# निशानेबाजी और एमएमए में पदकों की झड़ी, फिर भी स्वर्ण से महरूम रहा भारत

> एशियन गेम्स 2026 में भारत ने चार रजत और दो कांस्य जीतकर पदकों की संख्या छह पहुंचाई, लेकिन स्वर्ण पदक का खाता अभी तक नहीं खुल सका है।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/shooting-aura-mma-men-padakon-ki-jhari-phira-bhi-gold-se-maharuma-raha-india-36045 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स 2026, हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल, सुचिका तरियाल, शूटिंग, एमएमए, पदक तालिका

एशियाई खेलों के मंच पर भारतीय खिलाड़ियों का संघर्ष और समर्पण लगातार जारी है। प्रतियोगिता के शुरुआती दो दिनों में भारतीय दल ने कुल मिलाकर छह पदक अपनी झोली में डाल लिए हैं। हालांकि, इनमें एक भी पीला तमगा शामिल नहीं हो सका है, जिसके कारण चार रजत और दो कांस्य के साथ देश ओवरऑल पदक तालिका में 12वें पायदान पर टिका हुआ है। अब तक की प्रतिस्पर्धा में शूटिंग रेंज भारतीय खेमे के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुई है, वहीं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के अखाड़े से भी एक अभूतपूर्व सफलता हाथ लगी है।

## निशानेबाजी में हिमांशु और रुद्रांक्ष का कमाल
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों ने दबाव भरे माहौल के बीच सटीक निशाना साधा। हिमांशु ढिल्लों ने पूरे मुकाबले में अपनी एकाग्रता को चरम पर बनाए रखा और शानदार शॉट्स के दम पर दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक पर कब्जा किया। इसी स्पर्धा में भारत के रुद्रांक्ष पाटिल ने बेहद करीबी और रोमांचक पलों में अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया। रुद्रांक्ष 230.9 अंकों के संचित स्कोर के साथ तीसरे पायदान पर रहे, जिससे उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ। इस स्पर्धा का शीर्ष स्थान और स्वर्ण पदक चीन के ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ के हिस्से में गया, जिन्होंने 254.2 अंकों का असाधारण प्रदर्शन दर्ज कर अपने पुराने महाद्वीपीय खिताब को सफलतापूर्वक बरकरार रखा।

## टीम स्पर्धा में भी चमकी भारतीय तिकड़ी
व्यक्तिगत चमक के अलावा टीम स्पर्धा के भीतर भी भारतीय निशानेबाजों का साझा तालमेल देखने लायक रहा। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम वर्ग में हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल और युवा निशानेबाज पार्थ माने की तिकड़ी ने एक साथ रेंज संभाली। तीनों खिलाड़ियों ने सटीक निशानों की बदौलत मजबूत चुनौती पेश की और रजत पदक जीतकर पोडियम पर जगह बनाई। इससे पहले शुरुआती दिन महिला वर्ग में एलावेनिल वालारिवन तथा उनकी टीम के साथियों ने दो रजत पदकों की कमाई की थी। इन सभी उपलब्धियों को मिलाकर शूटिंग से भारत की पदक संख्या बढ़कर पांच तक पहुंच चुकी है, जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है।

## एमएमए के इतिहास में सुचिका तरियाल का ऐतिहासिक मुकाम
भारतीय खेल इतिहास का एक नया अध्याय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) के घेरे में लिखा गया। सुचिका तरियाल ने इस खेल विधा में भारत की तरफ से एशियाई खेलों का पहला पदक जीतकर यादगार शुरुआत की। सुचिका ने सेमीफाइनल स्तर तक जोरदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक पक्का किया। हालांकि, इस ऐतिहासिक गौरव के साथ एक बेहद मायूस करने वाली घटना भी जुड़ी रही, जिसने भारतीय खेमे को बड़ा झटका दिया।

## वजन के तकनीकी पेच ने छीना फाइनल का अवसर
सुचिका तरियाल की भिड़ंत सिंगापुर की लड़ाका हुई हून टीओ से हुई थी। दोनों के बीच निर्धारित समय तक एक-एक अंक के लिए जोरदार जंग लड़ी गई और मुकाबला बराबरी पर छूटा। सामान्य परिस्थितियों में ऐसा मुकाबला टाई रहता है, परंतु एमएमए के तकनीकी नियम बेहद सख्त हैं। सुबह के आधिकारिक वजन सत्र में सुचिका अपनी प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले करीब 700 ग्राम अधिक भारी दर्ज की गई थीं। नियम कहता है कि यदि मुकाबला टाई पर खत्म होता है, तो निर्णय के समय उस एथलीट को विजेता मानकर आगे भेजा जाएगा जिसका वजन सुबह कम पाया गया था। इसी नियम की मार से सुचिका फाइनल में पहुंचने से चूक गईं और टीओ ने खिताबी दौर का टिकट हासिल किया, जिसके चलते भारत को कांस्य से ही संतोष करना पड़ा।

## तैराकी में चीन की 13 वर्षीय सनसनी का जलवा
एशियाई खेलों के विभिन्न एरीना में चीनी दल का प्रभाव लगातार भारी बना हुआ है। तैराकी के तरणताल में चीन की महज 13 साल की बाल प्रतिभा यू ज़िदी ने सनसनीखेज प्रदर्शन दोहराया। उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार दूसरे दिन अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके अलावा तैराकी के पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक वर्ग में डोंग झिहाओ ने सोने का तमगा हासिल किया, जबकि उन्हीं के देश के तैराक क़िन हियांग तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक अपने नाम किया।

## पदक तालिका में चीन का दबदबा, भारत 12वें स्थान पर
दो दिनों के मुकाबले समाप्त होने तक चीन ने 23 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य मिलाकर कुल 38 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान मजबूती से थाम रखा है। मेजबान जापान 8 स्वर्ण, 12 रजत और 12 कांस्य सहित कुल 32 पदकों के साथ दूसरे नंबर पर संघर्ष कर रहा है। दक्षिण कोरिया 5 स्वर्ण, 3 रजत और 15 कांस्य पदक बटोरकर 23 पदकों के साथ तीसरे क्रम पर स्थित है।

चौथे स्थान पर कजाकिस्तान है जिसके खाते में 4 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य समेत कुल 8 पदक दर्ज हैं। थाईलैंड 3 स्वर्ण और 1 रजत के साथ 4 पदक लेकर पांचवें पायदान पर है। छठे स्थान पर काबिज हांगकांग (चीन) ने 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य (कुल 8) हासिल किए हैं। चीनी ताइपे 1 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य सहित 6 पदकों के साथ सातवें और मकाऊ (चीन) 1 स्वर्ण और 3 रजत के साथ कुल 4 पदक जीतकर आठवें नंबर पर बना हुआ है।

तालिका में म्यांमार और उज्बेकिस्तान 1 स्वर्ण, 1 रजत तथा 1 कांस्य (3-3 पदक) के साथ संयुक्त नौवें स्थान पर टिके हैं। कुवैत के पास 1 स्वर्ण और 2 कांस्य के साथ 3 पदक हैं और वह 11वें स्थान पर मौजूद है। भारतीय खेमा बिना किसी स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य की बदौलत कुल 6 पदक समेटकर 12वें स्थान पर बना हुआ है। पदकों की शुरुआती रफ्तार उत्साहजनक होने के बावजूद खेल प्रेमियों को अब केवल पहले स्वर्ण पदक का इंतजार है।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का यह प्रदर्शन देश में ओलंपिक खेलों और कॉम्बैट स्पोर्ट्स के प्रति युवाओं और दर्शकों की रुचि को सीधे प्रभावित करेगा।

- **खेल प्रेमियों के लिए:** भारतीय दल की निगाहें अब महिला क्रिकेट टीम के फाइनल मुकाबले और आगामी एथलेटिक्स स्पर्धाओं पर टिकी रहेंगी। दर्शक आने वाले दिनों में पहले स्वर्ण पदक के लिए होने वाले लाइव प्रसारण पर अपनी नजरें बनाए रख सकते हैं।
- **निशानेबाजी के खिलाड़ियों के लिए:** 10 मीटर एयर राइफल में लगातार पदकों से देश में राइफल शूटिंग अकादमियों और आधुनिक उपकरणों की मांग बढ़ेगी। युवा निशानेबाजों को घरेलू स्तर पर अधिक प्रोत्साहन और प्रतियोगिताओं के अवसर प्राप्त होंगे।
- **कॉम्बैट स्पोर्ट्स के उभरते एथलीटों के लिए:** एशियन गेम्स में एमएमए का पहला पदक मिलने से भारत में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को औपचारिक खेल के रूप में मान्यता और वित्तीय सहायता मिलने की राह खुलेगी। निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को नए टूर्नामेंट प्लेटफॉर्म मिलेंगे।
- **प्रशंसकों और दर्शकों के लिए:** पदक तालिका में भारत की वर्तमान 12वीं रैंक शीर्ष 10 में प्रवेश करने की चुनौती को उजागर करती है। आगामी दिनों में होने वाले मुकाबलों में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन राष्ट्रीय गौरव और खेल बजट की प्राथमिकताओं को आकार देगा।

## ऐसा क्यों हुआ
शुरुआती दो दिनों में भारत का पदक तालिका में 12वें स्थान पर रहना निशानेबाजी में मजबूत प्रदर्शन और स्वर्ण पदकों की कमी के संयोजन के कारण हुआ है। वहीं एमएमए में सेमीफाइनल का परिणाम नियमों की तकनीकी बारीक पर निर्भर रहा।

- **निशानेबाजी में निरंतरता:** भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत और टीम दोनों वर्गों में अपनी सटीकता साबित की, लेकिन चीन के ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ की रिकॉर्डतोड़ फॉर्म के कारण स्वर्ण पदक मामूली अंतर से फिसल गया।
- **एमएमए में वजन नियम का प्रभाव:** सुचिका तरियाल का मुकाबला निर्धारित समय तक बराबरी पर समाप्त हुआ था। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार ड्रॉ होने पर उस खिलाड़ी को विजेता माना जाता है जिसका सुबह के सत्र में वजन कम था, और सुचिका का वजन 700 ग्राम अधिक होने के कारण उन्हें पराजय मिली।
- **चीन का एकतरफा दबदबा:** चीनी तैराकों और निशानेबाजों ने कई रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए शुरुआती 48 घंटों में ही 23 स्वर्ण पदक जीत लिए, जिससे अन्य देशों के लिए शीर्ष रैंकिंग पर दबाव बढ़ गया।
- **स्वर्ण पदकों की कमी:** पदक तालिका में रैंकिंग कुल पदकों की बजाय जीते गए स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर तय की जाती है, जिसके चलते चार रजत जीतने के बाद भी भारत 12वें पायदान पर रहा।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियन गेम्स 2026 में दूसरे दिन के अंत तक भारत के पास कुल कितने पदक हैं?
भारत के पास कुल 6 पदक हैं, जिनमें चार रजत और दो कांस्य शामिल हैं।

### 2. पदक तालिका में भारत वर्तमान में किस पायदान पर है?
स्वर्ण पदक न होने के कारण भारत पदक तालिका में 12वें स्थान पर स्थित है।

### 3. पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों ने कौन से पदक जीते?
हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक और रुद्रांक्ष पाटिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

### 4. 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक किसने जीता?
चीन के ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।

### 5. पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में कौन से भारतीय खिलाड़ी शामिल थे?
टीम में हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल और पार्थ माने शामिल थे, जिन्होंने रजत पदक जीता।

### 6. सुचिका तरियाल ने किस खेल में इतिहास रचा?
सुचिका तरियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कांस्य जीतकर एशियन गेम्स में इस खेल का भारत के लिए पहला पदक जीता।

### 7. सुचिका तरियाल सेमीफाइनल में टाई होने के बाद फाइनल में क्यों नहीं पहुंच सकीं?
मुकाबला टाई होने पर सुबह कम वजन वाली खिलाड़ी को विजेता माना जाता है, और सुचिका अपनी प्रतिद्वंद्वी से लगभग 700 ग्राम भारी थीं।

### 8. पदक तालिका में शीर्ष पर कौन सा देश काबिज है?
चीन 23 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 38 पदकों के साथ पहले स्थान पर है।

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