# जापान की युइना सकामोटो से कड़े मुकाबले में हारीं क्विम्सी डिसूजा, एशियन गेम्स टेकबॉल में पदक की उम्मीद टूटी

> एशियन गेम्स महिला सिंगल्स टेकबॉल के कांस्य पदक मुकाबले में भारत की क्विम्सी डिसूजा को जापान की युइना सकामोटो के खिलाफ 11-12, 11-12 से करीबी शिकस्त झेलनी पड़ी।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/japana-ki-yuina-sakamoto-se-kare-mukabale-men-harin-quimcy-dsouza-asian-games-teqball-men-padaka-ki-ummida-tuti-35086 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स, क्विम्सी डिसूजा, टेकबॉल, युइना सकामोटो, भारतीय खेल, कांस्य पदक मुकाबला

एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट क्विम्सी डिसूजा महिला सिंगल्स टेकबॉल स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने से बेहद करीब आकर चूक गईं। रविवार को खेले गए तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में भारत की इस खिलाड़ी ने असाधारण जज्बा दिखाया, मगर बेहद नजदीकी पलों में हुए फाउल और छोटी गलतियों के चलते उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। जापान की स्टार खिलाड़ी युइना सकामोटो ने घरेलू दर्शकों के भारी उत्साह और समर्थन के बीच यह मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर लिया।

## रोमांचक जंग में 11-12, 11-12 से हाथ से फिसला मुकाबला
टेकबॉल का यह कांस्य पदक मुकाबला बेस्ट ऑफ थ्री गेम्स के प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें पहले दो गेम जीतने वाले खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। मुंबई की रहने वाली क्विम्सी डिसूजा ने विश्व रैंकिंग में सातवें पायदान पर काबिज युइना सकामोटो के खिलाफ दोनों ही गेम में जबर्दस्त संघर्ष किया। हालांकि, दोनों ही गेम का अंत जापानी खिलाड़ी के पक्ष में 12-11 और 12-11 के बेहद करीबी अंतर से हुआ, जिससे भारतीय खिलाड़ी सीधे गेमों में मुकाबला गंवा बैठीं।

## गेम प्वाइंट और 10-8 की बढ़त गंवाना पड़ा भारी
मुकाबले के पहले गेम में क्विम्सी के पास गेम प्वाइंट हासिल कर शुरुआती बढ़त बनाने का शानदार अवसर था, लेकिन वे उस महत्वपूर्ण मौके को अंक में तब्दील करने से चूक गईं। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए एक समय 10-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। ठीक इसी मोड़ पर उनसे अनचाहा फाउल हो गया और उनकी लय पूरी तरह बिगड़ गई। विश्व स्तर की अनुभवी जापानी खिलाड़ी ने इस चूक का भरपूर लाभ उठाया और लगातार अंक बटोरकर गेम के साथ पदक भी अपनी झोली में डाल लिया।

## फुटबॉल और टेबल टेनिस का अनूठा संगम है टेकबॉल
एशियाई खेलों के इतिहास में टेकबॉल खेल को पहली बार आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। यह खेल बुनियादी तौर पर फुटबॉल और टेबल टेनिस का एक बेहद रोमांचक मिश्रण है। इस खेल की शुरुआत और आविष्कार साल 2014 में हंगरी में हुआ था, जिसे फुटबॉल प्रेमी गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने मिलकर तैयार किया था। इसके बाद खेल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और साल 2017 में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था।

## घुमावदार टेबल और शरीर के अंगों से गेंद उछालने के नियम
टेकबॉल के दिलचस्प नियमों के तहत खिलाड़ी एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास नेट से बंटी हुई विशेष घुमावदार टेबल पर मानक आकार की फुटबॉल को उछालते और पास करते हैं। इस खेल में खिलाड़ियों को अपने हाथों और बाजुओं का इस्तेमाल करने की सख्त मनाही होती है, जबकि वे सिर, छाती, जांघ और पैरों जैसे शरीर के अन्य सभी हिस्सों से गेंद को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके सीधे और सरल नियम दर्शकों को बहुत जल्दी आकर्षित करते हैं। एशियन गेम्स जैसे विशाल मंच पर शामिल होने से अब यह आधुनिक खेल दुनिया भर के खेल प्रेमियों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी के इस कड़े मुकाबले ने देश में गैर-पारंपरिक और नए खेलों के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाया है।

- **भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए:** टेकबॉल जैसे बिल्कुल नए खेल में भारत का अंतिम चार तक पहुंचना साबित करता है कि खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तेजी से प्रगति कर रहे हैं। आने वाले समय में खेल प्रेमियों को प्रमुख प्रतियोगिताओं में इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों से और बेहतर नतीजों की उम्मीद रहेगी।
- **मुंबई और महाराष्ट्र में:** मुंबई की रहने वाली क्विम्सी डिसूजा का यह साहसिक प्रदर्शन स्थानीय युवा एथलीटों को फुटबॉल और टेबल टेनिस आधारित वैकल्पिक खेलों की तरफ आकर्षित करेगा। इससे शहर के स्पोर्ट्स क्लबों और अकादमियों में आधुनिक घुमावदार टेबल और प्रशिक्षण सुविधाओं की मांग बढ़ेगी।
- **उभरते खिलाड़ियों के लिए:** पारंपरिक खेलों से इतर नए वैश्विक खेलों में अंतरराष्ट्रीय करियर और पदक जीतने के अवसर बढ़ रहे हैं। जो युवा खिलाड़ी पेशेवर स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, वे ऐसे उभरते खेलों को समय रहते चुन सकते हैं।
- **खेल विकास के स्तर पर:** एशियाई खेलों में शामिल होने से टेकबॉल को भारत में आधिकारिक मान्यता और बुनियादी ढांचा मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे स्कूलों और कॉलेजों में इन खेलों के प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय खिलाड़ी क्विम्सी डिसूजा बढ़त बनाने के बावजूद निर्णायक मौकों पर दबाव और फाउल के चलते कांस्य पदक मुकाबला हार गईं।

- **महत्वपूर्ण पलों में फाउल और चूक:** दूसरे गेम में 10-8 की अहम बढ़त के बाद क्विम्सी से फाउल हो गया, जिससे उनका संवेग टूट गया। उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा में ऐसी छोटी गलतियां तुरंत प्रतिद्वंद्वी को वापसी का रास्ता दे देती हैं।
- **जापानी प्रतिद्वंद्वी का शीर्ष स्तरीय अनुभव:** युइना सकामोटो विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर मौजूद हैं और बड़े मैचों में संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता निर्णायक साबित हुई। उन्होंने दर्शकों के दबाव को झेलते हुए महत्वपूर्ण अंकों पर अपना खेल ऊंचा किया।
- **पहले गेम में मौके गंवाना:** पहले गेम में भी क्विम्सी के पास गेम प्वाइंट था, मगर वे उसे भुनाने में असफल रहीं। दोनों गेम 11-12 से समाप्त होना दिखाता है कि मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन फिनिशिंग टच की कमी भारी पड़ी।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स टेकबॉल का कांस्य पदक मुकाबला किसने जीता?
जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त युइना सकामोटो ने भारत की क्विम्सी डिसूजा को 2-0 से हराकर कांस्य पदक जीता।

### 2. क्विम्सी डिसूजा और युइना सकामोटो के बीच मैच का अंतिम स्कोर क्या रहा?
यह मुकाबला सीधे गेमों में 11-12, 11-12 के बेहद नजदीकी अंतर से समाप्त हुआ।

### 3. क्विम्सी डिसूजा भारत के किस शहर से ताल्लुक रखती हैं?
क्विम्सी डिसूजा मुंबई की रहने वाली हैं।

### 4. टेकबॉल खेल का आविष्कार कब और किसने किया था?
टेकबॉल का आविष्कार साल 2014 में हंगरी में गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने किया था।

### 5. पहली टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप कब और कहां आयोजित हुई थी?
पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप साल 2017 में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी।

### 6. टेकबॉल खेल के मुख्य नियम क्या हैं?
इसमें एक घुमावदार टेबल पर फुटबॉल को उछाला जाता है, जिसमें हाथों और बाजुओं के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी होती है।

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