जापान में 0.2 सेकंड से चूकी भारतीय रिले टीम, बेटे वेदांत के प्रदर्शन पर आर माधवन ने रखी अपनी बात जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी रिले में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रहकर मामूली अंतर से फाइनल से बाहर हो गई। अभिनेता आर माधवन ने अपने बेटे वेदांत के इस मुकाबले पर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के तरणताल से भारतीय दल के लिए बेहद कड़ा और भावुक मुकाबला सामने आया है। पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल स्विमिंग रिले स्पर्धा में हिस्सा लेने उतरी चार सदस्यीय भारतीय टीम मामूली अंतर की वजह से खिताबी दौड़ से बाहर हो गई। अभिनेता आर माधवन के 21 वर्षीय बेटे वेदांत माधवन भी इस भारतीय चौकड़ी का हिस्सा थे। इस स्पर्धा के हीट्स राउंड में भारतीय टीम कुल मिलाकर नौवें पायदान पर रही और सिर्फ 0.2 सेकंड के फासले से फाइनल में प्रवेश हासिल करने का मौका गंवा बैठी। रिले रेस में भारतीय चौकड़ी का प्रदर्शन और टाइमिंग इस रिले रेस में भारत की ओर से साजन प्रकाश, दक्षन शशिकुमार, वेदांत माधवन और अनीश सुनील ने पानी में उतरकर चुनौती पेश की थी। चारों भारतीय तैराकों ने मिलकर 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले की दूरी 7:24.32 के समय में पूरी की। इस स्पर्धा में कुल 13 देशों की टीमों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। नियमों के अनुसार, हीट्स राउंड की केवल शीर्ष आठ टीमों को ही मुख्य फाइनल मुकाबले के लिए क्वालिफाई करना था। भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही, जिस वजह से टीम शीर्ष आठ की कट-ऑफ सूची से ठीक बाहर रह गई और उसका रिले का सफर यहीं समाप्त हो गया। पिता आर माधवन ने सोशल मीडिया पर जाहिर की भावनाएं बेटे के इस बेहद करीबी मुकाबले के बाद अभिनेता आर माधवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की। उन्होंने अपने बेटे वेदांत के प्रयास और बेहद कम अंतर से हाथ से निकले मौके को रेखांकित करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। आर माधवन ने लिखा कि महज 0.2 सेकंड से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए और 0.5 सेकंड से सर्वश्रेष्ठ भारतीय बनने से रह गए। इतने बड़े मंच पर इतने छोटे समय के अंतर से पदक की दौड़ से बाहर होना किसी भी एथलीट और उसके परिवार के लिए भावनात्मक क्षण होता है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अभी बाकी है वेदांत माधवन की चुनौती भले ही रिले टीम के साथ वेदांत माधवन का सफर हीट्स में थम गया हो, लेकिन इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में उनकी व्यक्तिगत उम्मीदें अभी पूरी तरह कायम हैं। 21 साल के इस युवा तैराक का ध्यान अब अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर केंद्रित है। वेदांत आगामी 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल व्यक्तिगत प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करने उतरेंगे। इसके साथ ही वह 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में भी हिस्सा लेंगे। इन दोनों व्यक्तिगत स्पर्धाओं में वेदांत के पास अपनी टाइमिंग सुधारने और मजबूत वापसी करने का पूरा अवसर रहेगा। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं में सेकंड के सौवें हिस्से से तय होने वाले नतीजों का असर भारतीय खेल प्रशंसकों और उभरते तैराकों पर देखने को मिलता है। • भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए: रिले टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी, लेकिन एशियाई स्तर पर शीर्ष नौ में जगह बनाना भारतीय तैराकी के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। खेल प्रेमी अब 23 सितंबर को होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में बेहतर टाइमिंग की उम्मीद कर सकते हैं। • युवा तैराकों के लिए: 0.2 सेकंड का यह अंतर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर एक सेकंड का छोटा हिस्सा कितना निर्णायक होता है। तैराकों के लिए टर्न, डाइव और फिनिशिंग गति पर अतिरिक्त अभ्यास करना जरूरी साबित होता है। • आगामी मुकाबलों पर नजर: वेदांत माधवन 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल और इसके बाद 200 मीटर बैकस्ट्रोक में उतरेंगे। प्रशंसक इन मुकाबलों में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर सीधा ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। • भारतीय दल की स्थिति: 13 देशों के बीच नौवां स्थान रहने से रिले टीम का सफर समाप्त हो गया है। अब भारतीय तैराकी दल की पदक उम्मीदें पूरी तरह व्यक्तिगत रेसों पर टिक गई हैं। ऐसा क्यों हुआ भारतीय टीम 4×200 मीटर रिले के फाइनल में जगह बनाने से इसलिए चूकी क्योंकि इस प्रतियोगिता का क्वालिफिकेशन मानक बेहद कड़ा था और भारत शीर्ष आठ में जगह बनाने से मामूली अंतर से रह गया। • कड़ा क्वालिफिकेशन नियम: इस रिले स्पर्धा में 13 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से केवल सर्वश्रेष्ठ समय निकालने वाली टॉप 8 टीमों को ही फाइनल में प्रवेश मिलना था। भारत ने 7:24.32 का समय निकाला जो नौवें स्थान पर रहा। • 0.2 सेकंड की कमी: आठवें स्थान पर रहकर फाइनल का टिकट हासिल करने वाली टीम और भारत के समय के बीच महज 0.2 सेकंड का फासला रहा। तैराकी जैसी तेज गति की स्पर्धा में यह अंतर बेहद मामूली माना जाता है। • कड़ी एशियाई प्रतिस्पर्धा: महाद्वीपीय स्तर पर तैराकी में एशियाई टीमों के बीच का मुकाबला बेहद कड़ा रहता है, जहां हीट्स से ही टीमें पूरी ताकत झोंकती हैं। भारतीय टीम ने जोरदार प्रयास किया लेकिन कट-ऑफ मार्क पार करने से बाल-बाल चूक गई। सवाल-जवाब 1. एशियन गेम्स में भारतीय रिले टीम किस स्पर्धा में नौवें स्थान पर रही? भारतीय टीम पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले तैराकी स्पर्धा में नौवें स्थान पर रही। 2. भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने से कितने अंतर से चूक गई? भारतीय टीम सिर्फ 0.2 सेकंड के अंतर से शीर्ष आठ में जगह बनाने और फाइनल में पहुंचने से चूक गई। 3. भारतीय रिले टीम ने अपनी रेस कितने समय में पूरी की थी? भारतीय चौकड़ी ने 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले रेस 7:24.32 के समय में पूरी की। 4. भारतीय रिले टीम में कौन-कौन से तैराक शामिल थे? इस टीम में साजन प्रकाश, दक्षन शशिकुमार, वेदांत माधवन और अनीश सुनील शामिल थे। 5. यह प्रतियोगिता कहां आयोजित हो रही है? यह प्रतियोगिता जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स के तहत आयोजित हो रही है। 6. वेदांत माधवन अब किन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे? वेदांत माधवन 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल और इसके अलावा 200 मीटर बैकस्ट्रोक मुकाबले में हिस्सा लेंगे। https://trendkia.com/sports/japan-men-0-2-seknda-se-chuki-indian-rile-tima-bete-vedaant-ke-pradarshana-para-r-madhavan-ne-rakhi-apani-bata-36723 TrendKia — Har trend, sabse pehle.