# गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रचा नया इतिहास, जीते दोहरे एथलेटिक्स मेडल

> भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में कांस्य पदक जीतकर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-08-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/gulveer-singh-ne-commonwealth-games-2026-men-racha-naya-itihasa-jite-dohare-ethaletiksa-medala-12965 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुलवीर सिंह, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, 5000 मीटर दौड़, भारतीय एथलेटिक्स, कांस्य पदक, 10000 मीटर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय खेमे के लिए एक और यादगार पल आया, जब लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। बॉक्सिंग रिंग में भारतीय मुक्केबाजों की पदकों की बरसात के बीच ट्रैक पर भी तिरंगा लहराया। इसी के साथ गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

## 5000 मीटर में तीसरे नंबर पर रहे गुलवीर
मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर की रेस तीसरे स्थान पर खत्म की। इससे पहले 28 जुलाई को वह 10000 मीटर की रेस में रजत पदक जीत चुके थे। यानी एक ही टूर्नामेंट में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में नई कहानी लिख दी।

## किसने जीता स्वर्ण और रजत
5000 मीटर स्पर्धा में केन्या के मैथ्यू किपचुंबा किपसांग ने 13 मिनट 23.61 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया के की रॉबिनसन दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें रजत पदक मिला। गुलवीर मामूली अंतर से पीछे रहकर कांस्य पदक तक पहुंचे।

## 28 साल के गुलवीर के नाम कई रिकॉर्ड
28 साल के गुलवीर सिंह के नाम पहले से ही 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर होते जाने का सबूत रहा है।

## एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ में भी कमाल
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2022 में भी शानदार खेल दिखाया था, जहां उन्होंने 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। उसी 10000 मीटर स्पर्धा में प्रदर्शन को अगले स्तर पर ले जाते हुए उन्होंने इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता। इसके ठीक बाद 5000 मीटर रेस में भी पदक तक पहुंचना उनके करियर के सबसे शानदार दौर में गिना जा रहा है।

## 1986 के बाद पहली बार पोडियम पर नहीं दिखा अफ्रीकी दबदबा
पुरुषों की 10000 मीटर रेस में साल 1986 के बाद यह पहला मौका था, जब पोडियम पर युगांडा और केन्या जैसे देशों के एथलीट नजर नहीं आए। लंबी दूरी की दौड़ में इन अफ्रीकी देशों का दशकों से दबदबा रहा है, लेकिन इस बार गुलवीर सिंह ने भारत को पोडियम तक पहुंचाकर यह परंपरा तोड़ते हुए नया इतिहास बना दिया।

## इसका आप पर असर
- **एथलेटिक्स फैंस के लिए:** गुलवीर सिंह की यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब लंबी दूरी की दौड़ में केन्या और युगांडा जैसे पारंपरिक दिग्गज देशों को सीधी टक्कर दे सकता है, जिससे आने वाले टूर्नामेंट्स में भारतीय धावकों से उम्मीदें और बढ़ेंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।

### 2. गुलवीर सिंह की उपलब्धि को ऐतिहासिक क्यों माना जा रहा है?
वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

### 3. 5000 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक किसने जीता?
केन्या के मैथ्यू किपचुंबा किपसांग ने स्वर्ण और ऑस्ट्रेलिया के की रॉबिनसन ने रजत पदक जीता।

### 4. गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में कितना समय निकाला?
उन्होंने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।

### 5. गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में कौन सा पदक और कब जीता था?
उन्होंने 28 जुलाई को 10000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता था।

### 6. गुलवीर सिंह की उम्र कितनी है और उनके नाम कौन-कौन से रिकॉर्ड हैं?
गुलवीर सिंह 28 साल के हैं और उनके नाम 5000 मीटर व 10000 मीटर दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है।

### 7. पुरुषों की 10000 मीटर रेस के पोडियम में इस बार क्या खास रहा?
साल 1986 के बाद पहली बार पोडियम पर युगांडा और केन्या जैसे देशों के एथलीट नजर नहीं आए।

## प्रेरणा और सबक
- **लगातार सुधार पर ध्यान:** एशियन गेम्स 2022 के कांस्य से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के रजत तक, गुलवीर ने हर टूर्नामेंट में अपने 10000 मीटर के प्रदर्शन को एक कदम ऊपर पहुंचाया।
- **अपनी सीमाएं बढ़ाना:** सिर्फ एक स्पर्धा तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने 5000 मीटर में भी खुद को साबित किया और उसमें भी पदक जीत लिया।
- **बड़ी ताकतों के सामने डटे रहना:** दशकों से लंबी दूरी की दौड़ पर अफ्रीकी देशों के दबदबे के बावजूद गुलवीर ने हार नहीं मानी और भारत को पोडियम तक पहुंचाया।
- **निरंतरता का नतीजा:** 5000 और 10000 मीटर, दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना दिखाता है कि यह सफलता अचानक नहीं बल्कि सालों की मेहनत का परिणाम है।

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