# निशानेबाज जयपाल मालवीय ने रचा इतिहास, 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का पहला कोटा देश की झोली में डाला

> दोहा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप की पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जयपाल मालवीय ने रजत पदक अपने नाम किया और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का पहला कोटा भारत की झोली में डाला।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-11-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/shooter-jaypal-malviya-makes-history-secures-indias-first-quota-for-2028-los-angeles-olympics-57217 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपाल मालवीय, निशानेबाजी, आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप, लॉस एंजिलिस ओलंपिक, खेल समाचार

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी मंच पर एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। दोहा में चल रही प्रतिष्ठित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप के दौरान पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत के प्रतिभाशाली निशानेबाज जयपाल मालवीय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। इस बेहतरीन उपलब्धि के साथ ही उन्होंने आगामी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए देश को निशानेबाजी स्पर्धा का पहला आधिकारिक कोटा भी दिला दिया है।

## फाइनल मुकाबले में शानदार वापसी और पदक की पक्की दावेदारी
इस रोमांचक खिताबी मुकाबले में दुनिया भर के आठ शीर्ष निशानेबाज मैदान में उतरे थे। खिताबी भिड़ंत के दौरान जयपाल मालवीय ने कुल 242.2 अंक बटोरे और दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन के काई हू के नाम रहा जिन्होंने कुल 243.9 अंक हासिल किए, जबकि चेक गणराज्य के जिंद्रिच डुबोवी ने 220.9 अंक जोड़कर कांस्य पदक अपने नाम किया। फाइनल में पहुंचने से पहले जयपाल मालवीय ने क्वालीफिकेशन दौर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। उन्होंने छह अलग-अलग सीरीज में कुल 585 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल करते हुए खिताबी दौर में अपनी जगह पक्की की थी।

## शुरुआती उतार-चढ़ाव और संघर्षपूर्ण सफर
मुकाबले की शुरुआत में भारतीय निशानेबाज के प्रदर्शन में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पहली पांच शॉट की सीरीज के दूसरे प्रयास में वह केवल 9.2 अंक ही हासिल कर पाए, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अंतिम शॉट पर 10.6 अंक का बेहतरीन निशाना लगाकर जोरदार वापसी की। इस शुरुआती चरण के समापन पर उनके कुल 50.5 अंक थे और वह शीर्ष पर काबिज चीनी निशानेबाज के पीछे तीसरे पायदान पर चल रहे थे। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, प्रतिस्पर्धा और कड़ी होती चली गई। दस शॉट की सीरीज पूरी होने के बाद, एक बेहतरीन 10.8 अंक का शॉट लगाने के बावजूद वह थोड़े समय के लिए चौथे स्थान पर खिसक गए थे और उनके कुल 100.0 अंक हो चुके थे। उस वक्त चेक गणराज्य के जिंद्रिच डुबोवी 100.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे, जबकि चीन के काई हू और यू शिए शीर्ष स्थानों के लिए आपस में कड़ा मुकाबला कर रहे थे।

## निर्णायक पलों में अचूक निशानेबाजी और ऐतिहासिक सफलता
दबाव के क्षणों में जयपाल मालवीय ने धैर्य का परिचय दिया और 10.7 अंक का एक और शानदार शॉट लगाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। इस प्रदर्शन के साथ ही उनके प्रतिद्वंद्वी इस्लाम शामसुतदिनोव प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक बार फिर 10.7 अंक बटोरे, जबकि चीनी निशानेबाज काई हू को 10.9 अंक मिले। इस रोमांचक फेरबदल के बाद जयपाल मालवीय सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गए और स्वर्ण पदक विजेता से केवल 0.5 अंक की दूरी पर रह गए। इसी क्षण भारत के लिए 2028 ओलंपिक का पहला कोटा भी पक्का हो गया। हालांकि इसके तुरंत बाद एक शॉट में 9.7 अंक मिलने से वह शीर्ष निशानेबाज से 0.9 अंक पीछे हो गए थे, लेकिन उन्होंने दबाव में डगमगाने के बजाय तुरंत 10.7 अंक का सटीक निशाना लगाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

## समर्थन और पुरानी उपलब्धियों का सफर
ऐतिहासिक रजत पदक जीतने और ओलंपिक का टिकट पक्की करने के बाद जयपाल मालवीय ने अपनी सफलता का श्रेय उन सभी संस्थाओं और लोगों को दिया जिन्होंने उनके इस सफर में सहयोग किया। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, 'यहां का माहौल शानदार है।' वह अपनी इस उपलब्धि से बेहद खुश नजर आए और उन्होंने भारतीय निशानेबाजी में तेजी से उभरते हुए अपना एक अलग मुकाम बना लिया है। मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले इस युवा निशानेबाज ने साल 2026 में नयी दिल्ली स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल के पहले मुकाबले में भी पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उस घरेलू प्रतियोगिता के क्वालीफिकेशन में सातवें स्थान पर रहने के बावजूद उन्होंने फाइनल में 245.6 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा वह 2026 में हांगझोउ में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप का भी हिस्सा रहे थे जहां वह क्वालीफिकेशन में 585 अंक बनाने के बावजूद बेहद मामूली अंतर से फाइनल में प्रवेश करने से चूक गए थे।

## इसका आप पर असर
यह सफलता भारतीय खेल जगत और विशेष रूप से निशानेबाजी के क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए निशानेबाजी का अपना पहला कोटा हासिल कर लिया है जिससे आगामी खेलों की तैयारियों को मजबूत शुरुआत मिली है।
- **खिलाड़ियों के लिए:** देश के युवा और उभरते हुए निशानेबाजों को इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का नया आत्मविश्वास और प्रेरणा मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
जयपाल मालवीय की इस सफलता के पीछे उनका कड़ा अभ्यास और उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में शानदार तकनीकी नियंत्रण शामिल है।

- **उत्कृष्ट क्वालीफिकेशन:** उन्होंने क्वालीफिकेशन दौर में छह सीरीज में कुल 585 अंक बनाकर फाइनल में तीसरा स्थान हासिल किया था।
- **मानसिक दृढ़ता:** खिताबी मुकाबले के दौरान शुरुआती उतार-चढ़ाव और अस्थायी रूप से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने महत्वपूर्ण पलों में 10.7 और 10.8 अंक के सटीक निशाने लगाकर वापसी की।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपाल मालवीय ने किस प्रतियोगिता में पदक जीता?
उन्होंने दोहा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता।

### 2. जयपाल मालवीय ने कौन सा पदक और कौन सी स्पर्धा में जीता?
उन्होंने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता।

### 3. इस पदक के साथ उन्होंने कौन सा बड़ा कोटा हासिल किया?
उन्होंने भारत के लिए 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का पहला निशानेबाजी कोटा सुनिश्चित किया।

### 4. स्वर्ण और कांस्य पदक किसने जीते?
चीन के काई हू ने स्वर्ण पदक जीता जबकि चेक गणराज्य के जिंद्रिच डुबोवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

### 5. जयपाल मालवीय ने क्वालीफिकेशन दौर में कितने अंक बनाए थे?
उन्होंने क्वालीफिकेशन में कुल 585 अंक हासिल किए थे।

## प्रेरणा और सबक
जयपाल मालवीय की यह सफलता संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करती है।

- **निरंतरता बनाए रखें:** क्वालीफिकेशन में सातवें स्थान पर रहने के बाद भी फाइनल में शानदार वापसी करना यह सिखाता है कि शुरुआती झटकों से घबराना नहीं चाहिए।
- **दबाव में संयम:** फाइनल मुकाबले के उतार-चढ़ाव भरे क्षणों में भी एकाग्रता बनाए रखकर सटीक निशाना लगाना सफलता की कुंजी है।
- **कड़ी मेहनत का फल:** घरेलू चयन ट्रायल और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का मार्ग प्रशस्त होता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._