नागपुर में 65 किग्रा वुशु में चमके शिवम वैष्णव, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर श्रीनगर नेशनल पर साधा निशाना भीलवाड़ा के युवा वुशु खिलाड़ी शिवम वैष्णव ने नागपुर में आयोजित 37वीं राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता के अंडर 17 वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है और अब वे श्रीनगर में होने वाले जूनियर नेशनल टूर्नामेंट की तैयारी में जुटे हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में लगातार अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वुशु खिलाड़ी शिवम वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने खाते में जोड़ी है। खेल के जानकारों का मानना है कि जिले में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस सही मंच, सुनियोजित प्रशिक्षण और नियमित प्रोत्साहन मिलने पर यहां के नौजवान शानदार मुकाम हासिल कर सकते हैं। शिवम की ताजा कामयाबी इस खेल संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर उभरी है। नागपुर की राष्ट्रीय स्पर्धा में लहराया परचम विद्या भारती के तत्वावधान में महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 6 से 8 सितंबर तक 37वीं राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता संपन्न हुई। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देशभर के चुनिंदा प्रतिभागियों ने जोर-आजमाइश की। शिवम वैष्णव ने अंडर-17 आयु वर्ग के तहत 65 किलोग्राम भार वर्ग में उतरकर तकनीकी रूप से बेहद सटीक और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। अपने वर्ग के कड़े मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर भीलवाड़ा का मान बढ़ाया। कोच अंकित नाथ योगी के सानिध्य में तराशी गई प्रतिभा इस स्तर पर पहुंचने के लिए शिवम ने लंबी तैयारी की है। वे तांडव फाइट क्लब से जुड़े हैं और अपने कोच अंकित नाथ योगी के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में वुशु की विभिन्न तकनीकों का कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। नागपुर चैंपियनशिप में उतरने से पहले उन्होंने कई हफ्तों तक नियमित और अनुशासित ट्रेनिंग सत्रों में हिस्सा लिया था। क्लब के मैट पर बहाया गया पसीना ही राष्ट्रीय स्तर के दबाव भरे मुकाबलों में उनके आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस का मुख्य आधार बना, जिससे वे पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी खिलाड़ियों पर हावी रहे। श्रीनगर में एसजीएफआई जूनियर नेशनल की नई चुनौती नागपुर में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद अब शिवम के सामने अगला बड़ा मुकाबला विद्या भारती के प्रतिनिधि के रूप में खेलने का है। वे जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 14 से 18 अक्टूबर के बीच आयोजित होने वाले SGFI जूनियर नेशनल टूर्नामेंट में भाग लेने जा रहे हैं। इस आगामी प्रतियोगिता को लेकर तांडव फाइट क्लब के साथी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सभी को विश्वास है कि शिवम श्रीनगर की मैट पर भी इसी विजयी लय को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ेंगे। इसका आप पर असर राष्ट्रीय स्तर पर युवा एथलीटों की सफलता स्थानीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करती है और उभरते खिलाड़ियों के लिए नए अवसर बनाती है। • भारत में: राष्ट्रीय स्कूली और जूनियर खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय कैंपों और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वरीयता मिलती है। खेल अकादमियों में अभ्यास करने वाले अन्य युवाओं को ऐसे परिणामों से प्रतिस्पर्धी स्तर पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। • भीलवाड़ा में: जिले के मार्शल आर्ट्स क्लबों और कॉम्बैट स्पोर्ट्स से जुड़े युवाओं के लिए कोचिंग का माहौल और अधिक बेहतर होगा। स्थानीय स्तर पर बुनियादी प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और प्रशासन की ओर से खेल प्रोत्साहन की मांग को बल मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ शिवम वैष्णव की यह जीत योजनाबद्ध अभ्यास, निरंतर फिटनेस ट्रेनिंग और राष्ट्रीय मंच पर सटीक तकनीकी रणनीति का परिणाम है। • नियमित प्रशिक्षण दिनचर्या: तांडव फाइट क्लब में कोच के साथ मिलकर कई सप्ताह तक तकनीकी दांव-पेंच और शारीरिक मजबूती पर काम किया गया। इस सतत अभ्यास ने उन्हें कड़े मुकाबलों में पूरे समय ऊर्जावान बनाए रखा। • भार वर्ग के अनुकूल तैयारी: 65 किलोग्राम वर्ग के मुकाबलों की गति और ताकत की जरूरतों को ध्यान में रखकर विशेष कॉम्बैट तकनीक तैयार की गई थी। प्रतियोगिता के दौरान सही समय पर आक्रामक और रक्षात्मक रणनीतियों का संतुलन जीत का मुख्य कारण बना। • आगामी प्रतियोगिताओं का लक्ष्य: राष्ट्रीय स्तर की विद्या भारती प्रतियोगिता को एसजीएफआई टूर्नामेंट की तैयारी के प्रमुख पड़ाव के तौर पर देखा गया। इसी स्पष्ट लक्ष्य और एकाग्रता के चलते खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। सवाल-जवाब 1. शिवम वैष्णव ने हाल ही में किस खेल में स्वर्ण पदक जीता है? शिवम वैष्णव ने 37वीं राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता के अंडर-17 आयु वर्ग में 65 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। 2. 37वीं राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता का आयोजन कहां और कब हुआ था? यह प्रतियोगिता विद्या भारती की ओर से महाराष्ट्र के नागपुर में 6 से 8 सितंबर तक आयोजित की गई थी। 3. शिवम वैष्णव कहां प्रशिक्षण लेते हैं और उनके कोच कौन हैं? शिवम भीलवाड़ा के तांडव फाइट क्लब में कोच अंकित नाथ योगी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। 4. शिवम की अगली खेल प्रतियोगिता कौन सी है और यह कब होगी? शिवम 14 से 18 अक्टूबर तक श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में आयोजित होने वाले SGFI जूनियर नेशनल टूर्नामेंट में भाग लेंगे। प्रेरणा और सबक अनुशासन, उचित मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं। • समर्पण और कड़ी मेहनत: नियमित अभ्यास और शारीरिक अनुशासन किसी भी खेल में असाधारण परिणाम देने की सबसे मजबूत नींव है। • योग्य मार्गदर्शन का महत्व: एक कुशल कोच की देखरेख में की गई योजनाबद्ध ट्रेनिंग खिलाड़ी की तकनीकी कमियों को दूर कर उसे बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करती है। • निरंतर आगे देखने का नजरिया: एक बड़ी जीत हासिल करने के तुरंत बाद आत्मसंतुष्ट होने के बजाय अगली बड़ी चुनौती पर ध्यान केंद्रित करना सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। https://trendkia.com/sports/nagapura-men-65-kigra-vushu-men-chamake-shivam-vaishnav-rashtriya-svarna-padaka-jitakara-srinagar-neshanala-para-sadha-nishana-34237 TrendKia — Har trend, sabse pehle.