वर्ल्ड अंडर-19 बॉक्सिंग में आदित्य का कमाल, खिताबी मुकाबले में पक्की की जगह मोंटेनेग्रो के बुडवा में जारी विश्व मुक्केबाजी अंडर-19 चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। आदित्य ने पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जबकि मेघा श्योकंद ने भी खिताबी मुकाबले में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। नई दिल्ली। मोंटेनेग्रो के बुडवा शहर में आयोजित की जा रही विश्व मुक्केबाजी अंडर-19 चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय दल ने शानदार मुकाबलों के जरिए फाइनल की रेस में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। आदित्य का सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन पुरुषों के 55 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में आदित्य ने अजरबेजान के मुक्केबाज निहात गासिमोव के खिलाफ रिंग में शानदार खेल दिखाया। एशियाई अंडर-19 चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता आदित्य ने रविवार रात को हुए इस मुकाबले के तीनों राउंड में पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा। मुकाबला समाप्त होने के बाद मैच के जजों ने सर्वसम्मति से उनके पक्ष में 5-0 से फैसला सुनाया। इस शानदार जीत के साथ ही वह इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं। अब स्वर्ण पदक के लिए होने वाले खिताबी मुकाबले में उनका कड़ा मुकाबला रूस के इस्लाम मागोमेदोव से होगा। मेघा श्योकंद ने भी फाइनल में बनाई जगह महिला वर्ग में भी भारत की ओर से शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। महिला 80 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल मैच में मेघा श्योकंद ने किर्गिस्तान की खिलाड़ी मेरिम चिनीबेकोवा को मात दी। उन्होंने यह मुकाबला आरएससी यानी रेफरी द्वारा मुकाबला रोके जाने के आधार पर अपने नाम किया और फाइनल में प्रवेश किया। इस बेहतरीन जीत से महिला वर्ग में भी देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीदें पुख्ता हो गई हैं। हर्षिका और प्राची टोकस को मिला कांस्य पदक टूर्नामेंट में कुछ मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना भी करना पड़ा, जिससे देश के खाते में कांस्य पदक आए। रविवार शाम को खेले गए महिला 65 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में हर्षिका ने अमेरिका की मुक्केबाज लॉरिन एलमोर को कड़ी चुनौती दी। हालांकि रोमांचक मुकाबले के अंत में उन्हें 2-3 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा प्राची टोकस को भी महिला 80 किग्रा से अधिक भार वर्ग के सेमीफाइनल मैच में हार मिली, जिसके बाद उन्हें भी कांस्य पदक प्रदान किया गया। सवाल-जवाब 1. विश्व मुक्केबाजी अंडर-19 चैंपियनशिप का आयोजन कहां किया जा रहा है? इस प्रतियोगिता का आयोजन मोंटेनेग्रो के बुडवा में किया जा रहा है। 2. आदित्य ने किस वर्ग के फाइनल में जगह बनाई है? आदित्य ने पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में अजरबेजान के निहात गासिमोव को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। 3. स्वर्ण पदक के मुकाबले में आदित्य का सामना किससे होगा? स्वर्ण पदक के मुकाबले में आदित्य का सामना रूस के इस्लाम मागोमेदोव से होगा। 4. मेघा श्योकंद ने किस वर्ग और प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीत हासिल की? मेघा श्योकंद ने महिला 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में किर्गिस्तान की मेरिम चिनीबेकोवा को हराया। 5. हर्षिका और प्राची टोकस को कौन सा पदक मिला है? हर्षिका और प्राची टोकस दोनों को अपने-अपने मुकाबलों में हार के बाद कांस्य पदक मिला है। प्रेरणा और सबक आदित्य और मेघा श्योकंद की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है। • कठिन परिश्रम: नियमित अभ्यास और अनुशासन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है। • संघर्ष का सामना: हार के बावजूद कांस्य पदक जीतने वाली खिलाड़ियों ने दिखाया कि मैदान पर अंत तक मुकाबला करना जरूरी है। • देश का नाम रोशन करना: उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है। https://trendkia.com/sports/world-u-19-boxing-mein-aditya-ka-kamal-khitaabi-muqable-mein-pakki-ki-jagah-52045 TrendKia — Har trend, sabse pehle.