा आंदोलन से जुड़े लोगों द्वारा महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों के प्रवेश का विरोध किया जा रहा है। इस अभियान में कुछ महिला एथलीट भी शामिल रही हैं। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ केनटुकी की पूर्व तैराक रिले गेन्स प्रमुख हैं, जिन्होंने 2022 के एनसीएए चैंपियनशिप कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर प्रतियोगी लिया थॉमस के साथ पांचवां स्थान साझा किया था। इसके बाद रिले गेन्स ट्रांसजेंडर विरोधी आंदोलन की एक प्रमुख आवाज बनकर उभरीं। महिला बास्केटबॉल के भीतर अलग-अलग दृष्टिकोण डब्ल्यूएनबीए के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद देखने को मिले हैं। इंडियाना फीवर की शूटिंग गार्ड और स्मॉल फॉरवर्ड सोफी कनिंघम ने ट्रांसजेंडर महिलाओं को महिला लीग में शामिल करने के विरोध में बयान दिए हैं। जुलाई में दिए गए एक मीडिया साक्षात्कार में सोफी कनिंघम ने कहा था कि वह लॉकर रूम और खेलों में युवा लड़कियों की सुरक्षा करना चाहती हैं ताकि उन्हें जैविक पुरुषों के खिलाफ न खेलना पड़े। इसके बाद एक मैच से पहले संवाददाताओं से बातचीत में सोफी कनिंघम ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि बच्चों और छोटी लड़कियों की सुरक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण है और वह अपने बयान पर कायम हैं। दूसरी ओर, डब्ल्यूएनबीए प्रशासन का कहना है कि यह पूरा विवाद बिना वजह खड़ा किया जा रहा है। लीग ने इस महीने जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि उनकी लीग में कभी किसी ट्रांसजेंडर महिला ने हिस्सा नहीं लिया है और वर्तमान में पात्रता से जुड़ा कोई मामला लंबित नहीं है। लीग की कमिश्नर कैथी एंगलबर्ट ने स्टेडियमों के बाहर होने वाले छोटे प्रदर्शनों और ऑनलाइन नफरत को खारिज करते हुए इसे आलोचकों की भड़ास करार दिया है। जैविक जांच की मांग और बढ़ते विवाद की रणनीति लीग द्वारा किसी भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ी के न होने की पुष्टि के बावजूद विवाद को बनाए रखने के लिए तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। पूर्व एनबीए खिलाड़ी एनेस कांतेर फ्रीडम और रॉयस वाइट, जो दोनों सिसजेंडर पुरुष हैं, अप्रैल 2027 के डब्ल्यूएनबीए ड्राफ्ट में खुद को महिला बताकर शामिल होने की बात कह चुके हैं, हालांकि नियमों के मुताबिक वे इसके पात्र नहीं हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रिय प्रभावशालियों द्वारा सक्रिय महिला खिलाड़ियों पर गुप्त रूप से पुरुष होने के आरोप मढ़े जा रहे हैं। एक्स मंच पर लगभग 4 लाख फॉलोअर्स वाले एक मागा इन्फ्लुएंसर ने मंगलवार को एक पोस्ट में ब्रिटनी ग्रिनर की तस्वीर साझा करते हुए खिलाड़ियों के क्रोमोसोम की जांच के लिए चीक स्वैब टेस्ट की मांग कर दी। उन्होंने लिखा कि महिला खेल पुरुषों और महिलाओं के अंतर पर आधारित हैं और यदि लीग इस जांच से डरती है तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है। एक्स मंच के मालिक इलॉन मस्क द्वारा सिस और सिसजेंडर शब्दों को नियमों का उल्लंघन बताने के बाद इस तरह की चर्चाओं को और बढ़ावा मिला है। डेढ़ लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले केनटुकी गर्ल नामक एक अकाउंट ने दावा किया कि डब्ल्यूएनबीए में पहले से ही पुरुषों के खेलने की संभावना है। इस पोस्ट में ब्रिटनी ग्रिनर के अलावा मिनेसोटा लिंक्स की कोर्टनी विलियम्स, शिकागो स्काई की नताशा क्लाउड, फीनिक्स मर्करी की एलिसा थॉमस और डलास विंग्स की पूर्व खिलाड़ी क्रिस्टल डेंजरफील्ड की तस्वीरें शामिल की गईं, जो वर्तमान में एक तुर्की बास्केटबॉल क्लब के लिए खेलती हैं। कॉन्स्पिरेसी ग्रुप्स और महिला खिलाड़ियों की गलत पहचान सोशल मीडिया पर चल रही यह मुहीम केवल कुछ पोस्ट तक सीमित नहीं है। फेसबुक पर ट्रांसवेस्टिगेशन डिस्क्लोजर नाउ 2.0 नामक एक समूह सक्रिय है, जिसमें लगभग 50 हजार सदस्य शामिल हैं। यह समूह शारीरिक बनावट के आधार पर लोगों के ट्रांसजेंडर होने का छद्म वैज्ञानिक दावा करता है। इस समूह के सदस्यों ने अटलांटा ड्रीम की एंजेल रीज, न्यू यॉर्क लिबर्टी की सबरीना इयोनेस्कू और कैटलिन क्लार्क जैसी प्रमुख महिला खिलाड़ियों को भी गलत तरीके से ट्रांसजेंडर करार दिया है। समूह के एक सदस्य ने तो लास वेगास एसेस की पूरी टीम को ही पुरुष बता दिया। दिलचस्प बात यह है कि सोफी कनिंघम के पारंपरिक विचारों के बावजूद उन्हें भी इस समूह के तर्कों से छूट नहीं मिली और कई सदस्यों ने उन्हें भी पुरुष करार दे दिया। एक सत्यापित एक्स अकाउंट ने स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड के लिए सोफी कनिंघम की स्विमसूट तस्वीरों को साझा करते हुए उन पर पुरुष होने का दावा किया। यह स्थिति दर्शाती है कि शारीरिक मानकों के आधार पर बनाई गई धारणाएं किस प्रकार स्वयं सिसजेंडर महिला एथलीटों के लिए भी उत्पीड़न का कारण बन रही हैं। महिला खेलों और मीडिया चर्चा पर इसका व्यापक प्रभाव विशेषज्ञों और अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि कथित तौर पर महिला खेलों की रक्षा के नाम पर शुरू हुआ यह अभियान अब खुद महिला खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहा है। जो महिला एथलीट लंबी, अधिक मांसपेशीयुक्त या पारंपरिक सुंदरता के खांचे में फिट नहीं बैठती हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। फॉक्स न्यूज़ के कार्यक्रम द फाइव की एंकर डाना पेरिनो ने मंगलवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रांसफोबिया का विरोध करने वाली खिलाड़ी बहुत अधिक ड्रामा करके यह साबित कर रही हैं कि महिलाओं की अलग लीग ही नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार की मीडिया टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि महिला खेलों की गरिमा बचाने के दावे से शुरू हुई यह बहस अब स्वयं डब्ल्यूएनबीए के अस्तित्व पर सवाल उठाने की दिशा में मोड़ दी गई है। एथलीटों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जबकि लीग प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम को बिना किसी वास्तविक आधार का राजनीतिक हंगामा करार दे रहा है। इसका आप पर असर खेल प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए: • भारत और दुनिया भर में: सोशल मीडिया पर एथलीटों के खिलाफ फैल रही भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने और आधिकारिक खेल महासंघों की पुष्टि के बिना किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने की आवश्यकता है। • महिला एथलीटों पर प्रभाव: शारीरिक मानकों के आधार पर की जाने वाली टिप्पणियां महिला खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और खेल में उनके सम्मानजनक वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं। सवाल-जवाब 1. क्या डब्ल्यूएनबीए में कोई ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ी खेलती है? नहीं, डब्ल्यूएनबीए के इतिहास में आज तक किसी भी ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ी ने हिस्सा नहीं लिया है और लीग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। 2. ब्रिटनी ग्रिनर पर क्या आरोप लगाए जा रहे हैं? सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणीकारों द्वारा ब्रिटनी ग्रिनर के सिसजेंडर महिला होने के बावजूद उन पर पुरुष होने के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। 3. सोफी कनिंघम का इस मुद्दे पर क्या रुख है? सोफी कनिंघम ने महिला खेलों और लॉकर रूम में युवा लड़कियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्रांसजेंडर महिलाओं के शामिल होने का विरोध किया है। 4. डब्ल्यूएनबीए प्रशासन की इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया है? डब्ल्यूएनबीए की कमिश्नर कैथी एंगलबर्ट और लीग प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बिना वजह का विवाद करार दिया है। https://trendkia.com/sports/brittney-griner-aura-wnba-khilariyon-para-jhuthe-davon-ka-vivada-gaharaya-22724 TrendKia — Har trend, sabse pehle.