उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत का कमाल, नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल मध्य प्रदेश की पहलवान प्रियांशी प्रजापत ने रोहतक में आयोजित अंडर-23 सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। अब वे हंगरी में होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली प्रतिभाशाली पहलवान प्रियांशी प्रजापत ने हरियाणा के रोहतक में आयोजित अंडर-23 सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। 10 से 12 जुलाई तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के 50 किलोग्राम भार वर्ग में प्रियांशी ने देशभर से आई बेहतरीन महिला पहलवानों को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की मजबूत खिलाड़ियों को लगातार मात देकर जीत हासिल की। यह जीत इस मायने में ऐतिहासिक है क्योंकि प्रियांशी इस टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाली खिलाड़ी बनी हैं। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सम्मान इस नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की कुल आठ महिला पहलवानों का दल भाग ले रहा है। प्रियांशी की इस अभूतपूर्व सफलता के बाद उनके गृह नगर उज्जैन में उत्सव का माहौल है। उनके पिता और कोच मुकेश पहलवान को खेल जगत के शुभचिंतकों और समर्थकों से बधाई संदेशों का तांता लग गया है। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने प्रियांशी को मंच पर स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। हंगरी में अगला अंतरराष्ट्रीय मिशन नेशनल चैंपियनशिप में मिली इस कामयाबी के तुरंत बाद प्रियांशी का ध्यान अब अपने अगले अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य पर केंद्रित है। वह 14 जुलाई को हंगरी के लिए रवाना होंगी। वहां वे 14 से 21 जुलाई तक आयोजित होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रियांशी की इस तैयारी पर खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी चमक चुका है नाम प्रियांशी प्रजापत के लिए यह पहली बड़ी सफलता नहीं है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी अपना लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने अल्बानिया की राजधानी तिराना में आयोजित विश्व कुश्ती रैंकिंग प्रतियोगिता में भारत के लिए रजत पदक जीता था। उनकी खेल प्रतिभा को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन ने उन्हें राज्य के प्रतिष्ठित एकलव्य पुरस्कार से नवाजा है। इसके अतिरिक्त, वह भारतीय कुश्ती महासंघ की महिला एथलीट समिति की सदस्य के तौर पर भी अपनी भूमिका निभा रही हैं। अधिकारियों और खेल प्रेमियों द्वारा बधाई प्रियांशी की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव, ओलंपियन पप्पू पहलवान यादव, आजाद यादव, अंतू पहलवान, राणा दारा सिंह, राणा प्रमोद सूर्यवंशी, अनु गुर्जर, संदीप राणा और शक्ति नारायण दोसारिया सहित कई खेल हस्तियों ने खुशी व्यक्त की है। सभी ने उनके हंगरी दौरे के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इसका आप पर असर भारत में: इस जीत ने युवा महिला पहलवानों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता के नए रास्ते खोले हैं। मध्य प्रदेश में: राज्य के खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है और यह सरकारी खेल प्रोत्साहन योजनाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का कार्य करेगी। सवाल-जवाब 1. प्रियांशी प्रजापत ने कौन सी चैंपियनशिप जीती? प्रियांशी प्रजापत ने हरियाणा के रोहतक में आयोजित अंडर-23 सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। 2. प्रियांशी ने किस भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता? प्रियांशी ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। 3. प्रियांशी प्रजापत अब आगे कहां खेलने जाएंगी? प्रियांशी अब हंगरी में 14 से 21 जुलाई तक होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। 4. क्या प्रियांशी को पहले भी कोई पुरस्कार मिला है? हां, प्रियांशी को उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के लिए मध्य प्रदेश शासन के प्रतिष्ठित एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रेरणा और सबक • कठोर परिश्रम: प्रियांशी की सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत और विभिन्न राज्यों की मजबूत खिलाड़ियों को हराने का जज्बा है। • कोचिंग और मार्गदर्शन: अपने पिता के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने से उन्हें खेल की बारीकियों को समझने में मदद मिली। • लक्ष्य निर्धारण: एक सफलता के तुरंत बाद अगले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट (हंगरी) के लिए खुद को तैयार करना उनकी एकाग्रता को दर्शाता है। • अनुभव का लाभ: पहले की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव ने उन्हें इस बड़े मंच पर दबाव को झेलने में मदद की। https://trendkia.com/sports/ujjain-ki-priyanshi-prajapat-ka-kamaal-national-kushti-championship-mein-jeeta-gold-medal-6926 TrendKia — Har trend, sabse pehle.