# कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर दूर भाला फेंककर यश वीर सिंह ने जीता कांस्य पदक

> कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में जयपुर के 24 वर्षीय एथलीट यश वीर सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-08-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/cwg-2026-ke-antima-prayasa-men-85-41-mitara-dura-bhala-phenkakara-yash-veer-singh-ne-jita-kansya-padaka-12790 · **Language:** Hindi
**Tags:** यश वीर सिंह, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, जैवलिन थ्रो, नीरज चोपड़ा, कांस्य पदक, जयपुर खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दो पदक डाले। जहां एक तरफ स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई थीं और उन्होंने रजत पदक हासिल किया, वहीं 24 वर्षीय युवा खिलाड़ी यश वीर सिंह ने अपने अद्भुत खेल से सभी को अचंभित कर दिया। छठे और अंतिम दौर तक पदक की दौड़ से बाहर दिख रहे यश वीर सिंह ने अंतिम थ्रो में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 85.41 मीटर दूरी तय की। इस सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उन्होंने तीसरे स्थान पर छलांग लगाते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उनका पहला पदक भी है।

## अंतिम दौर में इस तरह पलटी बाजी
फाइनल मुकाबले की शुरुआत जयपुर निवासी यश वीर सिंह के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। स्पर्धा के अपने पहले प्रयास में वह फाउल कर बैठे, जिससे उन पर शुरुआती दबाव बन गया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने संभलकर भाला फेंका और 78.55 मीटर की दूरी तय की। तीसरे प्रयास में यश वीर सिंह ने अपनी तकनीक में सुधार लाते हुए 81.33 मीटर का थ्रो किया, जिसकी बदौलत वह शीर्ष आठ खिलाड़ियों की सूची में स्थान बनाने में सफल रहे।

मुकाबले के मध्य चरण में उनका प्रदर्शन एक बार फिर डगमगाया। चौथे प्रयास में वह दोबारा फाउल कर गए, जबकि पांचवें प्रयास में उनका भाला केवल 76.95 मीटर की दूरी ही तय कर सका। पांचवें दौर की समाप्ति तक यश वीर सिंह अंक तालिका में छठे स्थान पर खिसक चुके थे। उस समय स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और खेल प्रेमियों को लगा कि भारत को इस इवेंट में केवल नीरज चोपड़ा का ही मेडल मिलेगा। हालांकि, 24 वर्षीय यश वीर सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। छठे और आखिरी राउंड में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.41 मीटर दूर भाला फेंक दिया। इस थ्रो ने उन्हें सीधे छठे स्थान से उठाकर तीसरे पायदान पर पहुंचा दिया और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला पदक जीत लिया।

## बांस के भाले से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
जयपुर से ताल्लुक रखने वाले यश वीर सिंह का खेल जगत से गहरा नाता रहा है। वह अपने पिता राय सिंह के पदचिह्नों पर चलते हुए इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके पिता राय सिंह स्वयं राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रो एथलीट रह चुके हैं और उन्होंने अपने बेटे को बचपन से ही इस खेल के प्रति प्रेरित किया। शुरुआती दिनों में आधुनिक संसाधनों के अभाव में यश वीर सिंह बांस से बने देसी भाले के साथ अभ्यास किया करते थे।

कड़े परिश्रम और पिता के मार्गदर्शन से उनकी प्रतिभा जल्द ही राष्ट्रीय पटल पर चमकने लगी। उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में हिस्सा लेते हुए नीरज चोपड़ा के मीट रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था। इस कीर्तिमान को तोड़ने के बाद ही भारतीय एथलेटिक्स जगत में यश वीर सिंह की प्रतिभा को पहचान मिली थी। अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हासिल किया गया यह 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है।

## इसका आप पर असर
**पाठकों पर प्रभाव:**

- **भारत भर में:** कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को जैवलिन थ्रो में एक साथ दो पदक हासिल होने से देश में एथलेटिक्स और ट्रैक-एंड-फील्ड खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ेगा।
- **जयपुर और राजस्थान में:** स्थानीय एथलीट यश वीर सिंह की इस उपलब्धि से क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों को सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यश वीर सिंह ने कौन सा पदक जीता?
यश वीर सिंह ने पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके कांस्य पदक जीता।

### 2. अंतिम राउंड से पहले यश वीर सिंह किस स्थान पर थे?
पांचवें प्रयास के बाद यश वीर सिंह 76.95 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर मौजूद थे।

### 3. यश वीर सिंह किस शहर के रहने वाले हैं और उनके पिता कौन हैं?
यश वीर सिंह जयपुर के रहने वाले हैं और उनके पिता राय सिंह एक राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रो एथलीट रहे हैं।

### 4. यश वीर सिंह ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां कैसे बटोरी थीं?
उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़कर पहली बार बड़ी पहचान बनाई थी।

### 5. जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में यश वीर सिंह के सभी थ्रो का स्कोर क्या रहा?
उनके थ्रो का क्रम पहला फाउल, दूसरा 78.55 मीटर, तीसरा 81.33 मीटर, चौथा फाउल, पांचवां 76.95 मीटर और छठा 85.41 मीटर रहा।

### 6. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जैवलिन थ्रो का रजत पदक किसने जीता?
नीरज चोपड़ा ने इसी स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सबक: यश वीर सिंह के सफर से सीखने योग्य बातें**

- **सीमित संसाधनों में भी प्रयास न रोकें:** यश वीर सिंह ने बचपन में महंगे उपकरणों के बजाय बांस से बने भाले से अभ्यास किया, जो दर्शाता है कि लगन संसाधनों से बड़ी होती है।
- **पारिवारिक मार्गदर्शन और विरासत:** अपने पिता राय सिंह के मार्गदर्शन पर भरोसा रखते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर निरंतर कदम बढ़ाए।
- **अंतिम समय तक हार न मानना:** पांचवें दौर तक छठे स्थान पर रहने के बाद भी हिम्मत न हारकर उन्होंने आखिरी थ्रो में बाजी पलट दी।
- **दिग्गजों से प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा:** नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़कर खुद पर भरोसा कायम करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना।

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