शीतल देवी और तोमन कुमार ने पैरा गेम्स में रचा इतिहास, आर्चरी में भारत की झोली में डाला पहला स्वर्ण पदक शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने एशियन पैरा गेम्स की मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया को हराकर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। एशियन पैरा गेम्स के आर्चरी मुकाबले में भारत के लिए ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशियाई खिलाड़ियों तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 के अंतर से शिकस्त दी। शुरुआत से अंत तक कायम रखा दबदबा क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल मैच के पहले मिनट से ही अपना नियंत्रण बना लिया। भारतीय टीम ने शुरुआती सेट में 38-37 से बढ़त हासिल की और इसके बाद दूसरे सेट में भी शानदार खेल दिखाते हुए स्कोर को 77-73 कर लिया। इस पूरे दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी बढ़त को चार अंकों तक पहुंचा दिया और इस दौरान केवल एक ही अंक गंवाया। अंतिम पलों में बढ़त बचाकर किया कमाल इंडोनेशियाई टीम ने तीसरे सेट में जरूर एक अंक से जीत दर्ज की, लेकिन इसके बावजूद भारतीय जोड़ी के पास तीन अंकों की सुरक्षित बढ़त बनी रही। निर्णायक और अंतिम सेट में दोनों ही टीमों ने 38-38 अंक बटोरे, जो भारत की कुल बढ़त को सुरक्षित रखते हुए स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए काफी साबित हुए। विश्व रिकॉर्ड और जन्मजात संघर्ष की अनूठी कहानी इससे पहले शीतल देवी और तोमन कुमार ने क्वालीफाइंग राउंड में कुल 1402 अंक जुटाकर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। खास बात यह है कि शीतल जन्म से ही बिना भुजाओं के हैं, लेकिन उन्होंने इस शारीरिक चुनौती को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वह पैरों की मदद से धनुष को स्थिर रखती हैं और अपने कंधे तथा जबड़े के बल पर डोरी को खींचकर निशाना साधती हैं। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी तोड़े रिकॉर्ड महिला कंपाउंड आर्चरी के रैंकिंग राउंड में शीतल ने 704 पॉइंट हासिल करके वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी। इसके साथ ही वह तुर्की की ओज्नुर क्योर के बाद इस मुकाम को साझा करने वाली दूसरी आर्चर बन गई हैं। शीतल ने इस साल मार्च में बैंकॉक में बनाए गए अपने 698 अंकों के पिछले एशियाई रिकॉर्ड में छह अंकों का सुधार किया है। क्वालिफिकेशन राउंड के दोनों हाफ में उन्होंने 352-352 पॉइंट बटोरे और 32 ‘X’ तथा 25 ’10’ स्कोर करके पहला स्थान हासिल किया। इस तरह उन्होंने 2023 में हांगझोउ में बनाए गए अपने 680 अंकों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एशियन गेम्स में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इसका आप पर असर इस ऐतिहासिक जीत से देश में पैरा खेलों के प्रति जागरूकता और सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। • देशभर में: यह विजय दिव्यांग एथलीटों को पेशेवर खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी और खेल बजट व बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद जगाएगी। • खेल जगत में: इससे भारतीय आर्चरी दल का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ इस शानदार सफलता के पीछे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उनका अनोखा अभ्यास तरीका और सही रणनीति शामिल है। • कड़ा अभ्यास: शीतल देवी और तोमन कुमार ने क्वालीफाइंग चरण से ही अपनी तकनीक और तालमेल को बेहतरीन बनाए रखा। • शारीरिक दृढता: शीतल ने अपनी शारीरिक चुनौती को मात देते हुए पैरों और कंधों की ताकत से सटीकता के साथ निशाना साधने में महारत हासिल की। • रणनीतिक बढ़त: फाइनल मुकाबले के शुरुआती सेटों में लगातार बढ़त बनाए रखने से इंडोनेशियाई टीम पर मानसिक दबाव बन गया। सवाल-जवाब 1. शीतल देवी और तोमन कुमार ने कौन सा पदक जीता है? उन्होंने एशियन पैरा गेम्स की मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। 2. फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने किस टीम को हराया? भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग की टीम को हराया। 3. फाइनल मुकाबले का स्कोर क्या रहा था? भारतीय जोड़ी ने फाइनल मुकाबला 151-148 के अंतर से अपने नाम किया। 4. शीतल देवी ने क्वालीफाइंग राउंड में कितने अंक बनाकर रिकॉर्ड बनाया? शीतल और तोमन ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। 5. शीतल देवी ने महिला कंपाउंड रैंकिंग राउंड में कितने पॉइंट हासिल किए? शीतल ने रैंकिंग राउंड में 704 पॉइंट हासिल करके वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। प्रेरणा और सबक शीतल देवी का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल पेश करता है। • सीमाओं को न मानना: शारीरिक अक्षमता कभी भी आपके सपनों और बड़े लक्ष्यों के आड़े नहीं आ सकती यदि आपके पास अटूट इच्छाशक्ति हो। • वैकल्पिक तरीके अपनाना: जब पारंपरिक रास्ते बंद हों, तो अपनी क्षमता के अनुसार नए और अनूठे तरीके तलाशें। • कड़ी मेहनत का फल: निरंतर अभ्यास और समर्पण से सबसे कठिन मुकाम भी हासिल किए जा सकते हैं। https://trendkia.com/sports/sheetal-devi-aur-toman-kumar-ne-para-games-mein-racha-itihas-50447 TrendKia — Har trend, sabse pehle.