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  "title": "नागोया में भारत का ऐतिहासिक दिन, शूटिंग में रिकॉर्ड स्वर्ण और पोल वॉल्ट में पहला पदक जीत कुल संख्या 23 की",
  "summary": "आइची-नागोया में 25 सितंबर को भारतीय एथलीटों ने एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य जीतकर कुल पदकों की संख्या 23 पहुंचा दी, जिसमें पोल वॉल्ट का पहला ऐतिहासिक कांस्य शामिल रहा.",
  "content": "जापान के आइची-नागोया में चल रही बहु-खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में 25 सितंबर की तारीख भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गई. अलग-अलग मैदानों और कोर्ट पर भारतीय दल ने एक ही दिन में छह नए पदकों का इजाफा किया. इस धमाकेदार उपलब्धि के साथ भारत की कुल पदक तालिका 23 तक जा पहुंची है. इन तेईस पदकों में दो स्वर्ण पदक, नौ रजत पदक तथा 12 कांस्य पदक शामिल हैं. निशानेबाजी की रेंज से लेकर एथलेटिक्स ट्रैक तक हमारे खिलाड़ियों का पराक्रम देखने लायक रहा, जिसमें दशकों पुराना सूखा खत्म करते हुए एक अभूतपूर्व पोडियम फिनिश भी दर्ज हुई.\n\nपोल वॉल्ट में बारनिका इलांगोवन की अभूतपूर्व उपलब्धि\nट्रैक एंड फील्ड के मैदान पर सबसे ऐतिहासिक क्षण उस वक्त आया जब महिलाओं की पोल वॉल्ट प्रतियोगिता संपन्न हुई. इस खेल में बारनिका इलांगोवन ने वह कारनामा कर दिखाया जो इससे पहले कोई भी पुरुष या महिला भारतीय पोल वॉल्टर इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पूरे इतिहास में नहीं कर सका था. उन्होंने 4.15 मीटर की ऊंचाई को सफलतापूर्वक पार करके पोडियम पर अपनी जगह पक्की की.\n\nकजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा ने भी ठीक 4.15 मीटर की ही ऊंचाई हासिल की थी. दोनों खिलाड़ियों के सभी प्रयास पूरी तरह बराबरी पर रहे. जब 4.25 मीटर के अगले पड़ाव पर दोनों खिलाड़ी अपनी छलांग पूरी करने से चूक गईं, तब तकनीकी काउंटबैक नियम लागू किया गया. इस नियम के तहत दोनों एथलीटों को बराबरी का हकदार मानते हुए संयुक्त रूप से कांस्य पदक से नवाजा गया. इसी स्पर्धा में भाग ले रहीं भारत की दूसरी प्रतिभागी सिंधुश्री गणेशा का दिन निराशाजनक रहा, क्योंकि वह 3.85 मीटर और 4 मीटर के पड़ावों पर लड़खड़ा गईं तथा कोई भी वैध मार्क दर्ज नहीं कर सकीं.\n\n10 मीटर एयर पिस्टल में रिकॉर्ड तोड़ स्वर्णिम निशाना\nनिशानेबाजी रेंज से देश के लिए सबसे चमचमाती खबर सामने आई. सुरुचि सिंह और कमलजीत की प्रतिभाशाली जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में आरंभिक दौर से लेकर निर्णायक पलों तक अपना दबदबा बनाए रखा. दोनों ने मिलकर कुल 484.6 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो खेलों के साथ-साथ पूरे एशियाई रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया. इस ऐतिहासिक स्कोर में सुरुचि ने 245.7 अंकों का शानदार योगदान दिया, जबकि कमलजीत ने 238.9 अंक बटोरकर जीत सुनिश्चित की. प्रतियोगिता के शुरुआती 10 मीटर आयोजनों में मिली शुरुआती निराशाओं के बाद इस स्वर्णिम सफलता ने भारतीय निशानेबाजी कैंप में जबरदस्त ऊर्जा भर दी.\n\n50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम का रजत पदक\nराइफल रेंज में भी भारतीय पुरुष निशानेबाजों ने अपने सटीक निशाने का लोहा मनवाया. पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने शानदार एकाग्रता दिखाई. इस भारतीय तिकड़ी ने सम्मिलित रूप से 1762 अंकों का मजबूत स्कोर हासिल कर रजत पदक जीता. भारतीय दल शीर्ष स्थान पर रही चीन की टीम से महज चार अंकों के अंतर से पीछे रह गया, जिसने 1766 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था. बाद में व्यक्तिगत फाइनल के दौरान ऐश्वर्य पांचवें स्थान पर रहे, जबकि नीरज आठवें पायदान पर प्रतियोगिता समाप्त करने में सफल रहे.\n\nगुलवीर सिंह का 10,000 मीटर में जोरदार रजत\nएथलेटिक्स के लंबे ट्रैक पर 28 वर्षीय लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने अपनी अदम्य सहनशक्ति का परिचय दिया. पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में उन्होंने 28:29.38 का समय निकालते हुए रजत पदक अपने नाम किया. भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत गुलवीर ने हांगझोउ में जीते गए अपने पिछले कांस्य पदक के रंग को बदलते हुए इस बार रजत में तब्दील कर दिया. पूरी रेस के दौरान गुलवीर शीर्ष धावकों के समूह में डटे रहे. हालांकि फिनिश लाइन से ठीक पहले बहरीन के बिरहाणु बालेव ने जबरदस्त स्प्रिंट लगाई और 28:27.51 का समय लेकर स्वर्ण पदक जीत लिया, जबकि बहरीन के ही अल्बर्ट किप्टू तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य के हकदार बने.\n\nशॉट पुट और टेबल टेनिस से आए दो और कांस्य\nएथलेटिक्स अखाड़े में महिलाओं के गोला फेंक मुकाबले में अनुभवी मानप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो फेंककर भारत के लिए कांस्य पदक सुरक्षित किया. इसी प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व कर रहीं कृष्णा जयशंकर मेनन 16.57 मीटर की दूरी नापकर पांचवें स्थान पर रहीं. इस स्पर्धा में चीन की जियाओआन सोंग ने 19.40 मीटर के भारी थ्रो के साथ स्वर्ण और लिनरू झांग ने रजत पदक अपने नाम किया.\n\nउधर टेबल टेनिस एरेना में मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में मानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा. चीनी दिग्गज जोड़ी वांग चुक्विन और सुन यिंग्शा के हाथों पराजय झेलने के बाद भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, जो महाद्वीपीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही.\n\nबैडमिंटन में बड़ा झटका, पर अन्य खेलों में जीत का सिलसिला\nशानदार सफलताओं के बीच भारतीय दल को बैडमिंटन कोर्ट पर गहरा आघात लगा. पुरुष युगल में पिछले संस्करण की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पहले ही मैच में बाहर हो गई. थाईलैंड के पक्कापोन तीरा रत्साकुल और पीरात्चाई सुकफुन ने भारतीय जोड़ी को तीन गेमों के संघर्ष में 21-12, 19-21, 14-21 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया.\n\nहालांकि बाकी खेलों में भारतीय उम्मीदें बेहद मजबूत बनी हुई हैं. कबड्डी मैट पर भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर खिताबी भिड़ंत में प्रवेश कर लिया है, जिससे दो स्वर्ण पदक जीतने की राह आसान दिख रही है. स्क्वैश कोर्ट पर भी भारत ने तीन पदक पक्के कर लिए हैं. जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी के अलावा एकल वर्ग में अनाहत सिंह तथा अभय सिंह ने अंतिम चार में कदम रख दिया है.\n\nमहिला हॉकी टीम ने अपने अजेय सफर को बरकरार रखते हुए मेजबान जापान को 3-1 से धूल चटा दी. मुक्केबाजी रिंग में सचिन सिवाच पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. ट्रैक स्पर्धाओं में किरण और प्राची ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ के फाइनल में और पुरुषों के वर्ग में विशाल टीके ने 400 मीटर दौड़ के फाइनल में प्रवेश पाकर पदकों की उम्मीदें और पुख्ता कर दी हैं.\n\nइसका आप पर असर\nअंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के इस बहु-खेल प्रदर्शन से देश में गैर-क्रिकेट खेलों और एथलेटिक्स बुनियादी ढांचे को सीधा बढ़ावा मिलेगा.\n\n• खेल प्रेमियों के लिए: महाद्वीपीय स्तर पर 23 पदकों तक पहुंचना यह दर्शाता है कि भारत पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों खेलों में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है. आने वाले दिनों में कबड्डी, स्क्वैश और हॉकी में फाइनल मुकाबलों के दौरान प्रशंसकों को कई और स्वर्ण पदक देखने को मिल सकते हैं.\n• उभरते एथलीटों के लिए: पोल वॉल्ट जैसी तकनीकी स्पर्धा में देश का पहला पदक आना युवा ट्रैक एथलीटों में नया विश्वास भरेगा. इससे खेल अकादमियों में पोल वॉल्ट जैसे कम लोकप्रिय आयोजनों के लिए बेहतर कोचिंग और उपकरण मिलने के अवसर बढ़ेंगे.\n• निशानेबाजी बिरादरी के लिए: 10 मीटर एयर पिस्टल टीम द्वारा एशियाई रिकॉर्ड बनाना यह साबित करता है कि भारतीय निशानेबाज विश्वस्तरीय दबाव झेलने में सक्षम हैं. यह जीत युवा निशानेबाजों को टीम स्पर्धाओं में समन्वय और मानसिक संतुलन साधने की नई प्रेरणा देगी.\n• प्रसारण व दर्शकों के लिए: ट्रैक एंड फील्ड, मुक्केबाजी और हॉकी में कई फाइनल मुकाबले कतार में होने से लाइव कवरेज देखने का रोमांच चरम पर रहेगा. खेल प्रेमी विभिन्न चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय दावेदारों के आगामी मुकाबलों का समय नोट करके रख सकते हैं.\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह सफल दिन भारतीय खिलाड़ियों की कड़ी तकनीकी तैयारी, पिछले अनुभवों से सीख और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धाओं में मानसिक दृढ़ता के संयोजन के कारण संभव हो सका.\n\n• तकनीकी महारत और रिकॉर्ड प्रदर्शन: सुरुचि सिंह और कमलजीत ने अपने शुरुआती व्यक्तिगत मुकाबलों की गलतियों से सीखकर मिक्स्ड टीम में असाधारण तालमेल बिठाया. उनके सटीक निशानों ने उन्हें महाद्वीपीय रिकॉर्ड कायम करने और शीर्ष पर पहुंचने की गति दी.\n• नियमों और शांत स्वभाव का लाभ: पोल वॉल्ट स्पर्धा में बारनिका इलांगोवन ने 4.15 मीटर तक बिना किसी अतिरिक्त फाउल के छलांग लगाई. इसी धैर्य ने उन्हें काउंटबैक टाई-ब्रेकर नियम के तहत संयुक्त कांस्य पदक का ऐतिहासिक हकदार बना दिया.\n• सहनशक्ति और सामरिक तैयारी: 10,000 मीटर में गुलवीर सिंह ने हांगझोउ के अनुभव का फायदा उठाते हुए अपनी दौड़ को बेहद सधे अंदाज में गति दी. उन्होंने शुरुआत में ऊर्जा बचाने की रणनीति अपनाई, जिससे अंतिम लैप में रजत पदक सुनिश्चित हो सका.\n• अपेक्षित परिणामों की निरंतरता: कबड्डी और हॉकी टीमों ने अपने रणनीतिक प्रभुत्व और फिटनेस के दम पर अपने विरोधियों को मात देकर पदक दौर में प्रवेश जारी रखा. दूसरी ओर, बैडमिंटन में प्रारंभिक गेम जीतने के बाद अनपेक्षित गलतियों और प्रतिद्वंद्वी की आक्रामकता ने उलटफेर को जन्म दिया.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 25 सितंबर को भारत ने कुल कितने पदक जीते और पदकों की कुल संख्या कितनी हो गई?\nभारत ने 25 सितंबर को छह पदक जीते, जिससे उसकी कुल पदक संख्या 23 हो गई, जिसमें 2 स्वर्ण, 9 रजत और 12 कांस्य शामिल हैं.\n\n2. पोल वॉल्ट में बारनिका इलांगोवन ने कौन सा पदक जीतकर इतिहास रचा?\nबारनिका इलांगोवन ने 4.15 मीटर की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से कांस्य पदक जीता और पोल वॉल्ट में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं.\n\n3. निशानेबाजी में स्वर्ण पदक किस स्पर्धा में और किन खिलाड़ियों ने जीता?\nसुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में 484.6 अंक बनाकर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता.\n\n4. पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम स्पर्धा में भारत को कौन सा पदक मिला?\nऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने 1762 अंक जुटाकर रजत पदक हासिल किया.\n\n5. गुलवीर सिंह ने किस दौड़ स्पर्धा में रजत पदक जीता?\nगुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ 28:29.38 समय में पूरी करके रजत पदक जीता.\n\n6. बैडमिंटन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के मैच का क्या परिणाम रहा?\nसात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी पहले दौर में थाईलैंड के खिलाड़ियों से 21-12, 19-21, 14-21 से हारकर बाहर हो गई.",
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  "publishedAt": "2026-09-25",
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