ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक फाइनल से बाहर हुए अरशद नदीम, श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिरागे ने जीता स्वर्ण पदक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की भाला फेंक स्पर्धा में पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम तीसरे राउंड के बाद 9वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए। वहीं श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा ने रजत और यश वीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की भाला फेंक स्पर्धा का खिताबी मुकाबला बेहद चौंकाने वाले नतीजों के साथ समाप्त हुआ। दुनिया भर के खेल प्रेमियों की निगाहें भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम के बीच होने वाली सीधी टक्कर पर टिकी हुई थीं। वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले अरशद नदीम से इस मुकाबले में भारी उम्मीदें थीं। हालांकि, खिताबी स्पर्धा में अरशद नदीम अपनी लय पूरी तरह खो बैठे और शुरुआती तीन राउंड के खेल के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। वह शीर्ष आठ खिलाड़ियों की सूची में भी जगह नहीं बना पाए और उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। दूसरी ओर, इस खिताबी स्पर्धा में श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रूमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के विशाल थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा ने रजत पदक और 24 वर्षीय यश वीर सिंह ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। दबाव में बिखरे अरशद नदीम, तीसरे राउंड के बाद हुए बाहर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक क्वालिफिकेशन चरण में अरशद नदीम ने 78.63 मीटर का थ्रो दर्ज करके आसानी से मेडल इवेंट के लिए क्वालिफाई किया था। खिताबी दौर की शुरुआत से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर अपने प्रशंसकों से दुआएं मांगने की अपील की थी। हालांकि, मैदान पर उतरते ही उनकी तकनीक और लय गड़बड़ाई हुई दिखी। फाइनल के पहले राउंड में अरशद नदीम का प्रयास फाउल घोषित हुआ, जिससे उन पर शुरुआती दबाव बन गया। दूसरे राउंड में उन्होंने 77.41 मीटर का थ्रो किया, जो इस खिताबी मुकाबले में उनका सबसे बेहतर प्रयास साबित हुआ। तीसरे राउंड में बाहर होने की तलवार लटक रही थी, इसलिए अरशद नदीम पर प्रदर्शन में सुधार करने का भारी मनोवैज्ञानिक दबाव था। लेकिन तीसरे प्रयास में वह मात्र 75.39 मीटर की दूरी ही भाला फेंक सके। तीन राउंड की समाप्ति के बाद वह तालिका में नौवें स्थान पर खिसक गए। चूंकि नियम के अनुसार केवल शीर्ष आठ एथलीटों को ही अगले तीन थ्रो करने का मौका मिलता है, इसलिए नौवें स्थान पर रहने के कारण अरशद नदीम का सफर वहीं समाप्त हो गया। क्रिकेट के मैदान से भाला फेंक तक: रूमेश थरंगा पथिरागे का स्वर्णिम प्रदर्शन ग्लासगो के इस मेडल इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिरागे रहे। एक समय क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाने वाले रूमेश ने भाला फेंक के इस मुकाबले में अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरे ही राउंड में 89.75 मीटर का एक प्रचंड थ्रो किया, जिसे प्रतियोगिता का कोई भी अन्य एथलीट पार नहीं कर सका। रूमेश का यह प्रदर्शन अनायासी नहीं था, क्योंकि पिछले एक साल से वह अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक आयोजनों में लगातार दबदबा बनाते आ रहे हैं। उनके इस थ्रो ने उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक दिला दिया। भारत का दोहरा पोडियम फिनिश: नीरज चोपड़ा को रजत, यश वीर सिंह को कांस्य भारतीय दल के लिए यह खिताबी मुकाबला काफी संतोषजनक रहा। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया और रजत पदक अपने नाम किया। वहीं भारत के 24 वर्षीय युवा एथलीट यश वीर सिंह ने भी असाधारण खेल भावना दिखाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। यश वीर सिंह ने अपने प्रयास में 85.41 मीटर की दूरी तय की और कांस्य पदक जीतने में सफलता पाई। इस प्रकार भाला फेंक के इस प्रतिष्ठित इवेंट में भारत के दो एथलीटों ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई। इसका आप पर असर खेल प्रेमियों के लिए: • एथलेटिक्स प्रशंसकों के लिए: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के इस परिणाम ने साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन हो चुकी है और पसंदीदा खिलाड़ियों के लिए भी छोटी चूक भारी पड़ सकती है। • भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए: नीरज चोपड़ा के रजत और यश वीर सिंह के कांस्य पदक के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रैक एंड फील्ड मंच पर अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी है। सवाल-जवाब 1. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भाला फेंक का स्वर्ण पदक किसने जीता? श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रूमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। 2. अरशद नदीम कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में क्यों बाहर हुए? अरशद नदीम शुरुआती तीन राउंड के बाद 77.41 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके 9वें स्थान पर रहे, जिससे वह शीर्ष आठ खिलाड़ियों में जगह बनाने में असफल रहे और प्रतियोगिता से बाहर हो गए। 3. नीरज चोपड़ा ने CWG 2026 के भाला फेंक फाइनल में कौन सा पदक जीता? नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। 4. भाला फेंक फाइनल में कांस्य पदक जीतने वाले यश वीर सिंह कौन हैं? यश वीर सिंह भारत के 24 वर्षीय युवा एथलीट हैं, जिन्होंने CWG 2026 में 85.41 मीटर थ्रो करके कांस्य पदक हासिल किया। 5. अरशद नदीम का क्वालिफिकेशन राउंड में क्या प्रदर्शन था? अरशद नदीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में 78.63 मीटर थ्रो करके फाइनल के लिए स्थान पक्का किया था। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सीख: • कैरियर में बदलाव से न डरें: रूमेश थरंगा पथिरागे ने क्रिकेट छोड़ने के बाद भाला फेंक में नई शुरुआत की और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर साबित किया कि नया रास्ता चुनने में कभी देर नहीं होती। • निरंतरता और ध्यान: एक साल में लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में बेहतरीन प्रदर्शन करके उन्होंने दिखाया कि ध्यान और कड़ी मेहनत से किसी भी नए खेल में महारत हासिल की जा सकती है। • बड़े मंच पर पहला बड़ा थ्रो: फाइनल के शुरुआती दौर में ही बड़ा स्कोर बनाना प्रतिद्वंद्वियों पर मानसिक बढ़त दिलाता है, जैसा कि रूमेश ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ किया। https://trendkia.com/sports/glasgow-men-komanaveltha-gemsa-2026-ke-bhala-phenka-phainala-se-bahara-hue-arshad-nadeem-sri-lanka-ke-rumesh-tharanga-pathirage-ne-12782 TrendKia — Har trend, sabse pehle.