वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में 42 शीर्ष धावकों के बीच खिताबी जंग, हरमनजोत और किरण मात्रे पर निगाहें राजधानी में 18 अक्टूबर को होने वाली 21वीं वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में 42 भारतीय एथलीट हिस्सा ले रहे हैं, जहां रिकॉर्ड तोड़ने पर 1 लाख रुपये का अतिरिक्त इनाम मिलेगा। देश की राजधानी में प्रतिष्ठित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण को लेकर माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है। रविवार, 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के लिए भारतीय इलीट वर्ग के प्रतिभागियों की अंतिम सूची सामने आ गई है। इस बहुप्रतीक्षित दौड़ में देश भर के कुल 42 दिग्गज एथलीट भाग ले रहे हैं, जिनमें 22 पुरुष और 20 महिला धावक शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपनी गति और सहनशक्ति का प्रदर्शन करेंगे। पुरुष वर्ग में हरमनजोत, किरण और कार्तिक के बीच कड़ा मुकाबला पुरुषों की स्पर्धा में इस मर्तबा बेहद कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलने वाला है। टीसीएस वर्ल्ड 10के बेंगलुरु के भारतीय इलीट चैंपियन और 2026 एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम करने वाले हरमनजोत सिंह पहली बार इस रेस के ट्रैक पर नजर आएंगे। अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन में 1 घंटा, 01 मिनट और 46 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाल चुके हरमनजोत इस वर्ग में सबसे तेज धावक हैं, इसलिए उनसे बेहद आक्रामक और उम्दा दौड़ की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, हरमनजोत के लिए यह सफर आसान नहीं रहने वाला है। पिछले साल के उपविजेता किरण मात्रे भी खिताब अपने नाम करने के इरादे से ट्रैक पर उतरेंगे, जिनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 1 घंटा, 04 मिनट और 57 सेकंड रहा है। इन दोनों धावकों के सामने 2026 टाटा मुंबई मैराथन के विजेता डॉ. कार्तिक करकेरा की मजबूत चुनौती खड़ी होगी, जिन्होंने पिछले संस्करण में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। प्रिंस कुमार की वापसी और ट्रैक का रोमांच पुरुषों की इस प्रतिष्ठित दौड़ में उत्तर प्रदेश के ट्रैक स्टार प्रिंस कुमार पर भी सबकी नजरें रहेंगी। लंबे ब्रेक के बाद हाफ मैराथन के मंच पर वापसी कर रहे प्रिंस का हालिया ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने 2025 की ओपन नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों ही स्पर्धाओं में खिताबी जीत दर्ज की थी, जिससे उनकी फिटनेस और रफ्तार का लोहा सभी ने माना था। महिला वर्ग में पूर्व विजेताओं और अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की भिड़ंत महिलाओं के वर्ग में मुकाबला पूर्व चैंपियन एथलीटों के इर्द-गिर्द सिमटता नजर आ रहा है। साल 2024 की विजेता लिली दास और 2023 में खिताब जीतने वाली कविता यादव एक बार फिर पोडियम के शीर्ष पर पहुंचने के लिए जोर आजमाइश करेंगी। इन दोनों स्थापित धाविकाओं को कड़ी टक्कर देने के लिए स्टीपलचेज की राष्ट्रीय स्टार अंकिता ध्यानी मौजूद रहेंगी। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं अंकिता ने साल 2025 में पहली बार हाफ मैराथन में भाग लेते हुए पांचवां स्थान अर्जित किया था। इसके साथ ही 2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाली प्रीति लांबा भी इस दौड़ में पोडियम पर जगह पक्की करने के लिए अपना पूरा दमखम झोंकेंगी। इस प्रकार महिला वर्ग की स्पर्धा बेहद तकनीकी और रणनीतिक साबित होने वाली है। 'प्राइड' प्रोत्साहन योजना और रिकॉर्ड पर अतिरिक्त नकद इनाम आयोजकों ने इस साल लंबी दूरी की दौड़ को अधिक पेशेवर और आकर्षक बनाने के लिए 'प्राइड' नामक एक विशेष व्यवस्था की शुरुआत की है। यह पूरी तरह प्रदर्शन आधारित पुरस्कार तंत्र है, जिसके तहत देश के शीर्ष लंबी दूरी के एथलीटों को सम्मानित करने, उनका उत्साह बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में शीर्ष तीन स्थानों पर रहने वाले धावकों को नकद इनाम से नवाजा जाएगा, जिसमें पहले स्थान के लिए 3.50 लाख रुपये, दूसरे स्थान के लिए 2.50 लाख रुपये और तीसरे स्थान के लिए 1.50 लाख रुपये की राशि तय की गई है। इसके अलावा, यदि कोई भारतीय धावक मौजूदा राष्ट्रीय इलीट रिकॉर्ड को ध्वस्त करता है, तो उसे 1 लाख रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। मौजूदा समय में पुरुष वर्ग का राष्ट्रीय रिकॉर्ड अविनाश साबले के नाम दर्ज है, जिन्होंने साल 2020 में 60 मिनट और 30 सेकंड का समय निकालकर यह कीर्तिमान स्थापित किया था। वहीं महिला वर्ग में यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड एल. सूर्या के पास है, जिन्होंने साल 2017 में 70 मिनट और 31 सेकंड का समय दर्ज किया था। इसका आप पर असर इस आयोजन से देश में लंबी दूरी की दौड़ को नया प्रोत्साहन और ट्रैक एथलीटों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलने वाली है। • भारत में: शीर्ष एथलीटों के लिए नई प्रदर्शन-आधारित 'प्राइड' पुरस्कार प्रणाली से लंबी दूरी के खेल में नए मानक स्थापित होंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले भारतीय धावकों को वित्तीय सुरक्षा और प्रोत्साहन मिलेगा। • दिल्ली में: 18 अक्टूबर को राजधानी की मुख्य सड़कों पर आयोजित होने वाली इस दौड़ के चलते सुबह के समय विशेष ट्रैफिक प्रबंध देखने को मिल सकते हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों को देश के शीर्ष ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सीधे ट्रैक पर देखने का अवसर मिलेगा। • धावकों के लिए: विजेताओं को 3.50 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि और रिकॉर्ड तोड़ने पर 1 लाख रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे उभरते हुए एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड्स को चुनौती देने की सीधी प्रेरणा मिलेगी। • खेल संस्कृति पर: 42 शीर्ष भारतीय एथलीटों की भागीदारी से सड़क दौड़ को लेकर युवाओं में जागरूकता और फिटनेस का माहौल मजबूत होगा। यह आयोजन देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले धावकों के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच तैयार करता है। ऐसा क्यों हुआ वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण का आयोजन शीर्ष भारतीय लंबी दूरी के धावकों को विश्व स्तरीय मंच और वित्तीय प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। • गोल्ड लेबल मानक: यह रेस वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के तहत आती है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भारतीय धावकों की अंतिम सूची तैयार की गई है। इस स्तर की दौड़ से एथलीटों को अपनी आधिकारिक टाइमिंग और रैंकिंग सुधारने का सीधा अवसर मिलता है। • प्रोत्साहन तंत्र की जरूरत: एथलीटों को उत्कृष्ट समय निकालने के लिए प्रेरित करने हेतु आयोजकों ने इस बार 'प्राइड' नामक पुरस्कार व्यवस्था लागू की है। इसका मुख्य कारण लंबी दूरी की दौड़ में शीर्ष भारतीय प्रतिभाओं को उचित सम्मान और वित्तीय सहयोग प्रदान करना है। • रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती: पुरुष वर्ग में 2020 से अविनाश साबले (60:30) और महिला वर्ग में 2017 से एल. सूर्या (70:31) के रिकॉर्ड अटूट हैं। इन पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ने के लिए शीर्ष दावेदारों को आकर्षित करना और अतिरिक्त नकद इनाम देना इस रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। सवाल-जवाब 1. वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 कब आयोजित होगी? यह प्रतिष्ठित रोड रेस रविवार, 18 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होगी। 2. इस रेस में कुल कितने भारतीय इलीट धावक हिस्सा ले रहे हैं? इस दौड़ में कुल 42 शीर्ष भारतीय धावक भाग लेंगे, जिनमें 22 पुरुष और 20 महिला एथलीट शामिल हैं। 3. पुरुष वर्ग में सबसे तेज व्यक्तिगत समय किस धावक का है? हरमनजोत सिंह का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 1:01:46 है, जो पुरुष वर्ग में सबसे तेज है। 4. विजेताओं को कितनी पुरस्कार राशि दी जाएगी? पुरुष और महिला वर्ग में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वालों को क्रमशः 3.50 लाख, 2.50 लाख और 1.50 लाख रुपये मिलेंगे। 5. इलीट रिकॉर्ड तोड़ने पर कितना अतिरिक्त इनाम मिलेगा? नया भारतीय इलीट रिकॉर्ड बनाने वाले धावक को 1 लाख रुपये का अतिरिक्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 6. पुरुष और महिला वर्ग में मौजूदा रिकॉर्ड किन धावकों के नाम हैं? पुरुष वर्ग में अविनाश साबले (60:30, 2020) और महिला वर्ग में एल. सूर्या (70:31, 2017) के नाम रिकॉर्ड है। https://trendkia.com/sports/vedanta-delhi-half-marathon-men-42-shirsha-dhavakon-ke-bicha-khitabi-jnga-harmanjot-aura-kiran-matre-para-nigahen-45983 TrendKia — Har trend, sabse pehle.