राजस्थान बेंच प्रेस चैंपियनशिप में भीलवाड़ा के नितेश रावत ने 200 किलो वजन उठाकर जीता सीनियर स्ट्रॉन्गमैन खिताब फलौदी में आयोजित द्वितीय राजस्थान स्टेट क्लासिक बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 में भीलवाड़ा के नितेश रावत ने 200 किलोग्राम वजन उठाकर इतिहास रचा। राजस्थान के फलौदी में आयोजित द्वितीय राजस्थान स्टेट क्लासिक बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 में भीलवाड़ा के युवा पावरलिफ्टर नितेश रावत ने अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमता का परिचय दिया। इस राज्यस्तरीय खेल मंच पर नितेश ने पूरे प्रतियोगिता सत्र की सबसे भारी लिफ्ट दर्ज करते हुए सीधे 200 किलोग्राम की बेंच प्रेस सफलतापूर्वक पूरी की। इस बेमिसाल प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सीनियर स्ट्रॉन्गमैन ऑफ राजस्थान की प्रतिष्ठित ट्रॉफी और उपाधि अपने नाम कर ली। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के इतिहास में यह अब तक की सबसे भारी बेंच प्रेस लिफ्ट मानी जा रही है। इस भार को उठाकर उन्होंने अपनी शारीरिक शक्ति, उच्च स्तर की फिटनेस और वर्षों के समर्पण को साबित किया है। प्रतियोगिता का सबसे भारी भार और नया रिकॉर्ड फलौदी में हुई इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में राज्यभर से चुने हुए बेहतरीन एथलीट हिस्सा ले रहे थे। इन सबके बीच नितेश रावत ने जब 200 किलोग्राम के विशाल भार को उठाया, तो पूरे आयोजन स्थल पर मौजूद दर्शक और खेल विशेषज्ञ हैरान रह गए। इस लिफ्ट के साथ ही नितेश ने राजस्थान के पावरलिफ्टिंग इतिहास में सबसे भारी बेंच प्रेस लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। यह उपलब्धि केवल एक पदक जीतने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने राज्य के पावरलिफ्टिंग परिदृश्य में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 2020 से शुरू हुआ सफर और 2023 का पहला पदक नितेश की इस असाधारण कामयाबी के पीछे वर्षों का कड़ा अभ्यास और तपस्या छिपी है। उन्होंने पावरलिफ्टिंग और स्ट्रॉन्गमैन बनने की औपचारिक तैयारी वर्ष 2020 में शुरू की थी। लगभग तीन साल तक लगातार अभ्यास और बुनियादी फिटनेस को मजबूत करने के बाद, उन्होंने 2023 में अपने पहले आधिकारिक टूर्नामेंट में भाग लिया। अपने पदार्पण मुकाबले में ही उन्होंने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया था। उस पहली जीत के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने दैनिक अभ्यास को और अधिक कठिन बना दिया। इसी कड़ी अनुशासन और लगन के बल पर उन्होंने राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े पदक अपनी झोली में डाले। राष्ट्रीय पदक और उपलब्धियों की फेहरिस्त नितेश रावत का खेल करियर पहले से ही कई बड़ी उपलब्धियों से भरा हुआ है। वे अपने करियर में 4 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ इंडिया और 7 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ राजस्थान का गौरव हासिल कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर के बड़े मंचों पर उन्होंने 4 स्वर्ण पदक जीते हैं। उनकी असाधारण ताकत के गवाह 2 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी हैं जो उनके नाम पर दर्ज हैं। अब फलौदी में दर्ज की गई 200 किलो की ऐतिहासिक बेंच प्रेस उनकी उपलब्धियों की लंबी सूची में एक और स्वर्णिम अध्याय बनकर जुड़ गई है। युवाओं को शॉर्टकट और सोशल मीडिया से बचने की नसीहत अपनी इस शानदार कामयाबी के बाद नितेश रावत ने नई पीढ़ी के खिलाड़ियों और युवाओं के नाम एक बेहद जरूरी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को सोशल मीडिया की रील्स और नशे की लत से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। अपने समय और ऊर्जा को बर्बाद करने के बजाय युवाओं को अपनी पूरी एकाग्रता जीवन के तय लक्ष्यों पर लगानी चाहिए। खेल की दुनिया में कदम रखने वालों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में आगे बढ़ने के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए। नितेश के अनुसार, खेल और जीवन में बड़ी सफलता केवल निरंतर पसीने, कड़े अनुशासन और सही दिशा में किए गए ईमानदार प्रयासों से ही पाई जा सकती है। इसका आप पर असर यह उपलब्धि राज्य के फिटनेस और पावरलिफ्टिंग जगत में युवाओं के लिए नए मानक स्थापित करती है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर के स्ट्रॉन्गमैन खेलों में राजस्थान के एथलीटों की पहचान और मजबूती बढ़ी है। इससे देश के अन्य राज्यों के उदीयमान पावरलिफ्टरों को भी भारी वजन उठाने और कड़े प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहन मिलता है। • राजस्थान में: राज्य में बेंच प्रेस और पावरलिफ्टिंग के बुनियादी ढांचे और स्थानीय प्रतियोगिताओं को नई गति मिलेगी। फलौदी और भीलवाड़ा जैसे जिलों के युवा एथलीटों को पेशेवर स्ट्रॉन्गमैन खेलों को करियर विकल्प के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। • खिलाड़ियों के लिए: यह साबित होता है कि लगातार 3 से 4 साल का अनुशासित अभ्यास राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्तर की क्षमता दे सकता है। नए पावरलिफ्टर अपनी ट्रेनिंग योजनाओं में दीर्घकालिक निरंतरता को प्राथमिकता दे सकेंगे। • युवाओं के लिए: सोशल मीडिया की लत और अस्वास्थ्यकर आदतों को छोड़कर फिटनेस की ओर कदम बढ़ाने की स्पष्ट दिशा मिलती है। युवा अपने खाली समय को शारीरिक संवर्धन और खेल मैदानों में केंद्रित करने का संकल्प ले सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह कीर्तिमान फलौदी में आयोजित राज्यस्तरीय खेल मंच और एक खिलाड़ी के वर्षों लंबे नियमित अभ्यास के संयोग से बना। • प्रतियोगिता का आयोजन: फलौदी में द्वितीय राजस्थान स्टेट क्लासिक बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 का आयोजन हुआ, जिसने राज्य के शीर्ष खिलाड़ियों को अपनी शक्ति साबित करने का मंच दिया। इस व्यवस्थित मंच ने भारोत्तोलकों को आधिकारिक रिकॉर्ड दर्ज कराने का अवसर प्रदान किया। • लंबी और सतत तैयारी: नितेश रावत ने वर्ष 2020 में पावरलिफ्टिंग और स्ट्रॉन्गमैन खेल की बुनियादी तैयारी शुरू की थी। तीन वर्षों तक लगातार खुद को तराशने के बाद 2023 से वे लगातार पदक जीतते आ रहे हैं। • कड़ा अनुशासन और लक्ष्य: 4 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ इंडिया और 7 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ राजस्थान रहने के कारण उनका आधार पहले से काफी मजबूत था। इसी पूर्व अनुभव और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें 200 किलोग्राम का सबसे भारी भार उठाने में सक्षम बनाया। सवाल-जवाब 1. द्वितीय राजस्थान स्टेट क्लासिक बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 कहां आयोजित की गई थी? यह राज्यस्तरीय चैंपियनशिप राजस्थान के फलौदी में आयोजित की गई थी। 2. नितेश रावत ने प्रतियोगिता में कितना वजन उठाकर खिताब जीता? नितेश रावत ने 200 किलोग्राम की बेंच प्रेस लगाकर सीनियर स्ट्रॉन्गमैन ऑफ राजस्थान का खिताब जीता। 3. नितेश रावत राजस्थान के किस जिले से संबंध रखते हैं? वे राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के निवासी हैं। 4. नितेश रावत ने पावरलिफ्टिंग की तैयारी किस वर्ष शुरू की थी? उन्होंने वर्ष 2020 में पावरलिफ्टिंग और स्ट्रॉन्गमैन बनने की तैयारी शुरू की थी। 5. नितेश ने अपना पहला मुकाबला कब खेला और उसका क्या परिणाम रहा? उन्होंने साल 2023 में अपनी पहली प्रतियोगिता खेली थी और उसमें पदक हासिल किया था। 6. नितेश रावत अब तक कितनी बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ इंडिया और राजस्थान बन चुके हैं? वे 4 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ इंडिया और 7 बार स्ट्रॉन्गमैन ऑफ राजस्थान का खिताब जीत चुके हैं। 7. राष्ट्रीय स्तर पर नितेश के नाम कितने पदक और रिकॉर्ड दर्ज हैं? उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 4 स्वर्ण पदक जीते हैं और उनके नाम 2 राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। 8. नितेश रावत ने युवाओं को क्या संदेश दिया है? उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया रील्स और नशे से दूर रहने तथा खेलों में शॉर्टकट न अपनाते हुए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी है। प्रेरणा और सबक नितेश रावत की यात्रा साबित करती है कि अनुशासन और धैर्य के साथ किसी भी क्षेत्र में कीर्तिमान गढ़े जा सकते हैं। • धैर्यपूर्वक नींव तैयार करें: नितेश ने 2020 में अभ्यास शुरू किया और पहली प्रतियोगिता 2023 में खेली। बिना जल्दबाजी किए बुनियादी शक्ति और कौशल को निखारने में समय देना ही बड़ी सफलता का आधार है। • शॉर्टकट से हमेशा बचें: खेल हो या जीवन, बिना मेहनत के मिलने वाले अस्थायी रास्ते नुकसान पहुंचाते हैं। नियमित पसीना बहाना और नियमों का पालन करना ही दीर्घकालिक पहचान दिलाता है। • डिजिटल भटकाव से दूरी बनाएं: सोशल मीडिया रील्स और नशे जैसी आदतों से दूर रहकर समय की बचत करें। अपनी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को अपने मुख्य लक्ष्य की ओर मोड़ना बेहद जरूरी है। • सफलता के बाद भी प्रयास जारी रखें: कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड और पदक जीतने के बाद भी नितेश ने अभ्यास नहीं छोड़ा। निरंतरता बनाए रखने से पुरानी सफलताओं के बाद भी नए मुकाम हासिल होते रहते हैं। https://trendkia.com/sports/rajasthan-bencha-presa-chainpiyanashipa-men-bhilwara-ke-nitesh-rawat-ne-200-kilo-vajana-uthakara-jita-siniyara-strongamaina-khitab-41603 TrendKia — Har trend, sabse pehle.