# डिजिटल स्क्रीन की तन्हाई मिटाने के लिए ऑफलाइन मेलजोल पर दांव लगा रहे हैं सफल उद्यमी

> मिरर और वॉकर एंड कंपनी जैसे मशहूर ब्रांड्स के संस्थापकों ने लोगों को वास्तविक जिंदगी में एक साथ लाने के लिए नए ऑफलाइन स्टार्टअप्स पर काम शुरू किया है।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/dijitala-skrina-ki-tanhai-mitane-ke-lie-phalaina-melajola-para-danva-laga-rahe-hain-saphala-udyami-35693 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्टार्टअप्स, ब्रिन पुटनम, ट्रिस्टन वॉकर, हेअरलोम क्राफ्ट, बोर्ड, सोशल कनेक्शन, उद्यमिता

व्यावसायिक दुनिया में कई जाने-माने उद्यमी, जिन्होंने पहले डिजिटल और उपभोक्ता ब्रांड बनाकर बड़ी सफलता हासिल की थी, अब एक बिल्कुल नई दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ब्रिन पुटनम और ट्रिस्टन वॉकर ऐसे दो प्रमुख नाम हैं, जिन्होंने पहले बेहद सफल कंपनियां खड़ी कीं और बाद में उन्हें बड़ी दिग्गज कंपनियों को बेच दिया। एक समय बैलेरीना रहीं और बुटीक स्टूडियो चलाने वाली ब्रिन पुटनम ने कनेक्टेड-फिटनेस स्टार्टअप मिरर की स्थापना की थी, जिसे तीन साल के भीतर लुलुलेमन ने 50 करोड़ डॉलर के नकद सौदे में खरीद लिया था। दूसरी तरफ ट्रिस्टन वॉकर ने, जिन्होंने स्टैनफोर्ड बिजनेस स्कूल के दौरान ट्विटर में इंटर्नशिप की थी, पुरुषों के ग्रूमिंग ब्रांड वॉकर एंड कंपनी ब्रांड्स की नींव रखी थी। पांच साल बाद प्रॉक्टर एंड गैंबल ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया था, जिसकी कीमत सार्वजनिक नहीं की गई थी लेकिन यह करीब 2 करोड़ से 4 करोड़ डॉलर के बीच मानी गई थी। अब ये दोनों उद्यमी नए स्टार्टअप्स के जरिए एक साझा मकसद पर काम कर रहे हैं, जो लोगों को एक कमरे में आमने-सामने बिठाकर जोड़ने से जुड़ा है।

## स्क्रीन से हटकर एक मेज पर जुड़ने की नई पहल
ब्रिन पुटनम की नई कंपनी बोर्ड ने 24 इंच का एक विशेष टचस्क्रीन टेबल तैयार किया है। यह टेबल केवल उंगलियों के इशारे ही नहीं पहचानता, बल्कि उस पर रखे गए वास्तविक खेल के टुकड़ों को भी सटीक रूप से भांप लेता है। इस उपकरण की रूपरेखा इस तरह बनाई गई है कि एक अकेला व्यक्ति स्क्रीन देखने के बजाय पूरा समूह मेज के चारों तरफ बैठकर एक साथ समय बिता सके। यह प्रयोग पारंपरिक गेमिंग डिवाइसों से काफी अलग है, जहां अक्सर लोग अलग-अलग स्क्रीन पर अकेले खेलते हैं।

दूसरी ओर, ट्रिस्टन वॉकर का नया उपक्रम हेअरलोम क्राफ्ट पारंपरिक दस्तकारी और शिल्पकला सिखाने वाले उत्कृष्ट संस्थानों का अधिग्रहण कर उनका विस्तार कर रहा है। इसकी शुरुआत सैन फ्रांसिस्को में स्थित एक चमड़ा शिल्प विद्यालय से हुई, जिसे एरमेस के पहले अमेरिकी कारीगर-राजदूत ने स्थापित किया था। इसके अलावा वॉकर कोलाबोरेटिव होल्डिंग्स का संचालन भी कर रहे हैं, जिसे वेंचर फर्म कोलाबोरेटिव फंड ने इसलिए तैयार किया ताकि संस्थापकों को अपना व्यवसाय खड़ा करने के लिए अधिक समय मिल सके।

## डिजिटल दूरी और अकेलेपन की वैश्विक चुनौती
पहली नजर में टचस्क्रीन गेमिंग टेबल और चमड़ा शिल्पकला का स्कूल एक जैसे नहीं दिखते, लेकिन दोनों ही उपक्रम उस खाई को पाटने का प्रयास कर रहे हैं जो बीते दशकों में लगातार स्क्रीन आधारित जीवनशैली से पैदा हुई है। दोनों संस्थापकों का मानना है कि लोगों के बीच घटते आपसी संपर्क को दोबारा जीवित करने में बड़ा व्यावसायिक अवसर छिपा है।

यह बदलाव ऐसे समय में सामने आ रहा है जब अकेलापन एक बड़ा संकट बन चुका है। पिछले साल जून में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सामाजिक जुड़ाव आयोग ने अकेलेपन को एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती घोषित किया था। संगठन के अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में हर छह में से एक व्यक्ति इससे प्रभावित है और हर साल लगभग 8,70,000 मौतें किसी न किसी रूप में इस स्थिति से जुड़ी पाई गई हैं।

लोगों की प्राथमिकताओं में भी बदलाव देखा जा रहा है। मैरियट बॉनवॉय द्वारा प्रायोजित हैरिस पोल के एक सर्वेक्षण में दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों ने बताया कि वे इस साल भौतिक वस्तुएं खरीदने के बजाय यात्रा और वास्तविक अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। उसी सर्वेक्षण में इतने ही लोगों का कहना था कि आजकल की खुदरा खरीदारी बेहद उबाऊ और एक जैसी लगने लगी है, जहां सभी दुकानें एक जैसी नजर आती हैं।

## सामुदायिक जुड़ाव पर काम कर रहे अन्य प्रमुख उद्यमी
इस दिशा में अमेरिका के पूर्वी तट से जुड़े कई अन्य जाने-माने संस्थापक भी सक्रिय हैं। इनमें बोनोबोस के संस्थापक एंडी डन और द विंग की ऑड्रे जेलमैन शामिल हैं। एंडी डन का पांच साल पुराना स्टार्टअप पाई पहले दोस्तों को मिलाने वाले ऐप और इवेंट खोजने वाले टूल के रूप में शुरू हुआ था। अब यह एक सोशल लाइफ ऑपरेटिंग सिस्टम बन चुका है, जिसका मुख्य आधार कम्युनिटी होम्स है। यह रनिंग क्लब या खेल देखने वाले समूहों जैसे नियमित सामाजिक आयोजनों के लिए एक स्थायी डिजिटल मंच उपलब्ध कराता है।

ऑड्रे जेलमैन भी नए सिरे से लोगों को वास्तविक दुनिया में जोड़ रही हैं। उनकी पुरानी कंपनी द विंग महिलाओं को एक साथ लाने के विचार पर बनी थी, जो महामारी के दौरान अपने कर्मचारियों के साथ असमान व्यवहार के आरोपों के बीच बंद हो गई थी। अब जेलमैन ने हडसन वैली में सिक्स बेल्स कंट्रीसाइड इन नाम से 11 कमरों का गेस्टहाउस शुरू किया है। यहां हर महीने एक मर्डर मिस्ट्री डिनर आयोजित किया जाता है, जिसमें पेशेवर कलाकार मेहमानों के बीच शामिल होते हैं और रात के खाने तक कहानी के अनुसार किसी की मौत का नाटक रचा जाता है। यह खेल भले ही अनोखा लगे, लेकिन आगंतुकों पर इसका गहरा सामाजिक प्रभाव पड़ता है और लोग देर रात तक अजनबियों से बातें करते हुए संपर्क साझा करते हैं।

## व्यक्तिगत अनुभवों से उपजी नई सोच
न्यूयॉर्क के वेस्ट विलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में ब्रिन पुटनम ने स्पष्ट किया कि उनका पुराना उद्यम मिरर उनके निजी जीवन के अनुभवों पर आधारित था। जब वह अपने पहले बच्चे के साथ गर्भवती थीं और फिटनेस स्टूडियो चला रही थीं, तब उन्होंने घर पर स्क्रीन के माध्यम से व्यायाम का अनुभव देने के लिए तकनीक का सहारा लिया था। उस समय का ध्यान खुद की फिटनेस, शरीर और अपनी छवि पर केंद्रित था।

इसके उलट, बोर्ड की रूपरेखा बिल्कुल विपरीत सोच पर बनी है। पांच बच्चों की मां बनने के बाद पुटनम का परिवार तीन से बढ़कर सात सदस्यों का हो गया। उन्होंने पाया कि बाजार में ऐसा कोई साधन नहीं था जहां अलग-अलग उम्र और क्षमताओं के लोग एक साथ मिलकर खेल सकें। पारंपरिक कंसोल गेमिंग में जटिल बटन और जॉयस्टिक होते हैं, जिन्हें छोटे बच्चे या बुजुर्ग आसानी से नहीं संभाल पाते। इसी समस्या के समाधान के लिए बोर्ड का टचस्क्रीन तैयार किया गया, जो भौतिक खिलौनों जैसे किसी खिलौना अंतरिक्ष यान या चाकू के मॉडल को सतह पर रखने मात्र से खेल की गतिविधियां शुरू कर देता है। इससे बिना किसी तकनीकी झंझट के एक बच्चा और उसके दादा-दादी साथ खेल सकते हैं।

ट्रिस्टन वॉकर की प्रेरणा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर उनकी चिंताओं से जुड़ी है। उनका मानना है कि एआई बौद्धिक कार्यों पर कब्जा कर रहा है और लोगों को एक-दूसरे से दूर ले जा रहा है। वॉकर का तर्क है कि अमेरिका में पिछले 50 वर्षों से घड़ीसाजी, इत्र निर्माण और चमड़ा शिल्प जैसे क्षेत्रों में उस्ताद से शागिर्द तक कौशल पहुंचाने की परंपरा कमजोर पड़ गई है। उत्पादन को विदेशों में भेजने और हाथों से किए जाने वाले काम की प्रतिष्ठा घटने के कारण अप्रेंटिसशिप को केवल उन लोगों का विकल्प मान लिया गया जो चार साल की कॉलेज डिग्री हासिल नहीं कर पाते थे।

हेअरलोम इस पुरानी धारणा के टूटने पर दांव लगा रहा है। वॉकर के अनुसार, जेन जी और जेन अल्फा पीढ़ी के लगभग आधे युवा अब चार साल की पारंपरिक कॉलेज डिग्री नहीं लेना चाहते। इसका प्रमाण हेअरलोम के सैन फ्रांसिस्को केंद्र पर भी दिखाई दे रहा है, जहां आधी से ज्यादा सीटें करियर बदलने वालों या सेवानिवृत्त लोगों की जगह उन युवा टेक कर्मचारियों से भरी हैं जो फोन से दूर रहकर रचनात्मक काम सीखना चाहते हैं।

## पूंजी जुटाने की स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
इस क्षेत्र में कदम रख रहे स्टार्टअप्स के लिए जुटाई जा रही फंडिंग तकनीक की तुलना में अभी सीमित स्तर पर है। बोर्ड ने तीन साल के सफर में निवेशकों से 3.5 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई है। पाई ने 2.4 करोड़ डॉलर और सिक्स बेल्स ने लगभग 38 लाख डॉलर जुटाए हैं, जबकि 11 महीने पहले शुरू हुए हेअरलोम ने अभी तक अपनी फंडिंग का आंकड़ा साझा नहीं किया है।

इस दायरे में सबसे बड़ा अपवाद वीवर्क के सह-संस्थापक एडम न्यूमैन का आवासीय रियल एस्टेट उपक्रम फ्लो है। यह कंपनी भी लोगों को वास्तविक स्थानों में लाकर अकेलापन दूर करने की अवधारणा पर आधारित है। फ्लो ने आंद्रीसेन होरोविट्ज़ जैसे निवेशकों से 45 करोड़ डॉलर से अधिक की पूंजी जुटाई है, जो इस क्षेत्र के अन्य सभी नए स्टार्टअप्स के कुल निवेश से कहीं ज्यादा है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या लोगों को ऑफलाइन एक साथ लाने का यह प्रयास एक बड़ा स्वतंत्र निवेश क्षेत्र बन पाता है। अजनबियों को वास्तविक जीवन में एक साथ जोड़ने का काम समाज के लिए जितना लाभकारी हो, इसका विस्तार करना केवल सॉफ्टवेयर जारी करने जितना आसान नहीं है। फिर भी, इन कंपनियों को आगे बढ़ाने वाले सभी उद्यमी पहले भी बड़े ब्रांड स्थापित कर चुके हैं, जिससे निवेशकों को उनकी क्षमता पर भरोसा है।

## इसका आप पर असर
स्क्रीन और सोशल मीडिया की अत्यधिक निर्भरता से जूझ रहे लोगों के लिए यह बदलाव वास्तविक दुनिया में नए सामाजिक विकल्प खोल रहा है।

- **दैनिक दिनचर्या पर असर:** डिजिटल उपकरणों से दूर होकर लोग अब ऐसे शारीरिक और व्यावहारिक विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जहां स्क्रीन के बिना समय बिताया जा सके। इससे रोजमर्रा के जीवन में फोन पर बिताया जाने वाला समय कम करने और वास्तविक मेलजोल बढ़ाने का सीधा रास्ता मिल सकता है।
- **कौशल और शिक्षा का नया रुख:** पारंपरिक चार साल की डिग्री के बजाय युवा पीढ़ी हस्तशिल्प और रचनात्मक कलाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण की तरफ बढ़ रही है। यदि आप भी किसी पारंपरिक कला या कौशल को सीखना चाहते हैं, तो आधुनिक कार्यशालाएं अब एक व्यवहार्य शौक और करियर विकल्प बन रही हैं।
- **पारिवारिक मनोरंजन में बदलाव:** अलग-अलग पीढ़ियों के लोग जटिल गेमिंग कंसोल के बजाय स्पर्श-आधारित आसान बोर्ड गेम्स के जरिए एक साथ बैठ सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि बच्चे और बुजुर्ग बिना किसी तकनीकी बाधा के एक ही मेज पर सामूहिक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
- **अकेलेपन और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार:** सामाजिक दूरी को पाटने वाले ये मंच लोगों को वास्तविक मित्रों और पड़ोसियों से जुड़ने का सुरक्षित माहौल प्रदान करते हैं। ऐसे स्थानीय क्लबों या आयोजनों में भाग लेने से डिजिटल अलगाव और उससे जुड़ी मानसिक थकान से राहत पाई जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम और डिजिटल निर्भरता ने समाज में अकेलेपन की समस्या को गंभीर बना दिया है। तकनीकी कंपनियों द्वारा दशकों से अकेले उपभोग को बढ़ावा देने के बाद अब उपभोक्ता और सफल संस्थापक दोनों ही वास्तविक मानवीय संपर्क की कमी महसूस कर रहे हैं।

- **अकेलेपन का बढ़ता संकट:** वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों द्वारा अकेलेपन को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के रूप में चिन्हित करने के बाद समाज में आपसी मेलजोल की आवश्यकता तेजी से महसूस की गई। वर्षों से सामाजिक जीवन के डिजिटल होने से लोग आपस में बातचीत करने के बावजूद भीतर से अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।
- **एआई और ऑटोमेशन की चिंता:** कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रसार से बौद्धिक कार्यों के प्रभावित होने का डर बढ़ा है, जिससे लोग मानवीय हाथों से किए जाने वाले ठोस शिल्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं। संस्थापक पारंपरिक कौशल और आमने-सामने सीखने की प्रक्रिया को पुनर्जीवित कर इस डर का मुकाबला कर रहे हैं।
- **उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव:** आधुनिक खरीदार निर्जीव सामान और एक जैसे दिखने वाले खुदरा बाजारों से ऊबकर वास्तविक अनुभवों और यात्राओं को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं। इस रुझान ने उद्यमियों को ऐसे उत्पाद और सेवाएं बनाने के लिए प्रेरित किया है जो साझा अनुभवों पर टिके हों।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिन पुटनम और ट्रिस्टन वॉकर कौन हैं?
ब्रिन पुटनम फिटनेस प्लेटफॉर्म मिरर की संस्थापक हैं, जिसे उन्होंने लुलुलेमन को बेचा था, जबकि ट्रिस्टन वॉकर ने ग्रूमिंग ब्रांड वॉकर एंड कंपनी बनाकर प्रॉक्टर एंड गैंबल को बेचा था।

### 2. ब्रिन पुटनम का नया स्टार्टअप बोर्ड क्या उत्पाद बनाता है?
बोर्ड 24 इंच का एक टचस्क्रीन टेबल बनाता है जो भौतिक खेल के टुकड़ों और हाथों के इशारों को पहचानता है, जिससे पूरा परिवार एक साथ बैठकर खेल सके।

### 3. ट्रिस्टन वॉकर के नए उपक्रम हेअरलोम क्राफ्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
हेअरलोम क्राफ्ट पारंपरिक शिल्प विद्यालयों का अधिग्रहण और विस्तार करता है, जिसकी शुरुआत सैन फ्रांसिस्को के एक चमड़ा शिल्प संस्थान से हुई है।

### 4. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अकेलेपन को लेकर क्या चेतावनी जारी की है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अकेलेपन को एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती घोषित किया है, जिससे दुनिया भर में हर छह में से एक व्यक्ति प्रभावित है और सालाना करीब 8,70,000 मौतें जुड़ी हैं।

### 5. ऑड्रे जेलमैन का सिक्स बेल्स कंट्रीसाइड इन क्या अनूठा अनुभव कराता है?
यह गेस्टहाउस हर महीने मर्डर मिस्ट्री डिनर का आयोजन करता है, जहां अभिनेता मेहमानों के बीच घुलमिल जाते हैं और लोग देर रात तक एक-दूसरे से जुड़ते हैं।

### 6. इस क्षेत्र में एडम न्यूमैन की कंपनी फ्लो को कितना निवेश मिला है?
एडम न्यूमैन के आवासीय उपक्रम फ्लो ने अकेले 45 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश जुटाया है, जिसमें आंद्रीसेन होरोविट्ज़ प्रमुख निवेशक हैं।

## प्रेरणा और सबक
सफल उद्यमियों द्वारा अपने व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक चुनौतियों को नए व्यवसायों में बदलना यह सिखाता है कि सफलता के बाद भी सार्थक बदलाव की दिशा में कैसे काम किया जा सकता है।

- **समस्या को व्यक्तिगत जीवन से पहचानें:** ब्रिन पुटनम ने अपने बढ़ते परिवार में मनोरंजन की कमी देखकर नई तकनीक की दिशा तय की। जीवन की रोजमर्रा की चुनौतियों को ध्यान से देखकर ही सबसे उपयोगी और प्रभावशाली समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
- **पारंपरिक हुनर को आधुनिक पहचान दें:** ट्रिस्टन वॉकर ने मशीनी दौर में हाथों के काम और पुरानी कारीगरी के महत्व को समझा और उसे नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बनाया। पुरानी परंपराओं और कलाओं को आधुनिक संदर्भ में ढालकर नई संभावनाएं बनाई जा सकती हैं।
- **ट्रेंड के विपरीत सोचने का साहस रखें:** जब पूरी दुनिया डिजिटल स्क्रीन और वर्चुअल दुनिया के पीछे भाग रही है, तब इन संस्थापकों ने लोगों को ऑफलाइन जोड़ने पर दांव लगाया। भीड़ से अलग हटकर वास्तविक मानवीय जरूरतों को समझना ही सच्ची उद्यमिता की पहचान है।

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