सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में रचा इतिहास, नया नेशनल रिकॉर्ड बनाकर एशियन गेम्स का टिकट किया पक्का भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में महाराष्ट्र के सर्वेश कुशारे ने 2.31 मीटर की कूद लगाकर तेजस्विन शंकर का पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में 27 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित की जा रही 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महाराष्ट्र के 31 वर्षीय एथलीट सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में एक नया इतिहास रच दिया है। सर्वेश ने 2.31 मीटर की शानदार ऊंचाई पार करते हुए न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित कर दिया। इस ऐतिहासिक प्रयास के साथ ही उन्होंने साल 2026 में होने वाले एशियन गेम्स के लिए अपना स्थान भी सुरक्षित कर लिया है। तीसरे प्रयास में हासिल की ऐतिहासिक कामयाबी कलिंगा स्टेडियम में शनिवार की शाम पूरी तरह से सर्वेश कुशारे के नाम रही, जहां वे प्रतियोगिता के दौरान बेहद शानदार फॉर्म में दिखाई दिए। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 2.31 मीटर की ऊंचाई को सफलतापूर्वक पार करके पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड तेजस्विन शंकर के नाम दर्ज था, जिन्होंने अप्रैल 2018 में 2.29 मीटर की ऊंची कूद लगाई थी। नया कीर्तिमान स्थापित करने के बाद सर्वेश ने 2.35 मीटर की ऊंचाई पार करने की भी कोशिश की, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। लेकिन तब तक वे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा निर्धारित एशियन गेम्स के क्वालीफाइंग मानक को आसानी से हासिल कर चुके थे। नासिक के छोटे से गांव से वैश्विक मंच तक का सफर महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित देवगांव के रहने वाले सर्वेश कुशारे की यह शानदार सफलता उनकी सालों की कड़ी तपस्या का परिणाम है। उनके स्कूल के कोच आर.डब्ल्यू. जाधव ने बचपन में उन्हें खेल की इस विधा से परिचित कराया था। सर्वेश ने पहली बार साल 2019 में इंडियन ओपन हाई जंप खिताब जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद उन्होंने साउथ एशियन गेम्स में 2.21 मीटर की कूद के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और देश को स्वर्ण पदक दिलाया। साल 2023 में बैंकॉक में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 2.26 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता और बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्र को दी मात सर्वेश पेरिस ओलंपिक में भी भारतीय दल का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद टोक्यो में आयोजित 2025 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने एक नया इतिहास रचा, जब वे इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष हाई जम्पर बने और वहां उन्होंने छठा स्थान हासिल किया। 31 वर्ष की आयु में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके सर्वेश कुशारे ने यह साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक आंकड़ा मात्र है। अब वे आने वाले एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक के सबसे बड़े दावेदार के रूप में अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसका आप पर असर • खेल प्रेमियों के लिए: भारतीय एथलेटिक्स में हाई जंप के बढ़ते स्तर को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की पदक जीतने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं। • युवा एथलीटों के लिए: जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को यह संदेश मिलता है कि उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है। सवाल-जवाब 1. सर्वेश कुशारे द्वारा बनाया गया नया राष्ट्रीय हाई जंप रिकॉर्ड क्या है? सर्वेश कुशारे ने नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की ऊंचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। 2. सर्वेश कुशारे ने किसका पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है? उन्होंने तेजस्विन शंकर के 2.29 मीटर के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है, जो अप्रैल 2018 में बनाया गया था। 3. इस छलांग के साथ सर्वेश ने किस आगामी बड़ी प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है? अपनी 2.31 मीटर की रिकॉर्ड छलांग के साथ सर्वेश ने साल 2026 में होने वाले एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। 4. सर्वेश कुशारे कहां के रहने वाले हैं और उनके शुरुआती कोच कौन थे? सर्वेश महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव के रहने वाले हैं और उन्हें बचपन में उनके स्कूल कोच आर.डब्ल्यू. जाधव ने खेलों से परिचित कराया था। 5. साल 2025 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सर्वेश कुशारे की ऐतिहासिक उपलब्धि क्या थी? टोक्यो में आयोजित इस प्रतियोगिता में वे विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष हाई जम्पर बने और छठे स्थान पर रहे। प्रेरणा और सबक • उम्र केवल एक संख्या है: 31 वर्ष की आयु में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके सर्वेश ने साबित किया है कि खेल में सफलता के लिए उम्र से ज्यादा समर्पण मायने रखता है। • मार्गदर्शन की शक्ति: बचपन में स्कूल कोच द्वारा सही दिशा दिए जाने के महत्व को सर्वेश की यात्रा रेखांकित करती है। • दृढ़ता और निरंतर सुधार: सालों की मेहनत और राष्ट्रीय स्तर से होते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचना निरंतर प्रयास का बेहतरीन उदाहरण है। https://trendkia.com/sports/sarvesh-kushare-ne-hai-jnpa-men-racha-itihasa-naya-national-record-banakara-asian-games-ka-tikata-kiya-pakka-3360 TrendKia — Har trend, sabse pehle.