जापान में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का जलवा, जैवलिन थ्रो में भारत ने तीनों मेडल जीते जापान के आईची नागोया में जारी पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट के तीनों पदकों पर कब्जा जमा लिया है। सुमित अंतिल ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि महेंद्र गुर्जर और संदीप संजय सरगर ने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। जापान के आईची नागोया में आयोजित हो रहे पैरा एशियन गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए खेल प्रेमियों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न इवेंट्स में बेहतरीन खेल दिखाते हुए पदक अपने नाम किए। सबसे खास पल पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट में आया, जहां भारत ने पोडियम पर पूरी तरह कब्जा जमाते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य तीनों पदक एक साथ अपनी झोली में डाल लिए। सुमित अंतिल का शानदार प्रदर्शन और स्वर्ण पदक पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल (F42–F44/F61–F64) में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुमित अंतिल ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। टी64 श्रेणी में भाग ले रहे सुमित अंतिल, जिन्हें 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' यानी टीओपीएस के तहत सहायता मिलती है, ने बेहतरीन थ्रो फेंकते हुए 72.46 मीटर की दूरी तय की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने कुल 1112 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा बरकरार रखा। इससे पहले उन्होंने पिछले संस्करण में भी स्वर्ण पदक जीता था और अपने उस प्रदर्शन को यहां दोहराने में पूरी तरह सफल रहे हैं। साल 2022 के एशियन पैरा गेम्स के दौरान सुमित अंतिल ने 73.29 मीटर का थ्रो करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था। गुर्जर और सरगर ने बनाए नए गेम्स रिकॉर्ड इसी संयुक्त स्पर्धा में देश के अन्य एथलीटों ने भी पदकों का रंग और गहरा कर दिया। महेंद्र गुर्जर ने बेहतरीन थ्रो करते हुए 59.03 मीटर की दूरी नापी और 1066 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं दूसरी ओर, संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर का थ्रो फेंका और 1006 अंक जुटाकर कांस्य पदक अपने नाम किया, जिससे भारत का इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप पूरा हो गया। खास बात यह रही कि गुर्जर और सरगर दोनों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में नए गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किए। महेंद्र गुर्जर ने टी42 श्रेणी में यह कीर्तिमान रचा, जबकि संदीप सरगर ने टी44 श्रेणी में नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। पिछले पैरा एशियन गेम्स के उस संस्करण में पुष्पेंद्र ने 62.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था और संदीप 61.84 मीटर की दूरी के साथ चौथे स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी। भारत ने तोड़ा पिछला मेडल रिकॉर्ड इस बार के मुकाबलों में भारतीय दल का प्रदर्शन इस बात से भी आंका जा सकता है कि टीम ने पिछली बार हांगझोऊ में बनाए गए अपने ही कुल 108 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। जापान में चल रहे इन खेलों में भारत के पदकों का कुल आंकड़ा अब 114 तक पहुंच चुका है। इन जीते गए पदकों में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं, जो देश के पैरा खेलों के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसका आप पर असर पैरा एशियन गेम्स में भारत के इस शानदार प्रदर्शन से देश भर के उभरते पैरा एथलीटों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और खेल के बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी। • भारत में: देश की कुल पदक तालिका 114 तक पहुंच गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की खेल साख मजबूत हुई है। • आईची नागोया में: भारतीय दल के इन खिलाड़ियों ने अपनी स्पर्धाओं में नए रिकॉर्ड बनाकर वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया है। ऐसा क्यों हुआ भारतीय एथलीटों का यह शानदार प्रदर्शन लंबे समय तक चली कड़ी ट्रेनिंग और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसी सरकारी सहायता का परिणाम है। • प्रशिक्षण सहायता: खिलाड़ियों को विशेष योजनाओं के तहत वित्तीय और तकनीकी मदद मिली, जिससे उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ। • पूर्व अनुभव: पिछले संस्करणों के अनुभव और खिलाड़ियों की अटूट मेहनत ने इस बार क्लीन स्वीप करने में अहम भूमिका निभाई। सवाल-जवाब 1. पैरा एशियन गेम्स 2026 कहां आयोजित किए जा रहे हैं? पैरा एशियन गेम्स 2026 जापान के आईची नागोया में आयोजित किए जा रहे हैं। 2. पुरुषों के जैवलिन थ्रो में किसने स्वर्ण पदक जीता? सुमित अंतिल ने 72.46 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 3. जैवलिन थ्रो इवेंट में रजत और कांस्य पदक किसने जीते? महेंद्र गुर्जर ने सिल्वर मेडल और संदीप संजय सरगर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 4. भारत के पास पैरा एशियन गेम्स में अब कुल कितने पदक हैं? भारत के खाते में अब कुल 114 मेडल हैं, जिनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। प्रेरणा और सबक सुमित अंतिल, महेंद्र गुर्जर और संदीप संजय सरगर की यह सफलता दिखाती है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। • निरंतरता बनाए रखें: सुमित अंतिल ने अपने पिछले स्वर्ण पदक को डिफेंड करके यह साबित किया कि सफलता को बरकरार रखना सबसे बड़ी कला है। • रिकॉर्ड तोड़ना सीखें: गुर्जर और सरगर ने अपने-त्वरित प्रयासों से नए गेम्स रिकॉर्ड बनाए, जो निरंतर सुधार की प्रेरणा देते हैं। • समर्थन का उपयोग: सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर खिलाड़ी किस प्रकार वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं, इसका यह बेहतरीन उदाहरण है। https://trendkia.com/sports/japan-mein-chal-rahe-para-asian-games-mein-indian-athletes-ka-jalwa-javelin-throw-mein-india-ne-teeno-medals-jeete-52973 TrendKia — Har trend, sabse pehle.