राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को दिया नया नारा, 2036 ओलंपिक के लिए ज़मीनी प्रतिभाओं को तराशने पर दिया बल राष्ट्रीय खेल दिवस से पूर्व आयोजित खेलो इंडिया डायलॉग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के लाखों युवाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत की और 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का नारा देकर खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस की पूर्व संध्या पर देश के युवाओं और एथलीटों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य संवाद सत्र का आयोजन किया गया। 'खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' नाम से आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में देश भर के उदीयमान खिलाड़ियों, छात्रों और युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए देश के 1,500 से भी अधिक शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थित लाखों युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे देश में एक सुदृढ़ खेल संस्कृति के विकास पर बल दिया और युवाओं को जीवन में खेलों को अपनाने की प्रेरणा दी। ज़मीनी स्तर से प्रतिभा निखारने पर विशेष बल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत को खेल के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शुरुआती स्तर पर ही छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजना बेहद आवश्यक है। सरकार की प्राथमिकता छोटे शहरों, दूर-दराज़ के गाँवों और कस्बों में मौजूद प्रतिभाशाली बच्चों को आधुनिक अवसर उपलब्ध कराना है। संवाद के दौरान खेल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें निम्नलिखित विषय शामिल रहे • खेल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में आधुनिक खेल परिसरों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना। • प्रतिभा की पहचान और चयन: ज़मीनी स्तर पर प्रतियोगिताओं के माध्यम से होनहार खिलाड़ियों को कम उम्र में ही ढूँढना। • आधुनिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान: एथलीटों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्पोर्ट्स साइंस और वैज्ञानिक कोचिंग पद्धतियों का उपयोग। • खिलाड़ियों का सुरक्षित भविष्य: युवाओं के लिए खेल को एक लाभदायक और सुरक्षित करियर विकल्प के रूप में स्थापित करना। 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का प्रेरक संदेश इस संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को एक नया और स्फूर्तिदायक मंत्र दिया। उन्होंने कहा, "जो खेलेगा, वो खिलेगा।" उनका यह स्पष्ट संदेश था कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास भी करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देश के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों को अग्रिम बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 2036 ओलंपिक का लक्ष्य और भविष्य की तैयारी इस आयोजन का एक प्रमुख केंद्र बिंदु भारत की दीर्घकालिक खेल रणनीति और 2036 ओलंपिक खेलों के प्रति प्रतिबद्धता रहा। 'खेलो इंडिया' अभियान को इस बड़े लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है ताकि उन प्रतिभावान खिलाड़ियों तक संसाधन पहुँचाए जा सकें जो अब तक सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे थे। कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे युवाओं ने भी इस बात पर अपने सुझाव साझा किए कि भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर पहुँचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार की योजना आने वाले वर्षों के लिए अभी से एक सशक्त पौध तैयार करने की है ताकि वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो सके। इसका आप पर असर यह पहल देश भर के युवा खिलाड़ियों और छात्रों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी और खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। • ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर: छोटे शहरों और गांवों के बच्चों को अब बड़े शहरों की तरह खेल सुविधाएं और ट्रेनिंग मिल सकेगी। इससे दूर-दराज के इलाकों से छिपी हुई खेल प्रतिभाएं खुलकर सामने आएंगी। • स्पोर्ट्स साइंस का लाभ: युवा एथलीटों को वैज्ञानिक तरीकों से ट्रेनिंग और डाइट चार्ट दिया जाएगा। इससे चोट लगने का खतरा कम होगा और एथलीटों का प्रदर्शन बेहतर होगा। • कैरियर में सुरक्षा: सरकार खेल को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए रोजगार और खेल कोटा के अवसर बनाएगी। इससे माता-पिता अपने बच्चों को खेल को करियर चुनने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। • स्कूली शिक्षा में खेल: 1,500 से अधिक संस्थानों के जुड़ने से स्कूलों में खेल गतिविधियों को अनिवार्य और व्यवस्थित बनाया जाएगा। छात्र अब पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ सकेंगे। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को क्या नया नारा दिया? प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का नया नारा दिया। 2. राष्ट्रीय खेल दिवस किस तारीख को मनाया जाता है? राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। 3. इस संवाद कार्यक्रम का क्या नाम था? इस कार्यक्रम का नाम 'खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' था। 4. इस कार्यक्रम में कितने शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया? देश भर के 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में लाखों युवाओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 5. इस पहल को किस प्रमुख वैश्विक खेल आयोजन से जोड़ा जा रहा है? इस पहल को भारत के 2036 ओलंपिक खेलों के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। https://trendkia.com/sports/rashtriya-khela-divasa-se-pahale-pm-narendra-modi-ne-yuvaon-ko-diya-naya-nara-2036-olnpika-ke-lie-zamini-pratibhaon-ko-tarashane-p-22941 TrendKia — Har trend, sabse pehle.