# राष्ट्रमंडल खेल 2026: साक्षी और प्रिया के शानदार प्रदर्शन से भारत को मुक्केबाजी में मिले 7 गोल्ड मेडल

> कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक अपने नाम किए। साक्षी, प्रिया, अरुंधति और प्रीति पंवार के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत को अंक तालिका के शीर्ष 4 में पहुंचा दिया।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-08-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/commonwealth-games-2026-sakshi-aura-priya-ke-shanadara-pradarshana-se-bharata-ko-mukkebaji-men-mile-7-golda-medala-12924 · **Language:** Hindi
**Tags:** कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, भारतीय मुक्केबाजी, साक्षी बॉक्सर, प्रिया बॉक्सर, गोल्ड मेडल, खेल समाचार

राष्ट्रमंडल खेल 2026 का 10वां दिन भारतीय खेल इतिहास के लिए बेहद खास साबित हुआ। मुक्केबाजी रिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की छड़ी लगा दी। केवल 9 घंटे के भीतर भारतीय बॉक्सरों ने 7 गोल्ड मेडल और 3 सिल्वर मेडल जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस जबरदस्त सफलता के बल पर भारत ने पदक तालिका में शीर्ष चार टीमों में अपनी जगह पक्की कर ली है।

## साक्षी और प्रिया की शानदार जीत
महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा बनाए रखा। 51 किलोग्राम भार वर्ग के खिताबी मुकाबले में भारत की स्टार मुक्केबाज साक्षी ने इंग्लैंड की रुबी व्हाइट को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके तुरंत बाद 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मैच में प्रिया ने कनाडा की मैरी बाथेल अल अहमदी का मुकाबला किया। कड़े संघर्ष वाले इस मैच में प्रिया ने 4-1 के खंडित फैसले से जीत दर्ज कर भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया।

## मुक्केबाजी रिंग में दिखा अन्य भारतीय बॉक्सरों का जलवा
रिंग में भारतीय मुक्केबाजों की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं थमा। महिला 54 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा के भिवानी की रहने वाली प्रीति पंवार ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके पिता पुलिस विभाग में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा अरुंधति और पुरुष वर्ग में सचिन ने भी अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में विपक्षी मुक्केबाजों को हराकर गोल्ड मेडल जीते। इस तरह शनिवार को कुल 4 मुख्य मुकाबलों के साथ दिन भर में 7 स्वर्ण पदक भारत के नाम रहे।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सरों के इस प्रदर्शन से देश भर में युवाओं और उभरते एथलीटों के बीच खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

**हरियाणा में:** राज्य की खेल नीतियों और जमीनी स्तर के प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को नई पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने बॉक्सिंग में कितने मेडल जीते?
भारत ने बॉक्सिंग में 9 घंटे के भीतर कुल 7 गोल्ड मेडल और 3 सिल्वर मेडल जीते।

### 2. साक्षी ने महिला 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में किसे हराया?
साक्षी ने इंग्लैंड की रुबी व्हाइट को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता।

### 3. प्रिया ने 60 किग्रा वर्ग में किस खिलाड़ी को पराजित किया?
प्रिया ने कनाडा की मैरी बाथेल अल अहमदी को 4-1 के फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

### 4. इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में किस स्थान पर पहुंचा?
भारतीय बॉक्सरों के 7 गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत अंक तालिका के टॉप-4 में शामिल हो गया।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **कड़ा अभ्यास और निरंतरता:** साक्षी और प्रिया की जीत यह दर्शाती है कि लगातार मेहनत और अनुशासन से वैश्विक मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है।
- **दबाव में संयम:** 4-1 और 5-0 जैसे कठिन मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा।
- **साधारण पृष्ठभूमि से बड़ी उड़ान:** छोटे शहरों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना हर युवा के लिए एक बड़ी सीख है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._