# ग्लास्गो में शर्मिला धनखड़ का कमाल, कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास

> हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली पैरा शॉटपुट एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 9.81 मीटर का बेहतरीन थ्रो फेंककर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-07-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/glasgow-me-sharmila-dhankhar-ka-kamal-commonwealth-games-me-gold-jeetkar-racha-naya-itihas-11176 · **Language:** Hindi
**Tags:** शर्मिला धनखड़, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, पैरा एथलेटिक्स, शॉटपुट, ग्लास्गो, हरियाणा

स्कॉटलैंड के ग्लास्गो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने खेल के मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। F57 स्पर्धा में हिस्सा लेते हुए उन्होंने इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 9.81 मीटर दूर गोला फेंका और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में भारत के दो दशक पुराने पदक के सूखे को भी पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

## हरियाणा के महेंद्रगढ़ से जुड़ा है सफर
शर्मिला धनखड़ मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले चित्रौली गांव की रहने वाली हैं। उनके जीवन का शुरुआती दौर बेहद संघर्षों और कठिनाइयों से भरा रहा है। जब वह महज दो साल की थीं, तब उन्हें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण उनके शरीर का एक पैर कमजोर हो गया। उनके पिता एक साधारण किसान थे, जिनके पास वित्तीय साधन सीमित होने के कारण वह उचित चिकित्सा उपचार नहीं करवा सके। इसके अलावा उनकी मां भी दृष्टिबाधित थीं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय बनी रही। इसी तंगहाली और अभाव के माहौल में उनका बचपन बीता और कम उम्र में ही उनका विवाह कर दिया गया।

## वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न और घर वापसी
अत्यंत गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली शर्मिला की परेशानियां ससुराल पहुंचने के बाद और अधिक बढ़ गईं। विवाह के शुरुआती वर्षों से ही उन्हें लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। जब वह 26 वर्ष की हुईं, तो उनके पति ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। उस समय तक वह दो बेटियों की मां बन चुकी थीं। ऐसी लाचारी और कठिन परिस्थितियों में उन्हें अपने दोनों बच्चों के साथ अपने मायके यानी पिता के घर लौटने पर मजबूर होना पड़ा।

## अजीत के साथ नई शुरुआत और खेलों की दुनिया
जीवन के तमाम संघर्षों और पहली शादी के बुरे दौर को पीछे छोड़ते हुए शर्मिला ने 28 वर्ष की उम्र में अजीत नाम के व्यक्ति के साथ दूसरी बार विवाह किया। यह दूसरा वैवाहिक रिश्ता उनके जीवन में एक सकारात्मक मोड़ लेकर आया। उनके दूसरे पति अजीत ने उन्हें हर कदम पर भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन दिया। एक दिन अजीत को समाचार पत्र के माध्यम से पैरा एथेलिटिक्स प्रतियोगिताओं के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने शर्मिला को खेल की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने के लिए प्रेरित किया। इसी प्रोत्साहन के बल पर उन्होंने खेल के मैदान पर अपनी नई पहचान बनाई और आज देश के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर एक नया मुकाम हासिल किया है।

## इसका आप पर असर
यह सफलता देश के उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

- **भारत में:** पैरा खेलों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आएगा और इन खेलों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
- **महेंद्रगढ़ में:** स्थानीय युवाओं और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. शर्मिला धनखड़ ने कौन सा मेडल जीता है?
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता है।

### 2. शर्मिला ने किस स्पर्धा में यह मेडल हासिल किया?
उन्होंने F57 पैरा शॉटपुट स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की।

### 3. शर्मिला का थ्रो कितने मीटर का था?
उन्होंने सीजन का अपना बेस्ट 9.81 मीटर का थ्रो फेंका।

### 4. शर्मिला धनखड़ मूल रूप से कहां की रहने वाली हैं?
वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव की रहने वाली हैं।

## प्रेरणा और सबक
शर्मिला धनखड़ की इस प्रेरणादायक यात्रा से निम्नलिखित सबक सीखे जा सकते हैं:

- **कभी हार न मानना:** जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी शारीरिक या पारिवारिक बाधाएं आएं, हौसला बनाए रखना चाहिए।
- **परिवार का सहयोग:** सही समय पर मिला सकारात्मक साथ और प्रोत्साहन बड़े बदलाव ला सकता है।
- **लक्ष್ಯ पर फोकस:** कठिन परिस्थितियों के बीच भी अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का प्रयास जारी रखना चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._