गुजरात में सजेगा पीवीएल का मंच, दस फ्रेंचाइजी 30 नवंबर से खिताब के लिए टकराएंगी प्राइम वॉलीबॉल लीग का पांचवां सीजन 30 नवंबर से अहमदाबाद के वीर सावरकर खेल परिसर में खेला जाएगा, जिसमें दस फ्रेंचाइजी मैदान में उतरेंगी। भारत की प्रमुख पेशेवर वॉलीबॉल प्रतियोगिता अपने पांचवें चरण के लिए पश्चिमी भारत का रुख कर रही है। अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर खेल परिसर में 30 नवंबर से मुकाबले शुरू होंगे। लीग प्रबंधन की रणनीति हर संस्करण को अलग शहर में ले जाकर देश के कोने-कोने तक नए प्रशंसकों को जोड़ने की रही है, जिसके तहत इस बार गुजरात की धरती पर मैचों का शेड्यूल तय किया गया है। एफआईवीबी की मान्यता और प्रबंधन का रुख इस प्रतियोगिता के कद में हाल ही में बड़ा इजाफा हुआ, जब अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) ने इसे भारत की शीर्ष डिवीजन पेशेवर वॉलीबॉल लीग के तौर पर आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की। टूर्नामेंट के विस्तार को लेकर लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जॉय भट्टाचार्य ने बताया कि इस बार टूर्नामेंट को अहमदाबाद ले जाना पूरे देश में पेशेवर खेल को मजबूत करने की दिशा में अहम पड़ाव साबित होगा। मैदान पर उतरेंगी दस टीमें ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के लिए इस संस्करण में कुल 10 फ्रेंचाइजी आपस में जोर आजमाइश करेंगी। गत विजेता बेंगलुरु टॉरपीडोज अपने खिताब का बचाव करने कोर्ट पर दिखेगी। इसके अलावा अहमदाबाद डिफेंडर्स, कोच्चि ब्लू स्पाइकर्स, चेन्नई ब्लिट्ज, कालीकट हीरोज, मुंबई मीटियर्स, गोवा गार्डियंस, दिल्ली तूफांस, कोलकाता थंडरबोल्ट्स और तेलुगु ब्लैक हॉक्स भी अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इसका आप पर असर अहमदाबाद में पेशेवर वॉलीबॉल लीग के नए सत्र के आगाज से खेल प्रेमियों और स्थानीय दर्शकों को विश्व स्तरीय कोर्ट एक्शन देखने का सीधा मौका मिलेगा। • भारत में: देश भर के खेल प्रशंसकों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त शीर्ष लीग के मुकाबले देखने को मिलेंगे। इससे भारत में गैर-क्रिकेट खेलों और पेशेवर इनडोर प्रतियोगिताओं की लोकप्रियता को नई गति मिलेगी। • अहमदाबाद में: स्थानीय खेल प्रेमियों को 30 नवंबर से वीर सावरकर खेल परिसर में जाकर दस टीमों के कड़े मुकाबले लाइव देखने की सुविधा मिलेगी। शहर के इनडोर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय युवा एथलीटों को इस बड़े आयोजन से सीधा प्रोत्साहन मिलेगा। • खिलाड़ियों के लिए: एफआईवीबी से आधिकारिक स्वीकृति मिलने के बाद लीग में हिस्सा ले रहे घरेलू खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन से एथलीटों के पेशेवर करियर और खेल अवसरों में इजाफा होगा। • प्रशंसकों के लिए: दस अलग-अलग शहरों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से वॉलीबॉल समर्थकों को अपनी पसंदीदा फ्रेंचाइजी का समर्थन करने का रोमांचक अवसर मिलेगा। गत चैंपियन बेंगलुरु और घरेलू टीम अहमदाबाद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ प्राइम वॉलीबॉल लीग प्रबंधन हर सत्र में एक नए मेजबान शहर का चयन करता है ताकि पूरे भारत में खेल का प्रसार किया जा सके। • राष्ट्रीय विस्तार की नीति: प्रतियोगिता की स्थापना के समय से ही हर वर्ष मेजबान स्थल को बदला जाता रहा है ताकि वॉलीबॉल का दायरा देश के विभिन्न राज्यों में फैले। इसी निरंतर विस्तार योजना के अंतर्गत पांचवें संस्करण की मेजबानी के लिए अहमदाबाद का चुनाव किया गया। • वैश्विक खेल निकाय की स्वीकृति: इस वर्ष की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) ने लीग को भारत की प्रथम श्रेणी पेशेवर वॉलीबॉल प्रतियोगिता के रूप में औपचारिक दर्जा दिया था। इस मान्यता ने टूर्नामेंट के संचालन ढांचे को मजबूती दी और आगामी सीजन के आयोजन को गति प्रदान की। • फ्रेंचाइजी संख्या में निरंतरता: लीग में 10 टीमों की भागीदारी बनी हुई है, जिससे कार्यक्रम को लंबे प्रारूप और प्रतिस्पर्धी लीग तालिका के साथ आयोजित करने की आधारशिला तैयार हुई। सवाल-जवाब 1. प्राइम वॉलीबॉल लीग का पांचवां सीजन कब से शुरू होगा? टूर्नामेंट के पांचवें संस्करण का आगाज 30 नवंबर से होने जा रहा है। 2. इस सत्र के सभी मुकाबले किस शहर और स्टेडियम में आयोजित होंगे? सभी मैच अहमदाबाद के वीर सावरकर खेल परिसर में खेले जाएंगे। 3. टूर्नामेंट में कुल कितनी टीमें हिस्सा ले रही हैं? इस संस्करण में कुल 10 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। 4. प्रतियोगिता की मौजूदा चैंपियन टीम कौन सी है? बेंगलुरु टॉरपीडोज लीग की मौजूदा गत विजेता टीम है। 5. क्या एफआईवीबी ने इस प्रतियोगिता को कोई आधिकारिक दर्जा दिया है? अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) ने इसे भारत की शीर्ष डिवीजन पेशेवर वॉलीबॉल लीग के तौर पर मान्यता दी है। https://trendkia.com/sports/gujarat-men-sajega-pvl-ka-mncha-dasa-phrenchaiji-30-navnbara-se-khitaba-ke-lie-takaraengi-55234 TrendKia — Har trend, sabse pehle.