# उदयपुरवाटी में राज्य स्तरीय भारोत्तोलन स्पर्धा में पीलीबंगा की तीन छात्राओं ने जीते रजत पदक, स्कूल में जोरदार स्वागत

> झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता में पीलीबंगा की भावना, याचिका और दीपिका ने शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक हासिल किए।

**Type:** article · **Category:** खेल · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/sports/udaipurwati-men-rajya-stariya-bharottolana-spardha-men-pilibanga-ki-tina-chhatraon-ne-jite-rajata-padaka-skula-men-joradara-svagat-42425 · **Language:** Hindi
**Tags:** पीलीबंगा, हनुमानगढ़, वेटलिफ्टिंग, भारोत्तोलन, उदयपुरवाटी, रजत पदक, राजस्थान खेल

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित पीलीबंगा क्षेत्र की बालिकाओं ने खेल के मैदान में असाधारण प्रदर्शन करते हुए पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में संपन्न हुई राज्य स्तरीय खेल स्पर्धाओं के दौरान स्थानीय छात्राओं ने अपनी तकनीकी दक्षता और अनुशासन के बल पर श्रेष्ठता साबित की। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीलीबंगा की छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए रजत पदक अपने नाम किए और विद्यालय सहित संपूर्ण जिले को गौरवान्वित किया।

## उदयपुरवाटी में आयोजित हुई 70वीं राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता
शिक्षा विभाग एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र में 70वीं राज्य स्तरीय भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न हुआ। इस खेल आयोजन में राजस्थान के अनेक जिलों से चयनित शीर्ष महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच पीलीबंगा स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की टीम ने भी मंच पर उतरकर अपनी तकनीकी तैयारी, शारीरिक मजबूती और जबरदस्त एकाग्रता का परिचय दिया। प्रतिस्पर्धी मंच पर खिलाड़ियों ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

## भावना, याचिका और दीपिका ने हासिल किए रजत पदक
इस राज्य स्तरीय महाकुंभ के अलग-अलग भार वर्गों में पीलीबंगा की तीन छात्राओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। विद्यालय की होनहार छात्रा भावना, याचिका और दीपिका ने अपने-अपने तय भार वर्ग में उत्कृष्ट लिफ्टिंग करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किए। इन तीनों खिलाड़ियों ने कड़े अभ्यास और अनुशासन के दम पर यह सफलता प्राप्त की। बड़े स्तर की प्रतिस्पर्धा में मानसिक दबाव को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह साबित किया कि छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी समर्पण के बल पर बड़े मंचों पर अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं। पदक जीतने के समाचार के बाद से ही विद्यालय परिसर और स्थानीय खेल जगत में उत्साह देखा गया।

## पीलीबंगा आगमन पर हुआ अभिनंदन और सम्मान समारोह
राज्य स्तर पर पदक तालिका में जगह बनाकर अपने गृह क्षेत्र पीलीबंगा लौटने पर तीनों खिलाड़ी छात्राओं भावना, याचिका और दीपिका का जोरदार स्वागत किया गया। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों, अभिभावकों तथा क्षेत्र के नागरिकों ने मालाएं पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर तीनों का अभिनंदन किया।

इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन छात्राओं की मेहनत क्षेत्र की अन्य बालिकाओं को भी खेल के क्षेत्र में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शारीरिक शिक्षकों ने विजेता छात्राओं को बधाई दी और उनके सुखद भविष्य की कामना करते हुए आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में और भी बेहतर प्रदर्शन की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया। इस उपलब्धि के बाद पूरे हनुमानगढ़ जिले में खेलप्रेमियों के बीच हर्ष व्याप्त है।

## इसका आप पर असर
सरकारी स्कूलों और ग्रामीण इलाकों की छात्राओं के खेल प्रदर्शन से स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं और बालिका प्रोत्साहन को नया संबल मिलता है।

- **भारत में:** स्कूली और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में छात्राओं का उभार राष्ट्रीय भारोत्तोलन में प्रतिभाओं के नए विकल्प तैयार करता है। इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि की युवा खिलाड़ियों के लिए खेल कोटे और छात्रवृत्ति के अवसर बढ़ते हैं।
- **हनुमानगढ़ और पीलीबंगा में:** राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की तीन छात्राओं की जीत से स्थानीय स्कूलों में खेल प्रशिक्षण पर ध्यान बढ़ेगा। अभिभावक अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों और जिला व राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
- **युवा एथलीटों के लिए:** छोटे कस्बों में अभ्यास करने वाली लड़कियों का आत्मविश्वास मजबूत होता है कि सीमित संसाधनों में भी राज्य स्तर पर पदक जीता जा सकता है। इससे प्रशिक्षण की नियमितता और समर्पण में सुधार देखने को मिलेगा।
- **स्कूल खेल ढांचे पर प्रभाव:** सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों और प्रशासन द्वारा बुनियादी खेल उपकरणों की व्यवस्था को प्राथमिकता मिलने की संभावना बढ़ती है। स्थानीय स्तर पर नई प्रतिभाओं की पहचान और मार्गदर्शन का रास्ता साफ होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह उपलब्धि खेल विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पीलीबंगा की छात्राओं की कड़ी मेहनत और तकनीकी तैयारी के परिणामस्वरूप सामने आई।

- **प्रतियोगिता का आयोजन:** झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में खेल एवं शिक्षा विभाग द्वारा 70वीं राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसने राजस्थान भर के खिलाड़ियों को मंच दिया। इस आयोजन का उद्देश्य जिलों से शीर्ष भारोत्तोलक प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना था।
- **कड़ी मेहनत और तैयारी:** राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीलीबंगा की भावना, याचिका और दीपिका ने अपने-अपने भार वर्गों में लगातार अभ्यास किया। शारीरिक शिक्षकों के मार्गदर्शन और अनुशासन की बदौलत वे राज्य स्तर के दबाव को झेलने में सक्षम रहीं।
- **आगे का लक्ष्य:** राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और रजत पदक प्राप्त करने के बाद अब इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रतियोगिता का आयोजन कहां किया गया था?
यह प्रतियोगिता झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में खेल विभाग और शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित की गई थी।

### 2. यह कौन सी प्रतियोगिता थी?
यह 70वीं राज्य स्तरीय भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) प्रतियोगिता थी।

### 3. पीलीबंगा की किन छात्राओं ने पदक जीते?
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीलीबंगा की छात्रा भावना, याचिका और दीपिका ने पदक जीते।

### 4. छात्राओं ने कौन से पदक हासिल किए?
तीनों छात्राओं ने अपने-अपने भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीते।

### 5. पीलीबंगा लौटने पर छात्राओं का स्वागत कैसे हुआ?
स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर उनका जोरदार स्वागत किया।

## प्रेरणा और सबक
ग्रामीण और छोटे क्षेत्रों की बेटियों ने यह साबित किया कि सीमित साधनों के बावजूद समर्पण और अनुशासन से सफलता हासिल की जा सकती है।

- **लगन और दृढ़ संकल्प:** संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा की सीमा नहीं बन सकती, यदि खिलाड़ी का अभ्यास निरंतर और लक्ष्य स्पष्ट हो।
- **सख्त अनुशासन:** भारोत्तोलन जैसे तकनीक-प्रधान खेल में एकाग्रता और नियमित शारीरिक अभ्यास ही पदक तक पहुंचाता है।
- **सकारात्मक प्रेरणा:** अपनी सफलता से दूसरों के लिए मार्ग प्रशस्त करना और क्षेत्र की अन्य बालिकाओं को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ना सबसे बड़ा सबक है।

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