राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 10वें दिन सोमन राणा ने गोला फेंक में जीता स्वर्ण, शुभम जुयाल को रजत पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में सोमन राणा ने 13.40 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय एथलीटों ने मैदानी स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में सोमन राणा ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पहला स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने दूसरा स्थान हासिल करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। पुरुषों की एफ57 गोला फेंक में भारत का दबदबा पैरा एथलेटिक्स की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता सोमन राणा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका। यह इस सत्र का उनका सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जिसकी बदौलत उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत के ही शुभम जुयाल ने भी सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.28 मीटर गोला फेंका और रजत पदक जीता। कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने 12.57 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। ट्रिपल जंप स्पर्धा में मिला रजत और कांस्य पदक दिन की शुरुआत में पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने ग्लास्गो में अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया। इसी स्पर्धा में सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने 16.52 मीटर की कूद लगाकर कांस्य पदक जीता। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में यह उनका पहला बड़ा पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की कूद के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस तरह भारत ने ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में कुल पांच रजत और पांच कांस्य पदक हासिल कर लिए हैं। गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक कारनामा और रेस वॉकिंग का हाल शनिवार को पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। इसके अलावा वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स के एथलेटिक्स मुकाबलों में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए। वहीं पुरुषों की टी54 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम ने तीन मिनट 23.59 सेकंड का समय निकाला और वह सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में भारत की प्रियंका गोस्वामी ने 45 मिनट 53.93 सेकंड का समय दर्ज किया, जो इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। हालांकि वह चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं। इसी स्पर्धा में भाग ले रहीं भारत की दूसरी खिलाड़ी रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया। रिले और पोल वॉल्ट स्पर्धाओं के परिणाम मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले के फाइनल मुकाबले में भारत की टीम छठे स्थान पर रही। विशाल टीके, अंसा बाबू, संतोष कुमार और रशदीप कौर की चौकड़ी ने तीन मिनट 20.32 सेकंड का समय निकाला। इस स्पर्धा में आठ टीमों ने भाग लिया था। पुरुषों की पोल वॉल्ट स्पर्धा में भी भारतीय एथलीट पदक तालिका से बाहर रहे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी देव कुमार मीणा ने 5.30 मीटर की कूद के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के प्रदर्शन के साथ छठे स्थान पर रहे। इसका आप पर असर भारत में: अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय एथलीटों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश में पैरा एथलेटिक्स और मैदानी खेलों के प्रति जागरूकता और प्रोत्साहन बढ़ेगा। खेल प्रेमियों के लिए: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की पदकों की संख्या बढ़ने से देश में युवा एथलीटों को प्रेरणा मिलेगी। सवाल-जवाब 1. सोमन राणा ने किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता? सोमन राणा ने पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में 13.40 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। 2. एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में रजत पदक किसने हासिल किया? भारत के ही शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया। 3. प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में क्या प्रदर्शन किया? प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की कूद लगाकर पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में रजत पदक जीता। 4. गुलवीर सिंह ने CWG 2026 में क्या नया रिकॉर्ड बनाया? वह 5000 मीटर में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने और एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। 5. महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में प्रियंका गोस्वामी का क्या स्थान रहा? प्रियंका गोस्वामी 45 मिनट 53.93 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सीख: • कड़ा परिश्रम और निरंतरता: सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल करने के लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। • चुनौतियों पर विजय: शारीरिक बाधाओं के बावजूद सोमन राणा ने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया। • एकता और प्रतिस्पर्धा: दो भारतीय एथलीटों का एक साथ पोडियम पर खड़े होना टीम भावना को दर्शाता है। https://trendkia.com/sports/rashtramndala-khela-2026-ke-10ven-dina-soman-rana-ne-gola-phenka-men-jita-svarna-shubham-juyal-ko-rajata-padaka-13008 TrendKia — Har trend, sabse pehle.