# ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026: लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक, महज 1 किग्रा से चूके सोना

> ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों की +110 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारतीय लिफ्टर लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया, जबकि न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने 389 किग्रा के साथ स्वर्ण जीता।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-07-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/glasago-rashtramndala-khela-2026-lovepreet-singh-ne-purushon-ki-110-kigra-vetaliphtinga-men-jita-rajata-padaka-mahaja-1-kigra-se-c-12268 · **Language:** Hindi
**Tags:** लवप्रीत सिंह, वेटलिफ्टिंग, ग्लासगो 2026, राष्ट्रमंडल खेल, रजत पदक, डेविड एंड्रयू लिटी, खेल समाचार

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के आठवें दिन भारत की झोली में एक और ऐतिहासिक सफलता आई है। पुरुषों के भारी भरकम +110 किलोग्राम भारवर्ग की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारतीय एथलीट लवप्रीत सिंह ने अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए शानदार रजत पदक जीता। इस उपलब्धि के साथ ही वर्तमान राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक पदक तालिका में भारत के कुल पदकों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। पूरे मुकाबले के दौरान लवप्रीत सिंह का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और वे लंबे समय तक तालिका में शीर्ष स्थान पर बने रहे। हालांकि, अंतिम लम्हों में बेहद मामूली अंतर से स्वर्ण पदक उनके हाथ से निकल गया, लेकिन उनके इस जुझारू प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है।

## शुरुआती राउंड से पांचवें प्रयास तक लवप्रीत का दबदबा
मुकाबले के पहले चरण से ही भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह पूरी तरह से लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने अपने शुरुआती प्रयास में ही ऐसा सटीक और संतुलित प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले रहे अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को दबाव में ला दिया। स्नैच वर्ग से लेकर क्लीन एंड जर्क की शुरुआती चार कोशिशों तक लवप्रीत ने अपनी बढ़त को लगातार कायम रखा। उनकी भार उठाने की तकनीक, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक क्षमता का ऐसा संगम देखने को मिला कि एरीना में उपस्थित दर्शकों को भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक पक्का दिखाई दे रहा था। अपने पांचवें प्रयास के संपन्न होने तक लवप्रीत अंक तालिका में पहले स्थान पर जमे हुए थे और स्वर्ण पदक पूरी तरह से उनकी पहुंच में लग रहा था।

## डेविड एंड्रयू लिटी की चमत्कारिक वापसी और 15 किग्रा के अंतर का अंत
जब भारतीय खेमे में स्वर्ण पदक की उम्मीदें चरम पर थीं, उसी समय न्यूजीलैंड के अनुभवी वेटलिफ्टर डेविड एंड्रयू लिटी ने एक हैरान कर देने वाली वापसी की। स्पर्धा के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर लिटी भारतीय खिलाड़ी लवप्रीत से पूरे 15 किलोग्राम के बड़े फासले से पीछे चल रहे थे। इसके बावजूद, अपने दूसरे अंतिम यानी पेनल्टीमेट प्रयास में न्यूजीलैंड के लिफ्टर ने अभूतपूर्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में 223 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाकर 15 किग्रा की उस बड़ी खाई को न केवल पाट दिया, बल्कि लवप्रीत सिंह पर 1 किलोग्राम की निर्णायक बढ़त भी हासिल कर ली।

न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी का यह सफल प्रयास इतना निर्णायक साबित हुआ कि इसने पहली ही बार में उनके लिए स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया। 223 किग्रा की इस ऐतिहासिक लिफ्ट के बाद लिटी को अपने अंतिम बचे हुए प्रयास को आजमाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम भार उठाकर प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर, भारतीय लिफ्टर लवप्रीत सिंह कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर पोडियम के दूसरे पायदान पर रहे और मात्र एक किलोग्राम के बेहद सूक्ष्म अंतर से पहले स्थान पर आने से चूक गए।

## बर्मिंघम 2022 से ग्लासगो 2026 तक पदक का रंग बदलने में सफलता
अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं में इतने कम अंतर से शीर्ष स्थान खोना किसी भी खिलाड़ी के लिए अत्यधिक भावुक क्षण होता है। लवप्रीत के लिए भी इस तरह से स्वर्ण पदक से चूकना दिल तोड़ने जैसा था, परंतु इस कसक के बीच उनकी उपलब्धि बेहद प्रेरणादायक है। इससे पूर्व बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2022 में लवप्रीत सिंह ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। ग्लासगो 2026 में उन्होंने अपने पुराने प्रदर्शन में सुधार करते हुए पदक का रंग बदला और रजत पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को और मजबूत किया।

## वेटलिफ्टिंग में भारतीय दल का सफल और सुखद अंत
लवप्रीत सिंह की इस सफलता के साथ ही ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान संपन्न हो गया। भारतीय वेटलिफ्टरों ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार शानदार प्रदर्शन कर देश के प्रभुत्व को साबित किया है। आठवें दिन मिला यह रजत पदक भारतीय दल के समग्र उत्साह को बढ़ाने वाला रहा। यद्यपि 1 किलोग्राम का मामूली अंतर लवप्रीत को स्वर्ण पदक तक पहुंचने से रोक गया, लेकिन उनकी कड़ी मेहनत, निरंतरता और अंतिम सेकंड तक लड़े गए संघर्ष ने देशवासियों का दिल जीत लिया है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का कुल मेडल काउंट 16 तक पहुंचने से देश में एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग खेलों के प्रति युवा खिलाड़ियों का रुझान और प्रोत्साहन बढ़ेगा।

**खेल प्रेमियों के लिए:** बर्मिंघम 2022 के कांस्य पदक को ग्लासगो 2026 में रजत में बदलकर लवप्रीत सिंह ने यह साबित किया कि निरंतर कड़ी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ग्लासगो 2026 में लवप्रीत सिंह ने कौन सा पदक जीता?
भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में 388 किग्रा वजन उठाकर रजत (सिल्वर) पदक जीता।

### 2. लवप्रीत सिंह स्वर्ण पदक से कितने अंतर से चूक गए?
लवप्रीत सिंह कुल 388 किग्रा वजन उठाकर महज 1 किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।

### 3. पुरुषों की +110 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक किसने जीता?
न्यूजीलैंड के वेटलिफ्टर डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।

### 4. लवप्रीत सिंह ने बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कौन सा पदक जीता था?
लवप्रीत सिंह ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए कांस्य (ब्रोंज) पदक जीता था।

### 5. लवप्रीत सिंह के रजत पदक के बाद भारत की पदक तालिका कितनी हो गई?
लवप्रीत सिंह के रजत पदक के साथ ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के पदकों की कुल संख्या 16 हो गई।

## प्रेरणा और सबक
**लवप्रीत सिंह की यात्रा से सीखें:**

- **लगातार सुधार की आदत:** 2022 में बर्मिंघम में कांस्य जीतने के बाद भी लवप्रीत रुके नहीं, बल्कि 2026 ग्लासगो में अपने पदक का रंग बदलकर रजत किया।
- **अंतिम सेकंड तक संघर्ष:** पांचवें प्रयास तक शीर्ष पर रहकर लवप्रीत ने दिखाया कि किसी भी बड़ी चुनौती में अपनी एकाग्रता को कैसे बनाए रखा जाता है।
- **हार में भी खेल भावना:** महज 1 किग्रा के अंतर से सोना चूकने के बावजूद खेल के सर्वोच्च मंच पर देश का मान बढ़ाया।

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