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  "title": "ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026: सोमन राणा ने शॉट पुट में जीता स्वर्ण, शुभम जुयाल ने रजत हासिल कर भारत को दिलाया दोहरा पदक",
  "summary": "ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 10वें दिन भारत के सोमन राणा ने पुरुष शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में 30 मेडलों के साथ छठे स्थान पर पहुंच गया है।",
  "content": "ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 10वें दिन भारतीय दल ने पैरा एथलेटिक्स में जबरदस्त प्रदर्शन किया। पुरुष शॉट पुट F57 स्पर्धा में भारतीय एथलीटों ने शानदार खेल का परिचय देते हुए पोडियम के शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा जमाया। भारतीय सेना के जांबाज खिलाड़ी सोमन राणा ने भारत के लिए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि साथी खिलाड़ी शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर देश को दोहरा जश्न मनाने का अवसर दिया। इस दोहरे पदक की बदौलत भारत ने पदक तालिका में उल्लेखनीय सुधार किया है।\n\nसोमन राणा का दबदबा और पैरा एथलेटिक्स का तीसरा स्वर्ण\nभारतीय सेना के सूबेदार और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता सोमन राणा ने शुरुआत से ही अपनी स्पर्धा में पकड़ बनाए रखी। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 13.38 मीटर की दूरी तय करके शीर्ष बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद दूसरे प्रयास में सोमन ने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर का थ्रो फेंका। यद्यपि बाकी प्रयासों में वह इस दूरी से आगे नहीं बढ़ पाए, लेकिन 13.40 मीटर का यह प्रयास उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारत का यह कुल तीसरा स्वर्ण पदक है।\n\nशुभम जुयाल ने अंतिम थ्रो में पक्का किया रजत पदक\nपुरुष शॉट पुट स्पर्धा में भारत के दूसरे दावेदार शुभम जुयाल ने भी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया। शुभम ने अपने अभियान की शुरुआत 13.08 मीटर के थ्रो के साथ की थी। तीसरे प्रयास में उन्होंने 13.27 मीटर की दूरी तय कर अपनी स्थिति मजबूत की। चौथे प्रयास में 13.16 मीटर और पांचवें में 12.88 मीटर थ्रो करने के बाद शुभम ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 13.28 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस थ्रो के साथ ही उन्होंने भारत के लिए रजत पदक पक्का कर लिया।\n\n10वें दिन मुक्केबाजी और ट्रिपल जंप में भी चमके भारतीय खिलाड़ी\n10वें दिन भारतीय खिलाड़ियों की सफलता केवल शॉट पुट तक सीमित नहीं रही। दिन की शुरुआत में मुक्केबाजों ने शानदार पंच दिखाते हुए पदकों की झड़ी लगाई। महिला मुक्केबाजी में प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया दोनों ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं पुरुष मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने कड़ी चुनौती पेश करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा ट्रिपल जंप स्पर्धा में भी भारत के दो स्टार खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाकर भारतीय दल के अभियान को मजबूती दी।\n\nपदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंचा भारत\nपैरा शॉट पुट में मिले इन दो पदकों के साथ ग्लासगो खेलों में भारत की कुल मेडल संख्या 30 तक पहुंच गई है। भारत के खाते में अब 8 स्वर्ण, 15 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हो चुके हैं। इस बेहतरीन बढ़त के साथ भारतीय दल ने पदक तालिका में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, जमैका और मलेशिया जैसे देशों को पछाड़ते हुए छठा स्थान हासिल कर लिया है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: पैरा एथलीटों की इस ऐतिहासिक दोहरी सफलता से देश में दिव्यांग खेलों और एथलेटिक्स के प्रति जागरूकता और आधारभूत समर्थन में भारी बढ़ोतरी होगी।\n• खेल प्रेमियों के लिए: राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में भारत का 6ठे स्थान पर पहुंचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय एथलीटों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा क्षमता को दर्शाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुष शॉट पुट F57 का स्वर्ण पदक किसने जीता?\nभारतीय सेना के सूबेदार सोमन राणा ने 13.40 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।\n\n2. पुरुष शॉट पुट F57 स्पर्धा में शुभम जुयाल का प्रदर्शन कैसा रहा?\nशुभम जुयाल ने अपने अंतिम प्रयास में 13.28 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर रजत पदक अपने नाम किया।\n\n3. 10वें दिन के बाद राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में भारत का स्थान क्या है?\nभारत कुल 30 पदकों (8 स्वर्ण, 15 रजत, 7 कांस्य) के साथ तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया है।\n\n4. 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों ने कौन-कौन से पदक जीते?\nप्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि जदुमणि सिंह ने रजत पदक जीता।\n\n5. भारत ने पदक तालिका में किन प्रमुख देशों को पीछे छोड़ा?\nभारत ने न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, जमैका और मलेशिया को पीछे छोड़ते हुए छठा स्थान हासिल किया।\n\nप्रेरणा और सबक\nसोमन राणा और शुभम जुयाल की सफलता से मिलने वाली प्रमुख सीख:\n\n• सेना का अनुशासन और निरंतरता: भारतीय सेना में सूबेदार के रूप में कार्यरत सोमन राणा ने साबित किया कि कड़ा अनुशासन और निरंतर अभ्यास अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता की कुंजी है।\n• शुरुआती बढ़त का महत्व: सोमन ने अपने दूसरे प्रयास में ही 13.40 मीटर का थ्रो कर बढ़त बनाई, जो सिखाता है कि प्रतिस्पर्धा की शुरुआत से ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना कितना जरूरी है।\n• अंतिम क्षण तक हार न मानना: शुभम जुयाल ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 13.28 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके रजत पदक पक्का किया, जो दबाव में अंतिम समय तक एकाग्र रहने की सीख देता है।",
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  "publishedAt": "2026-08-01",
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