निशानेबाजी में भारतीय बेटियों का जलवा, एलावेनिल वलारिवन ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता रजत पदक एशियन गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में 252.4 अंक हासिल कर देश के लिए रजत पदक अपने नाम किया। एशियन गेम्स 2026 के पहले दिन भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के पदकों की संख्या में एक और बड़ा इजाफा किया है। भारत की प्रमुख महिला निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में कड़े मुकाबले के बीच रजत पदक अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल राउंड में कुल 252.4 का बेहतरीन स्कोर बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल की शानदार शूटिंग व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल के रोमांचक फाइनल मुकाबले में एलावेनिल वलारिवन ने शुरुआत से ही अपनी लय बनाए रखी और लगातार सटीक निशाने साधे। उनका कुल स्कोर 252.4 रहा, जिसने उन्हें पोडियम पर दूसरे पायदान पर जगह दिलाई। इसी मुकाबले में भारत की एक अन्य प्रतिभावान निशानेबाज सोनम मस्कर भी फाइनल दौर में अपनी दावेदारी पेश कर रही थीं। सोनम मस्कर ने 167.0 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहते हुए अपना अभियान समाप्त किया। टीम स्पर्धा में भी भारत को मिला था रजत व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक हासिल करने से पहले, भारत की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने भी पहले ही दिन देश के लिए पदक का खाता खोला था। भारतीय महिला टीम, जिसमें एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा शामिल थीं, ने बेहतरीन सामूहिक तालमेल दिखाते हुए रजत पदक पर निशाना साधा था। इस तरह एलावेनिल ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन में ही अपना दूसरा रजत पदक पक्का कर लिया। एशियन स्तर पर लगातार कायम है दबदबा एलावेनिल वलारिवन का यह प्रदर्शन उनकी निरंतर अंतरराष्ट्रीय फॉर्म को दर्शाता है। इससे पहले अगस्त 2025 में आयोजित एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता था और इसके बाद अर्जुन बाबूता के साथ मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी सोने का तमगा अपने नाम किया था। इसके अलावा 2023 में आईएसएसएफ विश्व कप में भी वह 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। एशियन गेम्स 2026 में उनकी यह दोहरी पदक सफलता भारत के शूटिंग अभियान के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुई है। इसका आप पर असर एशियन गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय निशानेबाजों की यह उपलब्धि देश के खेल परिदृश्य और प्रशंसकों के लिए बेहद उत्साहजनक शुरुआत लेकर आई है। • खेल प्रशंसकों के लिए: एशियन गेम्स 2026 के शुरुआती दिन में ही पदक तालिका में दोहरी सफलता मिलने से पूरे टूर्नामेंट के प्रति भारतीय दर्शकों का उत्साह काफी बढ़ गया है। आगामी दिनों में अन्य शूटिंग और ट्रैक स्पर्धाओं के लाइव मुकाबलों में दर्शकों की दिलचस्पी और समर्थन में तेजी आएगी। • युवा एथलीटों के लिए: महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में दोहरे रजत पदक की यह जीत देश भर के शूटिंग अकादमियों में अभ्यास कर रहीं युवा महिला निशानेबाजों को बड़े मंच के लिए प्रेरित करेगी। ग्रासरूट स्तर पर एयर राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में नए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और दाखिलों को नई गति मिलेगी। • भारतीय दल के मनोबल पर: पहले ही दिन पोडियम फिनिश हासिल करने से जापान में मौजूद भारतीय खेल दल का आत्मविश्वास काफी ऊंचा रहेगा। शुरुआती पदकों का यह सकारात्मक दबाव आगे आने वाले मुकाबलों में अन्य एथलीटों के प्रदर्शन को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा। • निशानेबाजी महासंघ और समर्थन: इस अंतरराष्ट्रीय सफलता से भारतीय निशानेबाजी कार्यक्रम की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय कोचिंग रणनीतियों की विश्वसनीयता साबित होती है। आगामी ओलंपिक चक्र के लिए टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण समर्थन को मजबूती मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला निशानेबाजों की यह सफलता वर्षों की संगठित तैयारी, हालिया अंतरराष्ट्रीय फॉर्म और उच्च दबाव वाले फाइनल में सटीक निष्पादन का परिणाम है। • लगातार अंतरराष्ट्रीय लय: एलावेनिल वलारिवन इससे पहले 2025 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। इस टूर्नामेंट में आने से पहले उनकी फॉर्म शीर्ष स्तर पर थी, जिसने उन्हें दबाव भरे फाइनल में शांत बनाए रखा। • टीम स्पर्धा का शुरुआती प्रोत्साहन: व्यक्तिगत फाइनल से पहले ही महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने रजत पदक जीत लिया था। इस शुरुआती सफलता ने एलावेनिल और सोनम दोनों के आत्मविश्वास को मजबूती दी और उन्होंने व्यक्तिगत राउंड में निडर होकर निशाना साधा। • उच्च स्तरीय तकनीकी तैयारी: विश्व स्तरीय आयोजनों जैसे आईएसएसएफ विश्व कप और विश्व स्तर के कैंपों में नियमित भागीदारी ने भारतीय निशानेबाजों को फाइनल राउंड के कड़े एलिमिनेशन फॉर्मेट के लिए पूरी तरह परिपक्व किया है। इस अनुभव ने एलावेनिल को 252.4 का उच्च स्कोर हासिल करने में सीधी मदद की। सवाल-जवाब 1. एलावेनिल वलारिवन ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता है? एलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता है। 2. व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल का कुल स्कोर कितना रहा? उन्होंने फाइनल मुकाबले में कुल 252.4 अंकों का स्कोर बनाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। 3. सोनम मस्कर का इस मुकाबले में क्या प्रदर्शन रहा? सोनम मस्कर ने व्यक्तिगत फाइनल में 167.0 अंक जुटाए और वह छठे स्थान पर रहीं। 4. महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत ने क्या हासिल किया? एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में भी भारत के लिए रजत पदक जीता था। 5. एलावेनिल ने इससे पहले एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में क्या उपलब्धियां हासिल की थीं? उन्होंने अगस्त 2025 की एशियाई चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल में व्यक्तिगत स्वर्ण और अर्जुन बाबूता के साथ मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। प्रेरणा और सबक एलावेनिल वलारिवन की यह दोहरी उपलब्धि लगातार मेहनत, दबाव में संयम और बड़े मंच पर प्रदर्शन दोहराने का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है। • निरंतरता की शक्ति: एशियाई चैंपियनशिप में दो स्वर्ण जीतने के बाद एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीतना यह साबित करता है कि असली चैंपियन अपनी सफलता को हर बड़े मंच पर दोहराते हैं। • दबाव में संतुलन: व्यक्तिगत फाइनल के कड़े एलिमिनेशन राउंड में शांत रहकर 252.4 अंक बनाना दिखाता है कि तकनीक के साथ मानसिक दृढ़ता कितनी जरूरी है। • टीम और व्यक्तिगत दोनों में समर्पण: पहले टीम के लिए पदक जीतना और कुछ ही समय बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पोडियम तक पहुंचना खिलाड़ी के समर्पण और शारीरिक-मानसिक मजबूती का सबूत है। https://trendkia.com/sports/nishanebaji-men-bharatiya-betiyon-ka-jalava-elavenil-valarivan-ne-10-mitara-eyara-raiphala-men-jita-rajata-padaka-35152 TrendKia — Har trend, sabse pehle.