त्रिनिदाद के बॉक्सर को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे नरेंद्र बेरवाल, रजत पक्का कर स्वर्ण पर साधी निगाहें भारतीय मुक्केबाज़ नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में नाइजेल पॉल को 5-0 से पराजित कर फाइनल का टिकट कटा लिया है। इसके साथ ही भारत के नाम कम से कम रजत पदक तय हो गया है। भारतीय मुक्केबाजी के स्टार खिलाड़ी और भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स में सूबेदार नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने पुरुषों की 90+ किलोग्राम भार वर्ग प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले में त्रिनिदाद और टोबैगो के मुक्केबाज़ नाइजेल पॉल को 5-0 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस एकतरफा मुकाबले में सर्वसम्मति से मिली जीत ने भारत के लिए कम से कम एक रजत पदक पक्का कर दिया है, जबकि पूरे देश की उम्मीदें अब स्वर्ण पदक पर टिकी हैं। सेमीफाइनल मुकाबले का पूरा हाल रिंग में उतरते ही नरेंद्र बेरवाल ने शुरुआत से ही अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन किया और मुकाबले पर पूरी तरह से नियंत्रण बना लिया। उनके सटीक पंच और मजबूत डिफेंस तकनीक के आगे त्रिनिदाद और टोबैगो के नाइजेल पॉल बिल्कुल बेबस नज़र आए। पांचों जजों ने भारतीय मुक्केबाज़ के पक्ष में अपना निर्णय दिया, जिससे बेरवाल ने 5-0 की एकतरफा बढ़त के साथ जीत हासिल की। फाइनल में स्कॉटलैंड के मुक्केबाज़ से होगी भिड़ंत गोल्ड मेडल के लिए खेले जाने वाले अंतिम मुकाबले में नरेंद्र बेरवाल की भिड़ंत स्कॉटलैंड के रॉबर्ट मैकनल्टी से होने जा रही है। यह फाइनल मैच यह तय करेगा कि 90+ किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक किसके नाम होगा। अगर भारतीय मुक्केबाज़ इस मुकाबले को जीतने में सफल रहते हैं, तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पदकों की सूची में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा। हालिया दौर में बेरवाल का शानदार रिकॉर्ड नरेंद्र बेरवाल बीते कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से ठीक पहले, जून 2026 में चेक गणराज्य में आयोजित हुए European Cup Gold Grand Prix में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने पेरिस ओलंपियन तथा विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता उज्बेकिस्तान के जाखोंगिर जोकिरोव को पराजित कर अपनी प्रतिभा साबित की थी। हिसार के 'सूबेदार बॉक्सर' का सफर हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले नरेंद्र बेरवाल भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने साल 2010 में बॉक्सिंग के क्षेत्र में कदम रखा था और बाद में भिवानी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में अपनी ट्रेनिंग पूरी की। उनका मुक्केबाजी करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। नरेंद्र बेरवाल के खाते में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक शामिल हैं • 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक • 2022 की एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप का कांस्य पदक • 2023 के एशियन गेम्स का कांस्य पदक • 2025 के विश्व बॉक्सिंग कप का रजत पदक अब भारतीय खेल प्रेमी और पूरा देश इस बात की आस लगाए बैठा है कि यह फौजी बॉक्सर अपने इस विजयी अभियान को फाइनल में भी कायम रखते हुए भारत की झोली में सोने का तमगा डालेगा। इसका आप पर असर भारत में: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का एक और पदक पक्का होने से देश की खेल साख मजबूत हुई है और पदक तालिका में बढ़त मिलेगी। हरियाणा में: हिसार के नरेंद्र बेरवाल की इस उपलब्धि से राज्य के युवा मुक्केबाज़ों और खेल अकादमियों में भारी उत्साह देखने को मिलेगा। सवाल-जवाब 1. नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में किसे हराया? नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में त्रिनिदाद और टोबैगो के मुक्केबाज़ नाइजेल पॉल को 5-0 से हराया। 2. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में नरेंद्र बेरवाल का मुकाबला किससे होगा? फाइनल में नरेंद्र बेरवाल का मुकाबला स्वर्ण पदक के लिए स्कॉटलैंड के रॉबर्ट मैकनल्टी से होगा। 3. नरेंद्र बेरवाल भारतीय सेना में किस पद पर तैनात हैं? नरेंद्र बेरवाल भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। 4. नरेंद्र बेरवाल कहाँ के निवासी हैं और उन्होंने मुक्केबाजी की ट्रेनिंग कहाँ ली? वह हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के भिवानी केंद्र से ट्रेनिंग प्राप्त की है। 5. नरेंद्र बेरवाल के नाम कौन-कौन सी मुख्य खेल उपलब्धियां दर्ज हैं? बेरवाल ने 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2022 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य, 2023 एशियन गेम्स में कांस्य और 2025 विश्व बॉक्सिंग कप में रजत पदक जीता है। प्रेरणा और सबक नरेंद्र बेरवाल के करियर से मिलने वाली सीख: • अनुशासन और निरंतरता: साल 2010 से लगातार मेहनत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना। • चुनौतियों का सामना: विश्व स्तर के पदक विजेताओं को हराकर बड़े मंचों पर अपनी धाक जमाना। • सैनिक भावना: भारतीय सेना की सेवा के साथ खेल के प्रति अटूट समर्पण बनाए रखना। https://trendkia.com/sports/trinidad-ke-boksara-ko-5-0-se-harakara-phainala-men-pahunche-narender-berwal-rajata-pakka-kara-svarna-para-sadhi-nigahen-12613 TrendKia — Har trend, sabse pehle.